Bangladesh Northeast Remark: बांग्लादेश ने पूर्वोत्तर को लेकर उगला जहर,भारत ने दिखाई सख्ती, ढाका को दी चेतावनी
Bangladesh Northeast Remark: भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। असम और पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर बांग्लादेश की ओर से दिए जा रहे भड़काऊ बयानों के बाद भारत ने सख्त कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश के हाई-कमिश्नर मोहम्मद रियाज हमीदुल्लाह को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
भारत ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा और पूर्वोत्तर के सात राज्यों-अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा, यानी 'सेवन सिस्टर्स' को लेकर बांग्लादेशी नेताओं की बयानबाजी पर गहरी नाराजगी जताई।

'सेवन सिस्टर्स' को लेकर बांग्लादेश ने क्या कहा?
बांग्लादेश की नई नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक सभा में भारत के खिलाफ जहर उगला है। उन्होंने कहा कि ढाका भारत विरोधी और अलगाववादी ताकतों को शरण दे सकता है और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग करने में मदद कर सकता है। इस बयान पर सभा में मौजूद कुछ लोगों ने तालियां भी बजाईं।
भारत पहले भी आरोप लगाता रहा है कि 1990 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में पूर्वोत्तर भारत के कुछ उग्रवादी समूहों ने बांग्लादेश को ठिकाने, आवाजाही और मदद के लिए इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, कुछ इस्लामिक चरमपंथी संगठनों की गतिविधियों को लेकर भी भारत ने समय-समय पर चिंता जताई है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव
हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखा गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत पर आरोप लगाए हैं कि भारतीय धरती से बांग्लादेश विरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने कभी भी अपनी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश के खिलाफ नहीं होने दिया। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और छात्र आंदोलनों के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव और बढ़ गया। शेख हसीना के भारत आने के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तल्खी तेज हुई है।
हिमंता सरमा ने क्या कहा?
सीएम हिमंता सरमा ने हसनात अब्दुल्ला के बयान के मद्देनजर बांग्लादेश को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य भौगोलिक रूप से संवेदनशील हैं क्योंकि वे संकरी सिलिगुड़ी गलियारे पर निर्भर हैं। इसे आमतौर पर 'चिकन नेक' कहा जाता है, जो भारत के मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर से जोड़ता है।
हिमंता सरमा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि बांग्लादेश के पास भी दो "चिकन नेक" गलियारे हैं, जो भारत की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील हैं। उन्होंने विस्तार से बताया 80 किलोमीटर लंबा नॉर्थ बांग्लादेश कॉरिडोर - यह ढाकिन दीनाजपुर से साउथ वेस्ट गारो हिल्स तक फैला है। यदि इस मार्ग में व्यवधान आए, तो पूरी रंगपुर डिवीजन बांग्लादेश के बाकी हिस्सों से कट जाएगी।
28 किलोमीटर लंबा चिट्टागाँव कॉरिडोर - यह दक्षिण त्रिपुरा से बंगाल की खाड़ी तक फैला है और बांग्लादेश के आर्थिक और राजनीतिक केंद्र को जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है। सीएम ने कहा कि ये दोनों गलियारियाँ अत्यधिक संवेदनशील हैं और किसी भी तरह की अस्थिरता या हेरफेर से बांग्लादेश स्वयं प्रभावित हो सकता है।
भारत ने दी सख्त चेतावनी
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की अलगाववादी या भारत विरोधी कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत ने बांग्लादेश से कहा कि वह वहां मौजूद भारतीय मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और अपने कूटनीतिक दायित्वों का पालन करे।
पूर्वोत्तर के महत्व और 'चिकन नेक' की रणनीतिक संवेदनशीलता के कारण भारत इस क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है। ऐसे में यह बयान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












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