Bangladesh: हिंदू युवक की पीट- पीटकर हत्या, शव को नंगा किया फिर पेड़ से टांगकर लगाई आग, FIR दर्ज नहीं
Bangladesh: मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुस्साई भीड़ ने पहले युवक को पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी। यह दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार रात भालुका उपजिला के स्क्वायर मास्टर बारी दुबालिया पारा इलाके में हुई।
रोजगार के लिए आया था दीपू चंद्र दास
पुलिस ने मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की है। वह इलाके की एक स्थानीय कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था और किराए के मकान में रहता था। दीपू अपने परिवार से दूर यहां रोज़गार के लिए रह रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल फैल गया।

पुलिस का बयान: रात 9 बजे हुई घटना
भालुका थाने के ड्यूटी अधिकारी रिपन मिया ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे भीड़ ने दीपू चंद्र दास को पकड़ लिया। आरोप लगाया गया कि उसने पैगंबर के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसी आरोप के बाद लोगों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद भीड़ ने उसके शव को आग के हवाले कर दिया।
🚨Horrific Lynching in Bangladesh:
A Hindu youth, Dipu Chandra Das, was lynched in public tonight on the highway in Dubaliapara, Bhaluka Upazila of Mymensingh, over alleged religious insult.😢 #Dhaka #Bangladesh #Bhaluka #DhakaUniversity pic.twitter.com/CTQ50oo7hh
— Fauzii (@fauzdar15) December 18, 2025
पुलिस बल की तैनाती
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को किसी तरह काबू में लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपू चंद्र दास के शव को मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया गया है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात और न बिगड़ें।
मामला नहीं हुआ दर्ज
ड्यूटी अधिकारी रिपन मिया ने कहा कि पुलिस मृतक के परिजनों की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया, "अगर उसके रिश्तेदार सामने आते हैं और शिकायत दर्ज कराते हैं, तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।" फिलहाल खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
देश में चल रही हिंसा के बीच सामने आई घटना
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब बांग्लादेश पहले से ही हिंसा और अशांति के दौर से गुजर रहा है। हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में हालात बिगड़े हुए हैं। हादी को पिछले हफ्ते सिर में गोली लगी थी और सिंगापुर के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
हादी की मौत के बाद भड़के प्रदर्शन
हादी की मौत के बाद ढाका और दूसरे शहरों में "न्याय" की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। इस दौरान हिंसा भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने देश के दो बड़े अखबारों-'डेली स्टार' और 'प्रथम आलो'-के दफ्तरों में आग लगा दी।
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