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बच्चा बनाने वाली फैक्ट्री को पहली बार देखिए, जानिए क्या है 'बेबी पॉड', दुनिया का पहला कृत्रिम गर्भ?

एक्सपर्ट का कहना है, कि अगर नैतिकता के सवाल को हटा दिया जाए, तो अगले 15 सालों में कृत्रिम गर्भ से बच्चों का निर्माण पूरी दुनिया में शुरू हो जाएगा और ये काफी सुरक्षित और दर्दरहित टेक्नोलॉजी है।

Baby in a Pod: क्या आपने कभी किसी फैक्ट्री जैसे माहौल में बच्चे के 'उत्पादन' की कल्पना की है? 1999 में आई हॉलीवुड की फिल्म मैट्रिक्स में इंसानों के निर्माण का एक दृश्य दिखाया गया था, जिसमें दिखाया गया था, कि इंसान फैक्ट्री में बन रहे हैं। लेकिन, अब ये कल्पना हकीकत का रूप ले सकती है और दुनिया में पहली बार बच्चा बनाने वाली फैक्ट्री का निर्माण करने को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस फैक्ट्री में बच्चों का निर्माण किया जाएगा और इस वीडियो में भविष्य से संबंधित कई बातें की गई हैं।

"दुनिया की पहली कृत्रिम गर्भ सुविधा"

कल्पना की गई है, कि बच्चा बनाने वाली फैक्ट्री से उन मां-बाप को बच्चा मिल सकता है, जिनके बच्चे नहीं हैं और EctoLife, "दुनिया की पहली कृत्रिम गर्भ सुविधा" देने की फैक्ट्री बन सकती है। हालांकि, अभी के लिए सिर्फ एक अवधारणा है, जो माता-पिता को अनुकूलित बच्चे पैदा करने का एक तरीका प्रदान करती है। EctoLife वेबसाइट के मुताबिक, यह अवधारणा बर्लिन स्थित हाशम अल-घाइली के दिमाग की उपज है, जो एक निर्माता, फिल्म निर्माता और विज्ञान के जानकार और " आणविक जीवविज्ञानी" हैं। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है, कि आखिर 'कृत्रिम गर्भ सुविधा' क्या है? इसकी विशेषताएं क्या हैं और EctoLife की आवश्यकता क्यों है?

एक्टोलाइफ क्या है?

एक्टोलाइफ क्या है?

हाशम अल-घाइली कहते हैं कि, एक्टोलाइफ की अवधारणा दुनिया भर के शोधकर्ताओं द्वारा पचास वर्षों के "अभूतपूर्व वैज्ञानिक अनुसंधान" पर आधारित है। उन्होंने कहा कि, यह बिल्कुल एक प्रयोगशाला की तरह होगा, जिसमें बच्चों का निर्माण किया जाएगा और एक पारदर्शी "ग्रोथ पॉड्स" में एक साल में करीब 30,000 बच्चों को विकसित किया जाएगा। एक्टोलाइफ सुविधा, नवीकरणनीय ऊर्जा पर काम केगी और ऐसे 75 प्रयोगशालाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। एक प्रयोगशाला में 400 ग्रोछ पॉड यानि कृत्रिम गर्भाशय रखे जाएंगे, जिनसे बच्चों का उत्पादन किया जाएगा। इन पॉड्स को मां के गर्भ में मौजूद वातावरण के समान वातावरण प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

बच्चे के विकास को किया जाएगा मॉनीटर

बच्चे के विकास को किया जाएगा मॉनीटर

यूके के मेट्रो न्यूजपेपर के मुताबिक, माता-पिता पॉड्स पर एक स्क्रीन के माध्यम से अपने बच्चे के विकास और उसकी वृद्धि पर नजर रख सकते हैं, जो वास्तविक समय के डेटा को प्रदर्शित करता है। फोन पर एक ऐप के जरिए भी इस डेटा पर नजर रखी जा सकती है। रिपोर्ट में अल-घाइली के हवाले से कहा गया है कि, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली आपके बच्चे की शारीरिक विशेषताओं पर भी नजर रखती है और किसी भी संभावित आनुवंशिक असामान्यताओं की रिपोर्ट करती है।" उन्होंने कहा कि, प्रसव के समय, बच्चे को "एक बटन के जरिए हल्का धक्का देकर" उस फली से निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि, "एक्टोलाइफ आपको एक सुरक्षित, दर्द-मुक्त बच्चा पैदा करने का विकल्प प्रदान करता है, जो आपको बिना तनाव के अपने बच्चे को जन्म देने में मदद करता है।" उन्होंने कहा कि, "कृत्रिम गर्भ से एमनियोटिक लिक्विड के बहने के बाद आप अपने बच्चे को ग्रोथ पॉड से आसानी से निकाल पाएंगे।"

कैसा होगा कृत्रिम गर्भ?

कैसा होगा कृत्रिम गर्भ?

मिरर डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-घाइली का मानना है कि अगर नैतिक प्रतिबंध हटा दिए जाएं तो कृत्रिम गर्भ सुविधाएं 10 साल में हकीकत बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि, "ये कंसेप्ट 100 प्रतिशत विज्ञान पर आधारित है, जिसे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा पहले ही हासिल कर ली गई है।" उन्होंने कहा कि, अब बस "सभी सुविधाओं को एक डिवाइस में मिलाकर एक प्रोटोटाइप बनाना बाकी है।" उनका कहना है कि एक बार नैतिक बाधाओं में ढील मिलने के बाद, लोग निकट भविष्य में काफी तेजी के साथ इस टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए इच्छुक हो सकते हैं। उन्होंने कहा,"अगर इन नैतिक प्रतिबंधों में ढील दी जाती है, तो मैं इसे 10 से 15 साल पहले एक्टोलाइफ को हर जगह व्यापक रूप से इस्तेमाल करने की भविष्यवाणी करता हूं।"

अपनी पंसद के मुताबिक बच्चों का निर्माण

अपनी पंसद के मुताबिक बच्चों का निर्माण

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के निर्माण को लेकर अलग अलग पैकेज हो सकता है और एक 'एलीट पैकेज' लोगों को "कृत्रिम गर्भ में प्रत्यारोपित करने से पहले भ्रूण को आनुवंशिक रूप से इंजीनियर करने" की अनुमति देगा। यानि, माता-पिता अपने बच्चे की बुद्धि, लंबाई, उसके बाल, आंखों का रंग, शारीरिक शक्ति और त्वचा की टोन का भी चयन कर सकते हैं। इसके साथ ही 'एलीट पैकेज' माता-पिता को "किसी भी विरासत में मिली आनुवांशिक बीमारियों को ठीक करने" में भी मदद करेगा। यानि, अगर माता-पिता किसी आनुवंशिक बीमारी से ग्रसित हैं, तो कृत्रिम गर्भ में पलने वाले बच्चे से उस आनुवंशिक बीमारी को हटाया जा सकता है।

कृत्रिम गर्भ की आवश्यकता है?

इंट्रेस्टिंग इंजीनियरिंग (आईई) के मुताबिक, एक्टोलाइफ माता-पिता को गर्भावस्था या यहां तक कि गर्भाधान से गुजरे बिना बच्चे पैदा करने का विकल्प प्रदान करता है। अल-घाइली का दावा है कि, कृत्रिम गर्भ सुविधा जापान, बुल्गारिया और दक्षिण कोरिया जैसे घटती जनसंख्या की समस्या का सामना करने वाले देशों की "मदद" कर सकती है। इसका उद्देश्य बांझ दंपतियों को अपनी जैविक संतान के माता-पिता बनने की सुविधा देना भी है। फिल्म निर्माता का मानना है कि, ये टेक्नोलॉजी उन महिलाओं के लिए एक समाधान हो सकती है., जिनका गर्भाशय कैंसर या अन्य किसी बीमारी की वजह से हटा दिया गया है।

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