ऑस्ट्रेलिया में फिर छाया यौन उत्पीड़न का मुद्दा, महिला सांसद ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- वह मेरे गर्दन पर...
ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर से यौन उत्पीड़न की खबर सुर्खियों में है। हाल के कुछ सालों में सांसदों के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच, संसद की एक अन्य सदस्य ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्हें देश की संसद के अंदर लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
पूर्व कैबिनेट मंत्री कैरेन एंड्रयूज ने बिना नाम लिए एक पुरुष सांसद पर आरोप लगाया है कि वह उनकी गर्दन के बेहद करीब 'सांस' लेता था और सदन में उनके निजी अंगों पर आक्रमण करने जैसी अभद्र टिप्पणियां करता था।

कैरेन एंड्रयूज
कैरेन एंड्रयूज ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है, जब ऑस्ट्रेलिया की संसद के अंदर यौन दुर्व्यवहार को लेकर कई ऐसे आरोप लगाए जा चुके हैं। इससे पहले भी कई महिला सांसदों ने ऑस्ट्रेलियाई संसद को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया है।
सांसद लिडिया थोर्प ने इसी साल जून में ऑस्ट्रेलियाई सांसद डेविड वैन पर उनका यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। सांसद थोर्पे ने ये भी दावा किया था कि उनके अलावा कई महिलाएं इस तरह के यौन उत्पीड़न का शिकार हुईं हैं।

डेविड वैन-लिडिया थोर्प
ये परेशान करने वाले खुलासे ऑस्ट्रेलिया की संसद के भीतर व्यापक यौन दुर्व्यवहार के बारे में बढ़ती चिंताओं को बढ़ाते हैं। इसी साल फरवरी में दोनों सदन सांसदों और कर्मचारियों के लिए नई आचार संहिता बनाने पर सहमत हुए थे।
स्कॉट मॉरिसन की पिछली गठबंधन सरकार में उद्योग मंत्री और गृह मामलों की मंत्री रह चुकीं एंड्रयूज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं बस वहां बैठकर अपना काम कर रही होती थी और मैं महसूस करती थी कि मेरी गर्दन के पिछले हिस्से के बेहद पास आकर सांस ली जा रही है जब मैं पलट कर सवाल करती तो मुझसे कहा जाता- क्या आप मजाक नहीं समझतीं?।"
एंड्रयूज देश की राजनीति में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर वह हमेशा मुखर रही हैं। उन्होंने एलान किया है कि अगले चुनाव तक वो राजनीति से संन्यास ले लेंगी।
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में संसद 2021 से ही यौन उत्पीड़न जैसे विवादों घिरा हुआ है। फरवरी 2021 में ऑस्ट्रेलिया की सरकारी कर्मचारी ब्रिटनी हिगिंस ने अपने कलीग ब्रुस लेहर्मन पर आरोप लगाए थे कि उसने मार्च 2019 में शराब पीने के बाद ऑफिस के काउच पर उसका रेप किया था।

ब्रिटनी हिंगिस
2021 में नेता जुलिया बैंक्स ने खुलासा किया था कि संसद में पुरुषों का बर्ताव कई दशक पुराने मर्दवादी समाज जैसा है। उनका कहना था कि संसद में महिला नेताओं पर टिप्पणी करना आम बात है। कई नेता महिलाओं के निजी जीवन को लेकर अफवाहें और मजाक उड़ाने में मशगूल रहते हैं।

जुलिया बैंक्स
इसके बाद एक सरकारी इंक्वायरी में सामने आया था कि ऑस्ट्रेलिया की संसद में सेक्शुअल हैरेसमेंट और परेशान करने वाले कई मामले हैं। ऑस्ट्रेलियाई मानवाधिकार आयोग की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 63 महिला सांसद संसद के अंदर यौन उत्पीड़न का शिकार हुईं।
इस रिपोर्ट में 33 अलग-अलग संगठनों के 1723 लोगों ने बताया था कि संसद के 33 फीसदी कर्मचारी कम से कम एक बार यौन उत्पीड़न का शिकार हुए। वहीं 51 फीसदी प्रताड़ना या रेप की कोशिश के शिकार हुईं।












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