संयुक्त राष्ट्र में भारत और चीन ने की यूक्रेन पर हुए हमले की निंदा, लेकिन वोटिंग करने से बनाई दूरी
संयुक्त राष्ट्र में भारत और चीन ने की यूक्रेन पर हुए हमले की निंदा, लेकिन वोटिंग करने से बनाई दूरी
जिनेवा, 26 फरवरी: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और चीन ने यूक्रेन पर रूस द्वारा किए आक्रमण की निंदा की है। लेकिन सुरक्षा परिषद में वोटिंग करने से परहेज किया है। यूक्रेन में रूसी आक्रमण की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए यूएनएससी का आपातकालीन सत्र चल रहा है। जिसमें चीन और भारत दोनों ने वोट करने से परहेज किया है। यूक्रेन पर यूएनएससी की बैठक में यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, ''यूक्रेन में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत परेशान है। हम आग्रह करते हैं कि हिंसा और शत्रुता को तत्काल समाप्त करने के लिए सभी प्रयास किए जाए। मानव जीवन की कीमत पर कभी भी कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है।''

टीएस तिरुमूर्ति ने आगे कहा, ''यह खेद की बात है कि कूटनीति का रास्ता छोड़ दिया गया। हमें उस पर लौटना होगा। इन सभी कारणों से, भारत ने इस प्रस्ताव पर परहेज करने का विकल्प चुना है।''
टीएस तिरुमूर्ति ने यह भी कहा कि सभी सदस्य देशों को रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ने के लिए इन सिद्धांतों का सम्मान करने की आवश्यकता है। मतभेदों और विवादों को निपटाने के लिए संवाद ही एकमात्र हल है हालांकि इस समय जो कठिन लग सकता है।
वहीं चीन ने भी यूक्रन पर हुए हमले की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि झांग जून ने कहा, ''हम मानते हैं कि सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बरकरार रखा जाना चाहिए। एक देश की सुरक्षा दूसरे देशों की सुरक्षा को कमजोर करने की कीमत पर नहीं की जा सकती है। इसलिए चीन इस वोट का हिस्सा नहीं है। यूक्रेन को पूर्व और पश्चिम के बीच एक पुल बनाना होगा।''
वहीं रूस के संयुक्त राष्ट्र दूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मसौदे के प्रस्ताव को रूस का विरोधी बताया है।












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