जानिए उस टेक्नोलॉजी के बारे में, जिससे एयरलाइंस को पहले ही पता होगा, आप टिकट के लिए कतना खर्च करेंगे
इंटरनेट पर आप किस तरह का कंटेट देखना चाहते हैं, मौसम का पूर्वानुमान क्या है और आपको किस चीज की शॉपिंग करनी चाहिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारी जिंदगी पर कब्जा करना शुरू कर दिया है।
Artificial Intelligence: विज्ञान की लगातार तरक्की के साथ इंसानों की जिंदगी डेटा में उलझता जा रहा है और टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एयरलाइंस कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभर रहा है, जिससे कंपनियों को पहले ही पता चल जाता है, कि एक यात्री टिकट खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च कर सकता है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से यात्रियों से 'आदर्श किराया' वसूलने का दावा किया जा रहा है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से यात्रियों से जितना संभव हो, उतना राजस्व निचोड़ने में मदद मिल रही है, ताकि एविएशन सेक्टर को सबसे बड़े संकट से बाहर निकाला जा सके।

जिंदगी को कंट्रोल करता AI
इंटरनेट पर आप किस तरह का कंटेट देखना चाहते हैं, मौसम का पूर्वानुमान क्या है और आपको किस चीज की शॉपिंग करनी चाहिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारी जिंदगी पर कब्जा करना शुरू कर दिया है और बड़ी बड़ी कंपनियां इस टेक्नोलॉजी के जरिए हमसे अपने मन मुताबिक चीजें करवाते हैं और हमारी जिंदगी को प्रभावित करती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आर्केन एयरफेयर कोड और मूल्य निर्धारण बैंड को उड़ा दिया, जिनकी दशकों से एक तरह की बिक्री हो रही थी। अब डेटा को मांपकर टेक्वोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां यह निर्धारित कर सकती हैं, कि यात्री टिकट के लिए आप कितना भुगतान करने को तैयार हैं। ये कंपनियां लगातार फ्लाइट के किराए को लेकर अपने हिसाब से बदलाव करती रहती हैं और कीमत का पुनर्मुल्यांकन करती रहती हैं। एआई का उपयोग करके किराए का कैलकुलेशन करने से एयरलाइन कंपनियों के राजस्व में 10% या उससे ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। एक इजरायली स्टार्टअप फेचर ने बताया है, कि कैसे एयरलाइंस कंपनियों ने इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

हर चीज का लगा लेते हैं पता
फेचर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक रॉय कोहेन ने कहा कि, "हम प्रत्येक प्राइस प्वाइंट पर यह निर्धारित करने में सक्षम हैं, कि कितने लोग टिकट खरीदेंगे।" इस कंपनी के निदेशकों में ब्रिटिश एयरवेज पीएलसी के पूर्व सीईओ एलेक्स क्रूज भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, "हमारे जैसे सिस्टम से (अपनी मन की बातें) छिपाना बहुत मुश्किल है।" ब्राजीलियन विमान कंपनी एजुल एसए ने पिछले महीने इजरायसली कंपनी फेचर की इस टेक्नोलॉजी का सार्वजनिक परीक्षण की घोषणा की थी, हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को इस प्रयोग में कितनी कामयाबी मिली, इसकी जानकारी मेल पर पूछे गये एक सवाल में नहीं दी। कोहेन के अनुसार, फेचर की डिमांड सिमुलेशन इतनी सटीक है, कि छह महीने बाद की उड़ानों के लिए एल्गोरिदम द्वारा निर्धारित किराए में विमान के उड़ान भरने के समय तक बमुश्किल से कोई बदलाव होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, फेचर का अनुमान शत-प्रतिशत सही है।

विमान कंपनियों को होगा जबरदस्त फायदा
विमान कंपनियों को पिछले दो सालों में कोविड महामारी की वजह से भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि ज्यादातर देश लॉकडाउन से गुजर रहे थे। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, महामारी से उबरने से इस साल वैश्विक एयरलाइन राजस्व 782 अरब डॉलर तक पहुंच जाना चाहिए, जो अभी भी कोविड से पहले की स्थिति के मुकाबले 2019 में 838 अरब डॉलर से कम है। एक दशक पहले वित्तीय संकट के बाद से एयरलाइंस कंपनियों के ग्रोथ में इजाफा कम ही रहा है। एयरलाइंस कंपनियों ने वर्षों से हवाई किराए का प्रबंधन करने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया है, जो अलग अलग सीटों के हिसाब से यात्रियों से पैसे वसूलता है। लेकिन, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस फ्लाइट की सीटों के मुताबिक नहीं, बल्कि यात्री एक सीट के लिए कितना खर्च करना चाहते हैं, उस हिसाब से किराए का निर्धारण करता है। ग्लोबल ट्रेवल टेक्नोलॉजी कंपनी एक्सेल्या के सोल्यूशन मार्केटिंग डायरेक्टर अमांडा कैंपबेल ने एक इंटरव्यू में कहा कि, "पारंपरिक तकनीक अब कुंद पड़ने लगे हैं और जो वास्तव में एक सामान की कीमत क्या हो सकता है, उसका फिक्स निर्धारण किए रहते हैं।"

AI से एविएशन सेक्टर में कितना बदलाव?
विमानन उद्योग में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का प्रभाव फिलहाल अपनी प्रारंभिक अवस्था में है, लेकिन इनफॉर्मेशन फ्लो को पहसे से ही समझदारी से समझने की कोशिश हो रही है।कोहेन का मानना है कि, अकेले Fetcherr दुनिया भर से डेटा के कई पेटाबाइट डेटा को हर सेकंड मूल्यांकन करता है और फिर आगामी यात्रा में आने वाली मांग का निर्धारण करता है। यह एक पेटाबाइट के करीब 500 अरब पन्नों के बराबर होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि, 'हम जितने बड़े होते जाते हैं, हम उतने ही अच्छे होते जाते हैं।'डेटालेक्स पीएलसी के मुख्य उत्पाद अधिकारी कोनोर ओ'सुल्लीवन ने कहा कि, "डेटा की आपूर्ति अंतहीन है और उन्हीं डेटा की एनालिसिस करते वास्तविक मूल्य का निर्धारण किया जाता है"। डबलिन स्थित कंपनी ने पिछले साल आईएजी एसए के स्वामित्व वाली आयरिश एयरलाइन एर लिंगस के साथ एक परीक्षण की घोषणा की है। हालांकि, एर लिंगस ने परीक्षणों ने इस संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया।

फिलहाल क्या है किराया निर्धारन का तरीका?
ओ'सुल्लीवन ने कहा कि, डैटलेक्स अभी भी ऐतिहासिक जानकारी जैसे एयरलाइन बुकिंग और वर्तमान और भविष्य की उड़ान की मांग का अनुमान लगाने के लिए शेड्यूल पर निर्भर है। लेकिन, अब कंप्युटर के जरिए अलग अलग खेल कार्यक्रमों, होटलो में होने वाले रिजर्वेशन,हवाई अड्डों पर लगने वाली लाइनें का मूल्यांकन कर रहे हैं और इसके आधार पर डिमांड का मूल्यांकन करने लगे हैं। यहां तक की सरकार की नीति में बदलाव, मंत्रियों के इस्तीफे पर भी नजर रखी जाने लगी है, जिनसे बाजार के प्रभावित होने की संभावना बन जाती है और इन सभी काल विश्लेषण करने के आधार पर एल्गोरिदम तैयार किया जाता है। ओ'सुल्लीवन ने कहा कि, "इन सभी चीजों का प्रभाव पड़ता है।" उन्होंने कहा कि, "तब आप सभी प्रकार के व्यवहार मनोविज्ञान में उतर जाते हैं। अगर बाहर बारिश हो रही है, तो आप धूप वाली जगह की बूकिंग करने की सोचते हैं और अगर आप सर्दी वाली जगह हैं, तो गर्म जगह जाने की कोशिश करते हैं, इन सभी चीजों पर नजदीकी नजर रखी जाती है और फ्लाइट में किराए का मूल्यांकन होता है।












Click it and Unblock the Notifications