जिस थेरेपी से डोनाल्ड ट्रंप का हुआ इलाज उसे दूसरे मरीजों के लिए अमेरिका में दी गई अनुमति
वॉशिंगटन। अमेरिका में कोरोना वायरस से जिन लोगों को कोरोना वायरस का खतरा अधिक है लेकिन अभी तक वो लोग अस्पताल में भर्ती नहीं हुए हैं उनके इलाज के लिए कोरोना की एंटीबॉडी थेरेपी को यूएस ड्रग रेगुलेटरी ने अनुमति दे दी है। इसी थेरेपी के जरिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इलाज किया गया था। दरअसल हाल ही में रिजेनरॉन कंपनी ने अपने टेस्ट में दावा किया है कि रीजेन-कोव-2 का कोरोना से संक्रमित मरीजों पर असर अच्छा रहा है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर स्ठीफन हान ने बताया कि इन दवाओं के इस्तेमाल से मरीज अस्पताल में भर्ती होने से बच सकते हैं और हेल्थ सिस्टम पर दबाव भी कम पड़ेगा।
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रीजेनरॉन कंपनी के सीईओ लियोनॉर्ड स्लाइफर ने कहा कि कोविड के खिलाफ यह एक बड़ा कदम है, कोरोना से हाई रिस्क वाले मरीजों के लिए यह थेरेपी काफी कारगर साबित हो सकती है। बता दें कि रीजेनरॉन एंटिबॉडी का इलाज एक तरह का एंटिबॉडी ट्रीटमेंट है। दरअसल मनुष्य का शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए खुद ही एंटिबॉडी का निर्माण करता है, इसी थेरेपी का इस्तेमाल करके रीजेनरॉन ने इस थेरेपी को विकसित किया है ताकि मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही इसका लाभ दिया जा सके। यह एंटिबॉडी SARC-Cov-2 संक्रमण को प्रोटीन के माध्यम से बांधे रहती है।
बता दें कि अमेरिका में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या सवा करोड़ के पास पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो यहां 1.67 लाख कोरोना के नए मामले सामने आए हैं और 1457 लोगों ने कोरोना से अपनी जान गंवा दी है। अमेरिका में इससे पहले रिकॉर्ड 2.04 लाख मामले सामने आए थे। अमेरिका के बाद भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। भारत में कोरोना के 91 लाख को पार कर गए हैं। जबकि कोरोना से देश में तकरीबन 1.33 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।












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