यूपीए के काल में एक और घोटाले की जांच में जुटा अमेरिका
नई दिल्ली। यूपीए के शासनकाल का एक और घोटाला सामने आया है और इस घोटाले की जांच अमेरिका और ब्राजील कर रहे हैं। वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के बाद अब अमेरिका और ब्राजील के जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि ब्राजील के एयरक्राफ्ट एंब्रायर को बनाने वाली कंपनी ने भारत और सऊदी अरब के साथ डील करने के लिए कितनी घूस दी थी।

एजेंट को दी थी घूस
एंब्रायर पर आरोप है कि उसने यूनाइटेड किंगडम के डिफेंस एजेंट या फिर वह बिचौलिए या फिर अनाधिकृत एजेंट जिन्हें भारतीय रक्षा खरीद तंत्र के तहत प्रतिबंधित किया गया है, उसे करीब 208 मिलियन डॉलर वाली डील के लिए घूस दी गई थी।
वर्ष 2008 में यूपीए सरकार ने एंब्रेयर के साथ तीन ईएमबी-145 जेट्स की डील बिचौलिए के जरिए की थी। इन एयरक्राफ्ट में डीआरडीओ की ओर से निर्मित स्वदेशी रडार सिस्टम से लैस हैं जिसकी कीमत 2,520 करोड़ रुपए थी।
रक्षा मंत्रालय ने किया इनकार
यह प्रोजेक्ट इंडियन एयरफोर्स के अवाक्स यानी एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया था। वहीं रक्ष मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि उसे ऐसी किसी भी डील की जानकारी नहीं है।
जिस समय यह डील हुई थी उस समय एस क्रिस्टोफर डीआरडीओ के चीफ थे और उन्होंने इस पूरी घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वर्ष 2010 से अमेरिका कर रहा जांच
ब्राजील मीडिया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस डील पर अमेरिकी जांच एजेंसियों की नजर है और मामले की जांच जारी है। अमेरिका वर्ष 2010 से ही एंब्रायर की जांच कर रहा है और अब उसने अपनी जांच को और बढ़ा दिया है।












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