चीन में मिला दुर्लभ प्राचीन खजाना, सोने की रहस्यमयी कलाकृतियां मिलीं, किस साम्राज्य के खुलेंगे रहस्य?
सिचुआन प्रांतीय सांस्कृतिक अवशेष और पुरातत्व अनुसंधान संस्थान, पेकिंग विश्वविद्यालय, सिचुआन विश्वविद्यालय और अन्य शोध संस्थानों के पुरातत्वविदों की एक संयुक्त टीम ने इस स्थल की खुदाई की है।
बीजिंग, जून 14: दक्षिण-पश्चिम चीन में पुरातत्वविदों ने एक रहस्यमयी खजाना खोज निकाला है, जिसको लेकर माना जा रहा है, कि किसी रहस्यमयी साम्राज्य के राज खुल सकते हैं। पुरातत्वविदों ने जो खजाना खोजा है, उसमें अति प्राचीन कछुए, बलि की बेदी जैसी दुर्लभ सामग्रियां हैं।

3 हजार साल पुरानी कलाकृतियां
कछुआ के आकार का बॉक्स और एक बलि की वेदी, दक्षिण-पश्चिम चीन में पुरातत्वविदों ने 3,000 साल से ज्यादा पुराने 13,000 अवशेषों के खजाने खोजे हैं। चीनी राज्य मीडिया ने सोमवार को बताया कि, इन अवशेषों में कई सोने, कांस्य और जेड से बने हैं। पुरातत्वविदों ने चेंगदू के पास सैंक्सिंगडुई पुरातात्विक स्थल पर छह बलिदान गड्ढों भी पाए गए हैं।

संक्सिंगडुई संस्कृति के बारे में कम जानकारियां
इतिहासकार संक्सिंगडुई संस्कृति के बारे में अपेक्षाकृत कम जानते हैं, क्योंकि, माना जाता है कि, इस सभ्यता ने कोई लिखित रिकॉर्ड या मानव अवशेष नहीं छोड़ा है, हालांकि कई लोग इसे शू के प्राचीन साम्राज्य का हिस्सा मानते हैं। अब ऐसा माना जा रहा है कि, नवीनतम खोज इस सभ्यता को लेकर कई जानकारियों से पर्दा हटाएंगे। अभी तक जो जानकारी है, उसके मुताबिक, ये साम्राज्य यांग्त्ज़ी नदी की ऊपरी धारा के साथ पश्चिमी सिचुआन बेसिन में 316 ईसा पूर्व में विजय प्राप्त करने तक शासन करता था।

1920 में हुई थी पहली बार खोज
सिचुआन प्रांतीय सांस्कृतिक अवशेष और पुरातत्व अनुसंधान संस्थान, पेकिंग विश्वविद्यालय, सिचुआन विश्वविद्यालय और अन्य शोध संस्थानों के पुरातत्वविदों की एक संयुक्त टीम लगातार 2020 से इस साइट पर छह गड्ढों की खुदाई कर रही है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हाल की खुदाई में पुरातत्वविदों को 3,155 अवशेष मिले हैं, जिनमें 2,000 से अधिक कांस्य के सामान और मूर्तियां शामिल हैं।

अतीत से नई खोज
शोधकर्ताओं ने कांसे और जेड से बने कछुए के आकार के बॉक्स को उनके अधिक दिलचस्प खोजों में से एक के रूप में वर्णित किया। सिचुआन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ली हाइचाओ ने सिन्हुआ को बताया कि, 'यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि ये खोज अपनी विशिष्ट आकृति, उत्तम शिल्प कौशल और सरल डिजाइन को देखते हुए एक तरह का ऐतिहासिक खोज है'। उन्होंने कहा कि, 'हालांकि हम नहीं जानते कि इस पोत का उपयोग किस लिए किया गया था, हम यह मान सकते हैं कि प्राचीन लोगों ने इसे संजोया था'। खुदाई के दौरान एक गड्ढे में लगभग 3 फीट ऊंची एक कांस्य की वेदी भी मिली है, जहां माना जाता है कि शू सभ्यता के लोगों ने स्वर्ग, पृथ्वी और उनके पूर्वजों का आह्वान किया था। वहीं, बांस, नरकट, सोयाबीन, मवेशी और सूअर के गड्ढों के आसपास के निशान बताते हैं कि ये सभी बलि के रूप में चढ़ाए गए थे।

प्राचीन सांस्कृतिक आदान-प्रदान
सैनक्सिंगडुई सांस्कृतिक अवशेष और पुरातत्व अनुसंधान संस्थान के निदेशक रैन होंगलिन ने सिन्हुआ को बताया कि, इस साइट पर वस्तुओं की विविधता चीन में प्राचीन सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि, मानव के सिर और सांप के शरीर वाली मूर्तियों में से एक प्राचीन शू सभ्यता की विशेषता थी, जबकि औपचारिक जहाजों को साइट से "ज़ून" के रूप में जाना जाता था, जो सांस्कृतिक रूप से झोंगयुआन के प्रतीक थे, ये एक मैदानी क्षेत्र था, जिसे चीन के केंद्र के रूप में जाना जाता है।

किसान को लगी ठोकर, और शुरू हुई थी खोज
रैन ने कहा कि, 'सैंक्सिंगडुई में पाए गए अधिक सांस्कृतिक अवशेष चीन के अन्य स्थानों में भी देखे गए हैं, जो चीनी सभ्यता के शुरुआती आदान-प्रदान और एकीकरण का प्रमाण देते हैं।" आपको बता दें कि, 1920 के दशक में एक स्थानीय किसान के पैरों में ठोकर लगी थी और फिर इस जगह के बारे में पता चला था। 4.6-वर्ग-मील के पुरातात्विक स्थल से हजारों प्राचीन कलाकृतियां प्राप्त हुई हैं। लगभग 100 ग्राम (0.22 पाउंड) वजन का सुनहरा मुखौटा, हाथी दांत के अवशेष और एक जेड चाकू जैसे खजाने पिछले साल उजागर हुई कलाकृतियों में शामिल थे। ,












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