भारत के दोस्त के हाइपरसोनिक मिसाइल का पुनर्जन्म ! चीन और रूस को खतरा.. ड्रैगन के खिलाफ यहां से होगा टेस्ट
US Tests Hypersonic Missile: इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी वायु सेना (USAF) ने एंडरसन एयर फोर्स बेस (AFB) में बी-52एच बमवर्षक के पंख के नीचे चिपकाए गए लाइव एजीएम-183 एयर-लॉन्च रैपिड रिस्पांस वेपन (ARRW) की कुछ तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिन्हें आमतौर पर ARRW कहा जाता है।
इस तस्वीर के जारी होने के बाद अब संभावना है, कि गुआम में बहुत जल्द इसका लाइव परीक्षण होने वाला है। लेकिन, सवाल ये है, कि अमेरिका का जो सुपरसोनिक ARRW मिशन फेल हो चुका है और जिस मिशन को 'मरा हुआ' घोषित कर दिया गया था, अमेरिका उस मिशन को फिर से जिंदा क्यों कर रहा है?

ARRW मिशन का पुनर्जन्म!
अमेरिका की तरफ से मध्य प्रशांत क्षेत्र में हथियार परीक्षण को लेकर एक अलर्ट जारी किया गया है और ये अलर्ट 10 मार्च तक के लिए है, जिससे पता चलता है कि उस मिसाइल के परीक्षण की योजना बनाई गई है। एयर एंड स्पेस फोर्सेज मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि यूएस एयरफोर्स ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन अटकलें हैं, कि इस बात की अच्छी खासी संभावना है, कि टेस्ट को लेकर सारी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि पेंटागन इस परीक्षण का इस्तेमाल ARRW के प्रदर्शन को मान्य करने और जिस हाइपरसोनिक मिसाइल की सुरक्षा करने और परीक्षण को लेकर ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटाने की हैं।
पेंटागन के एक अज्ञात सूत्र ने बताया है, कि ARRW कैलिफोर्निया के तट से दूर स्पेशल टेस्ट जोन के बाहर अपनी पहली उड़ान पर चीन या शायद उत्तर कोरिया से लॉन्च की गई मिसाइलों का पता लगाने और ट्रैक करने के लिए मिसाइल निगरानी उपकरण का उपयोग कर रहा है।
कैसी है अमेरिकी हाइपरसोनिक मिसाइल?
गुआम में मिसाइल की लेटेस्ट मौजूदगी और इसके संभावित परीक्षण ने चीन की भौंहें चढ़ा दी हैं, क्योंकि अमेरिका ने करीब तीन हफ्ते पहले ही अपने B-52 बॉम्बर्स को गुआम में तैनात किया है और माना जा रहा है, कि अमेरिका, अपने इसी बॉम्बर्स से हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट करने वाला है और इसका परीक्षण, चीन के नजदीकी क्षेत्र से किया जाने वाला है।
AGM-183A ARRW एक लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल है जिसे लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिकी एयरफोर्स के लिए डिजाइन किया है। इस मिसाइल से यूएस एयरफोर्स की हाइपरसोनिक स्ट्राइक क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है और इससे, दुश्मन के सैन्य ठिकानों और स्टैंड-ऑफ रेंज में सतह के युद्धपोतों जैसे भारी सुरक्षा वाले, उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों पर हमला किया जा सके। लेकिन, अमेरिका का पिछला टेस्ट फेल हो गया था, लिहाजा अब इस टेस्ट पर पूरी दुनिया की नजर है।

चीन को अमेरिका का हाइपरसोनिक संदेश
गुआम प्रशांत क्षेत्र में एक विदेशी अमेरिकी क्षेत्र है और ऐसा माना जाता है, कि इसका इस्तेमाल युद्ध की स्थिति में चीन के खिलाफ ऑपरेशन के लिए लॉन्चिंग पैड के रूप में किया जाएगा, खासकर अमेरिकी वायु सेना के बमवर्षकों और लड़ाकू जेट विमानों के लिए ये एक बेहतरीन ठिकाना है। यही कारण है कि एंडरसन एएफबी का तेजी से सैन्यीकरण किया जा रहा है और इसकी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
बी-52 स्ट्रैटोफ़ोर्ट्रेस बमवर्षक विमान इसी साल गुआम में एंडरसन एएफबी में तैनात किए गए हैं, जिसको लेकर अमोरिका ने कहा है, कि इसकी तैनाती का मकसद "अमेरिका की ताकत का प्रदर्शन करना और विपरीत परिस्थितियों में दुश्मनों को न्यूट्रल करने के लिए मिशनों को अंजाम देना है।"
इससे पहले, बॉम्बर टास्क फोर्स मिशन के हिस्से के रूप में बी-1 बॉम्बर्स को 2022 के जून और अक्टूबर में गुआम में भी तैनात किया गया था।
वहीं, चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने कहा, कि "जहां तक गुआम की बात है... इसकी सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है, कि अमेरिका गुआम को किस भूमिका में देखना चाहता है। यदि गुआम युद्ध छेड़ने के लिए एक चौकी है, तो यह तब भी सुरक्षित नहीं होता, जब यह पूरी तरह से हथियारों से लैस हो।''
अमेरिकी वायु सेना (यूएसएएफ) से किसी विशेष जानकारी की कमी के कारण, फिलहाल यह साफ नहीं है, कि एआरआरडब्ल्यू को परीक्षण के लिए पुनर्जीवित क्यों किया गया है, लेकिन मिसाइल की उपस्थिति से पता चलता है, कि इसके निधन की खबर काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई होगी।












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