चीन की नाक के नीचे इजराइली विनाशक मिसाइल की तैनाती, दक्षिण चीन सागर में भारत के 3 दोस्तों ने ड्रैगन को घेरा
Israeli Missiles in Philippines: दक्षिण चीन सागर में फिलीपीस चीन के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है और चीन आजकर हिंद महासागर में जैसे मालदीव को भारत के खिलाफ हथियार बनाकर इस्तेमाल कर रहा है, भारत और उसके दोस्तों ने भी फिलीपींस को चीन की नाक में नकेल डालने वाला बेस बना लिया है।
सेंट्रल लूजॉन में संयुक्त राज्य अमेरिका और फिलीपींस के बीच होने वाले वार्षिक सैन्य अभ्यास के दौरान एक बहु बड़ी हलचल होने जा रही है और रिपोर्ट के मुताबिक, फिलीपींस में इजरायल में बना विनाशक मिसाइल डिफेंस सिस्टम स्पाइडर को पहली बार तैनात किया जाएगा।

बालिकाटन 2024 के कार्यकारी एजेंट कर्नल माइकल लॉजिको ने 5 मार्च को पुष्टि की है, कि स्पाइडर (सतह से हवा में मार करने वाली पायथन और डर्बी) एयर डिफेंस सिस्टम, इस सैन्य अभ्यास में प्रमुखता से शामिल होगी। हालांकि, अभी तक जो पता चला है, कि उसके मुताबिक स्पाइडर को फिलहाल सैन्य अभ्यास तक ही सीमित रखा जाएगा और सैन्य अभ्यास के नतीजे मिलने के बाद उसकी स्थाई तैनाती को लेकर विचार किया जाएगा।
फिलीपींस से चीन की नाक में नकेल
फिलीपींस के सशस्त्र बल (एएफपी) की नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लॉजिको ने कहा, "हम सेंट्रल लूजॉन में इंटीग्रेटेड एयर मिसाइल डिफेंस एक्सराइज भी आयोजित कर रहे हैं।"
इस सैन्य अभ्यास न केवल स्पाइडर डिफेंस सिस्टम अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे बल्कि मौजूदा हथियार प्रणालियों के साथ इसकी अंतरसंचालनीयता का भी परीक्षण किया जाएगा। हालांकि, फिलीपींस के सैन्य अधिकारी ने इससे ज्यादा जानकारी का फिलहाल खुलासा नहीं किया है।

जब उनसे इस मिलिट्री एक्सरसाइज के नेचर के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "यह लाइव, वर्चुअल और निर्मित दोनों होगा।" 22 अप्रैल से 8 मई तक निर्धारित बालिकाटन-2024 मिलिट्री एक्सरसाइज में सेंट्रल लूजॉन में ऐसे सैन्य अभ्यास किए जाएंगे, जिनमें दक्षिण चीन सागर में चीन को कैसे काउंटर किया जाए, इसका प्लान हो।
इस वर्ष के सैन्य अभ्यास का मकसद, नई अधिग्रहीत स्पाइडर वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए फिलीपींस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य गठबंधन को मजबूत करना है।
स्पाइडर मिसाइल तैनात करेगा फिलीपींस
अपनी फोर्स को अत्याधुनिक बनाने की कोशिश के तहत फिलीपींस ने 2019 में स्पाइडर सिस्टम का आदेश दिया था। यह अधिग्रहण तीन स्पाइडर सिस्टम के लिए राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम के साथ देश के राष्ट्रीय रक्षा विभाग और इजराइल के रक्षा मंत्रालय के बीच साइन किए गये समझौते के तहत हुआ था। इन तीन एयर डिफेंस सिस्टम की कीमत 6.8 अरब डॉलर है।
यह अधिग्रहण एएफपी आधुनिकीकरण कार्यक्रम के क्षितिज 2 चरण के अंतर्गत आता है। तीन स्पाइडर मिसाइल बैटरियों में से दो की डिलीवरी पहले ही हो चुकी है, तीसरी के इस साल आने की उम्मीद है। स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम, हवा के साथ साथ जमीन से आने वाले खतरों को भी खत्म करने की क्षमता रखता है।

समुद्र में डुबोया जाएगा 'चीन का जहाज'!
स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम की पहली तैनाती के अलावा, फिलीपींस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्षिक युद्ध खेलों में लगातार दूसरे वर्ष एक नकली दुश्मन जहाज का डूबना भी शामिल होगा। ये नकली जहाज चीन का माना गया होता है। कर्नल लॉजिको ने कहा, कि डूबने के अभ्यास में एक रिटायर्ड फिलीपीन नौसेना जहाज का उपयोग किया जाएगा, जो पिछले साल फंसने के बाद से चालू नहीं है।
ये जहाज, जिसे पहले बीआरपी लेक कैलिरया के नाम से जाना जाता था, उसे जुलाई 2023 में बाटन के बंद होने के बाद विशेष रूप से इसी अभ्यास के लिए अभी तक बचाकर रखा गया था।
2023 में पिछले बालिकाटन अभ्यास के दौरान, बीआरपी पंगासिनन नाम का एक सेवामुक्त फिलीपीन नौसेना कार्वेट ज़ाम्बेल्स को सैन एंटोनियो के तट पर डूबाया गया था, जो इस युद्धाभ्यास की तीव्रता को दर्शाता है। जहाज को डूबोने के लिए रॉकेट लांचर के साथ साथ हेलीकॉप्टर से चलने वाली मिसाइल, तोपखाने और फाइटर जेट का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
आपको बता दें, कि फिलीपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर गहरा विवाद है और इसी हफ्ते चीन कोस्ट गार्ड और फिलीपींस के जहाज के बीच टक्कर भी हुई है। फिलीपींस दक्षिण चीन सागर के एक हिस्से पर अपना दावा करता है, लेकिन चीन उसे एक इंच हिस्सा भी नहीं देना चाहता और इस वजह से दोनों देशों के बीच का तकरार काफी ज्यादा बढ़ चुका है। फिलीपींस ने भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस भी खरीदा है, जो बताता है, कि दक्षिण चीन सागर का ये विवाद कितना ज्यादा बढ़ चुका है।












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