पाकिस्तानी इलेक्शन को मान्यता देने से इनकार कर सकता है अमेरिका.. सांसदों की सलाह मानेंगे राष्ट्रपति बाइडेन?
US On Pakistan Election: इलेक्शन में हुई भारी धांधली के बाद पाकिस्तान को दुनिया के कई देशों से फटकार मिल रही है, जिसमें अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन और ब्रिटेन शामिल हैं। वहीं, ऐसी रिपोर्ट आ रही है, कि पाकिस्तानी चुनाव को मान्यता देने से अमेरिका इनकार कर सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के कई सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन से आग्रह किया है, कि जब तक पाकिस्तान के चुनाव में धांधली की सख्त जांच नहीं हो जाती है, तब तक पाकिस्तान में चुनाव परिणामों को मान्यता न दी जाए।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोपों पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को एक बयान में कहा है, कि "हस्तक्षेप या धोखाधड़ी के दावों की पूरी जांच की जानी चाहिए।"
बयान में कहा गया है, कि "हम विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ उनके आकलन में शामिल हैं, कि इन चुनावों में अभिव्यक्ति, संघ और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता पर अनुचित प्रतिबंध लगाया गया है।"
समिति के अध्यक्ष ने कहा, कि "हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष माइकल मैककॉल, रैंकिंग सदस्य ग्रेगरी मीक्स और पाकिस्तानी लोकतंत्र के समर्थन में अन्य प्रमुख सांसदों के हालिया कड़े बयानों को देखते हुए, हम बाइडेन प्रशासन और कांग्रेस से मतगणना अनियमितताओं और मतपत्र से छेड़छाड़ की मजबूत चिंताओं पर ध्यान देने का आग्रह करते हैं।"
शक्तिशाली हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के एक वरिष्ठ सदस्य, सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा, कि "पाकिस्तान में प्रेस संगठनों को वोट चार्ट की रिपोर्ट करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए और परिणामों की घोषणा में कोई अनुचित देरी नहीं होनी चाहिए।"
इसके साथ ही कांग्रेस सदस्य रशीदा तलीब ने कहा, कि "हमें पाकिस्तानी लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि उनका लोकतंत्र गंभीर खतरे में है। उन्हें बिना किसी हस्तक्षेप और प्रक्रिया में छेड़छाड़ के अपने नेताओं का चुनाव करने में सक्षम होना चाहिए और अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए, कि हमारे टैक्स का पैसा अलोकतांत्रिक लोगों के हाथों में ना जाएं।

वहीं, महिला सांसद दीना टाइटस ने कहा, कि वह जमीनी स्तर पर स्थिति पर करीब से नजर रख रही हैं और अधिकारियों से कानून के शासन का पालन करने का आग्रह कर रही हैं। उन्होंने पाकिस्तान में राजनीतिक हिंसा के इस्तेमाल और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध की निंदा करते हुए कहा, "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक कामकाजी लोकतंत्र की आधारशिला हैं।"
इसी तरह, सांसद इल्हान उमर ने भी विदेश विभाग से चुनावी धांधली के आरोपों की "विश्वसनीय, स्वतंत्र जांच होने तक परिणामों को मान्यता देने से मना करने" का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में इस सप्ताह के चुनाव में हस्तक्षेप की खबरों से मैं बहुत परेशान हूं। किसी भी आने वाली सरकार की वैधता हेरफेर, धमकी या धोखाधड़ी से मुक्त, निष्पक्ष चुनावों पर टिकी होती है। पाकिस्तानी लोग एक पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सच्ची प्रतिनिधि सरकार से कम कुछ भी पाने के हकदार नहीं हैं।"
आपको बता दें, कि पाकिस्तान में गुरुवार को मतदान हुआ था और 70 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक सारे सीटों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गये हैं। इमरान खान के निर्दलीय उम्मीदवार 102 सीट जीत चुके हैं, लेकिन पार्टी ने दावा किया है, कि पीटीआई समर्थिक उम्मीदवार 170 सीटों से ज्यादा जगहों पर जीते हैं, लेकिन चुनाव में धांधली कर उनके दर्जनों उम्मीदवारों को हरा दिया गया है।












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