America Iran War: खामेनेई की फौज ने दूर कर दी Trump की गलत फहमी? US को हुआ भयंकर नुकसान, देखें आंकड़े
America Iran War: अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ 'Operation Epic Fury' शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर तेहरान ने जोरदार जवाबी कार्रवाई कर दी। ईरानी सेना ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए। इन हमलों में अब 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है और अरबों डॉलर के मिलिट्री सामान को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। इसके अलावा 6 और देशों अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। आइए देखते हैं ट्रंप को कहां कितना नुकसान हुआ।
बहरीन में नौसेना बेस पर हमला
बहरीन में अमेरिकी नौसेना सहायता बेस (Naval Support Base), जो अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय है, यहां पर बैलिस्टिक मिसाइलों और शाहिद कामिकेज़ ड्रोन से हमला किया गया। सैटेलाइट इमैजेस में हथियारों के कई गोदाम और इमारतों को नुकसान दिखा।

एक वीडियो क्लिप में शाहिद ड्रोन को एएन/टीपीएस-59 रडार डोम से टकराते देखा गया। करीब 300 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह रडार सिस्टम 2007 में लगाया गया था। इसे Lockheed Martin ने "दुनिया का एकमात्र 360-डिग्री मोबाइल रडार" बताया था, जो सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम है।
मनामा और बंदरगाह पर हमले
सप्ताहांत में ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा में कई लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिनमें इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल था। सोमवार को बहरीन के बंदरगाह में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई और एक बंदरगाह कर्मचारी की मौत हो गई।
इराक: एरबिल के पास हमले
इराक के एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थित अमेरिकी बेस शनिवार और रविवार को लगातार हमलों की चपेट में रहा। शहर में अमेरिकी दूतावास के पास भी ड्रोन देखे गए। ईरानी मीडिया ने दूतावास के नष्ट होने का दावा किया, लेकिन अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की। हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिकियों को उस क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी जारी की है।
जॉर्डन: मिसाइलें रोकी गईं, लेकिन वीडियो में अलग तस्वीर
जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस के ऊपर दो बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। आधिकारिक बयान के मुताबिक कोई हताहत नहीं हुआ, सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ अपुष्ट वीडियो में दावा किया गया कि कम से कम एक मिसाइल अपने लक्ष्य पर लगी थी।
कुवैत: कैंप आरिफजान पर हमला, चार अमेरिकी सैनिकों की मौत
कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर भी मिसाइल हमले हुए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सभी मिसाइलें रोक ली गईं, लेकिन वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों में कई इमारतों को नुकसान दिखा।दक्षिणी कुवैत के कैंप आरिफजान पर हुए हमले में चार अमेरिकी सैनिक मारे गए। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के मुताबिक एक ईरानी मिसाइल ने अमेरिकी सेंटर को निशाना बनाया।
सोमवार सुबह कुवैत के ऊपर तीन अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू जेट गिरा दिए गए। पेंटागन ने बताया कि कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से इन्हें मार गिराया। सभी छह एयर-क्रू सुरक्षित बाहर निकल आए। लेकिन ईरान के दावे यहां भी अलग रहेे।
कतर में 1 बिलियन डॉलर का रडार तबाह
दोहा में विस्फोटों की आवाज सुनी गई और अल उदीद एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं। एक मिसाइल ने एएन/एफपीएस-132 इनीशियल वॉर्निंग रडार को निशाना बनाया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि लगभग 1 बिलियन डॉलर का यह सिस्टम तबाह हुआ है। यह रडार दुनिया में मौजूद ऐसे केवल छह सिस्टम में से एक था। पिछले जून में भी ईरान ने इस बेस पर प्रतीकात्मक हमला किया था।
UAE और सऊदी अरब भी निशाने पर
ईरान ने UAE में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अबू धाबी के अल-धफरा एयर बेस सहित कई टारगेट्स पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं। दुबई के जेबेल अली बंदरगाह पर भीषण आग देखी गई। सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस के ऊपर मिसाइलों और ड्रोन को रोका गया। रस तनौरा रिफाइनरी-जो देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी है-पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया।
मौतों के आंकड़े और विवादित दावे
अब तक चार अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, सभी कैंप आरिफजान हमले में मारे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा है कि जंग लंबी चल सकती है। दूसरी तरफ ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि पहले दौर में कम से कम 200 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का बयान: "पछतावा करवाएंगे"
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख Ali Larijani ने कहा- "हम ज़ियोनिस्ट अपराधियों और नीच अमेरिकियों को पछतावा करवाएंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के सैनिक और जनता मिलकर "इंटरनेशनल ऑर्डर को बर्बाद करने वालों को कभी न भूल पाने वाला सबक सिखाएंगे।"
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 19 सैन्य ठिकाने
अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में 19 स्थायी और अस्थायी सैन्य ठिकानों का संचालन करता है। इनमें सबसे बड़ा बेस कतर में मौजूद Al Udeid Air Base है। यहां करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। आठ स्थायी अमेरिकी ठिकाने बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE में फैले हुए हैं। साल 2025 के मध्य तक, इस पूरे क्षेत्र में किसी भी समय 40,000 से 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं।
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