तालिबान का डर: अफगान मददगारों को बाहर निकालने में लगा अमेरिका, जानिए कितनी बड़ी है चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के 18 हजार हजार लोगों ने अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में रहने के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर मदद की है। जिन्हें निकालना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है।
वॉशिंगटन, जुलाई 30: अमेरिकी फौज के अफगानिस्तान से निकलने के साथ ही उन लोगों की जिंदगी पर खतरा मंडराने लगा था, जिन्होंने अफगान युद्ध के समय अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी। अब अमेरिका ने ऐसे मददगारों को अफगानिस्तान से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 200 से ज्यादा ऐसे अफगान नागरिकों को अफगानिस्तान से बाहर निकाल लिया गया है। दरअसल, मई महीने में अमेरिकी फौज के अफगान ट्रांसलेटर की हत्या के बाद अमेरिका ने तमाम मददगारों को सुरक्षा देने का वादा किया था।

200 मददगार निकाले गये बाहर
संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को तालिबान के डर से अफगानिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिकियों की सहायता करने वाले 200 से ज्यादा सहयोगियों को अफगानिस्तान से निकाल लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान मददगारों को लेकर अमेरिका की पहली पहली विमान आज सुबह वॉशिंगटन के डलेस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी है। एसोसिएटेड प्रेस ने एक इंटरनल अमेरिकी सरकारी दस्तावेज़ और एक वाणिज्यिक उड़ान-ट्रैकिंग सेवा का हवाला देते हुए बताया कि विमान में 57 बच्चे, 15 नवजात समेत कुल 221 लोग सवार थे।

अमेरिका का वीजा मिलेगा
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के 18 हजार हजार लोगों ने अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में रहने के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर मदद की है। जिन्हें अमेरिका की तरफ से सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। इस बीच अमेरिकी कांग्रेस ने अफगानों को अमरीका में उनके नए जीवन में बसने में मदद करने के लिए वीज़ा में तेजी लाने के लिए कदम उठा रही है। संघीय सरकार ने गुरुवार दोपहर पहले आपातकालीन कानून पारित किया है, जो अन्य बातों के अलावा अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिकियों के साथ काम करने वाले सहयोगियों के लिए वीजा की संख्या में वृद्धि करेगा। हालांकि, ये काम इतना आसान नहीं है और 18 हजार से ज्यादा लोगों को अफगानिस्तान से सुरक्षित बाहर निकालना अमेरिका के लिए आसान नहीं होने वाला है। क्योंकि, अब अफगानिस्तान में कुछ सौ अमेरिकी फौज ही बचे हैं।

210 करोड़ डॉलर का बजट
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने करीब 18 हजार अफगान मददगारों के लिए 210 करोड़ डॉलर का बजट पारित किया है। इन पैसों से अफगान मददगारों की सुरक्षा के साथ साथ उनके रहने खाने का इंतजाम और अमेरिका में नये सिरे से जीवन शुरू करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने काफी तेजी के साथ अफगानिस्तान में मदद करने वालों को देश से बाहर निकालने का फैसला लिया है और इसके पीछे तालिबान का डर बताया जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा समझौते में तालिबान ने वादा किया था कि वो उन लोगों को नहीं मारेगा, जिन्होंने अमेरिकी फौज की मदद की है, लेकिन तालिबान अपनी बात से पलट गया है।

मददकर्मियों के मन में खौफ
अमेरिका ने पिछले हफ्ते से अफगानिस्तान में मौजूद अपने मददगारों को जल्द से जल्द बाहर निकालने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते खबर आई थी कि ईद के दिन अमेरिकी सैनिकों के लिए ट्रांसलेटर का काम करने वाले सोहेल पार्टिस की उनके घर के पास ही तालिबानी आतंकियों ने गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद अमेरिका ने फौरन 18 हजार अफगानों को अमेरिका शिफ्ट करने का फैसला किया है।












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