America: 'सर क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?’ ट्रंप ने मोदी को लेकर एक बार फिर किया अजीब दावा- Video
America: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी को लेकर सीधे बातचीत की थी। ट्रंप के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें "सर" कहकर संबोधित किया था। यह बयान ट्रंप ने अमेरिका में आयोजित हाउस जीओपी रिट्रीट के दौरान दिया।
हाउस जीओपी रिट्रीट में क्या बोले ट्रंप
मंगलवार को हुए हाउस जीओपी रिट्रीट में डोनाल्ड ट्रंप रक्षा विनिर्माण और विदेशी सैन्य बिक्री से जुड़े मुद्दों पर बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कई साल पहले अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, लेकिन उनकी डिलीवरी में काफी देरी हो रही थी। ट्रंप के अनुसार, इसी देरी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे संपर्क किया था और जल्द डिलीवरी की मांग की थी।

"पांच साल से इंतजार कर रहा हूं" - ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपनी बातचीत का हवाला देते हुए कहा, "भारत मेरे पास आया था, सर। मैं पांच साल से इंतजार कर रहा हूं; हम इसे बदल रहे हैं।" उन्होंने बताया कि भारत ने कुल 68 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने आए थे और बोले, "सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं, कृपया?" ट्रंप ने इस दौरान यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके "बहुत अच्छे संबंध" हैं।
व्यापार नीतियों से रिश्तों में आई खटास
हालांकि ट्रंप ने यह भी माना कि व्यापार नीतियों की वजह से उनके और प्रधानमंत्री मोदी के रिश्तों में कुछ तनाव आया है। उन्होंने कहा, "वह मुझसे ज्यादा खुश नहीं हैं, क्योंकि अब वे बहुत ज्यादा शुल्क चुका रहे हैं।" ट्रंप ने आगे बताया कि भारत ने अब इन शुल्कों को कुछ हद तक कम किया है, लेकिन भारत रूस से तेल खरीद रहा है।
रूसी तेल खरीद और 50 प्रतिशत टैरिफ
ट्रंप ने कहा कि भारत द्वारा रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने की वजह से उस पर 50 प्रतिशत तक के टैरिफ लगाए गए थे। अमेरिका का मानना है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस से तेल खरीदना उसकी अर्थव्यवस्था को समर्थन देने जैसा है। इसी सोच के चलते अमेरिका ने भारत पर ये टैरिफ लगाए।
और ज्यादा टैरिफ लगाने की चेतावनी
यह बयान उस चेतावनी के ठीक एक दिन बाद आया, जब ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत रूसी तेल आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं का समाधान नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय सामानों पर और ज्यादा टैरिफ लगा सकता है। ट्रंप ने इन टैरिफ का बचाव करते हुए कहा कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हो रहा है।
एफ-35 और अपाचे की डिलीवरी में देरी
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि "एफ-35 और अपाचे हेलीकॉप्टर" जैसे बड़े हथियार सिस्टम को अमेरिकी सेना और विदेशी देशों तक पहुंचने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। उन्होंने माना कि डिलीवरी प्रक्रिया काफी धीमी है और इसमें सुधार की जरूरत है।
रक्षा कंपनियों से तेज उत्पादन की मांग
रिपब्लिकन सम्मेलन में ट्रंप ने बताया कि उनका प्रशासन अमेरिकी रक्षा कंपनियों पर दबाव बना रहा है, ताकि वे सहयोगी देशों और रणनीतिक साझेदारों को हथियार और सैन्य उपकरण तेजी से सप्लाई करें। इसमें भारत जैसे अहम देश भी शामिल हैं।
अमेरिकी हथियारों का बड़ा खरीदार भारत
पिछले दस सालों में भारत अमेरिका से रक्षा उपकरण खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल रहा है। अमेरिका के साथ बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत ने ट्रांसपोर्ट विमान, हेलीकॉप्टर और निगरानी सिस्टम खरीदे हैं। भारतीय सेना और वायुसेना के आधुनिकीकरण में अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
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