ALH Dhruv Crash: भारतीय सेना की शान ALH-ध्रुव हेलीकॉप्टर क्यों हुआ बदनाम? इक्वाडोर ने तंग आकर रद्द कर दी डील!
ALH Dhruv Crash: भारतीय तटरक्षक बल (ICG) का एक एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) अरब सागर में गुजरात के तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाते वक्त हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से दो तटरक्षक कर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य लापता है।
ICG ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दुर्घटना के बारे में जानकारी दी है, जिसमें कहा गया है, कि हेलीकॉप्टर को 2 सितंबर को रात 11 बजे मोटर टैंकर हाली लीला से घायल चालक दल के सदस्य को निकालने के लिए लॉन्च किया गया था, जो गुजरात के पोरबंदर के पास फंस गया था।

ICG के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने आपातकालीन हार्ड लैंडिंग की और बाद में समुद्र में गिर गया। घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में चालक दल के सिर्फ एक सदस्य को ही बचाया जा सका और बाकी तीन लापता हैं। तटरक्षक बल ने कहा, कि व्यापक खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए चार जहाजों और दो विमानों को तैनात किया गया है।
ALH लगातार गुजरात में मानसून की बारिश की वजह से आई घातक बाढ़ के बाद बचाव कार्यों में शामिल रहा है, जिसने राज्य के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था। ALH हेलीकॉप्टर उस वक्त दुर्घटना का शिकार हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले भारतीय वायु सेना (IAF) के एक मिग-29 लड़ाकू जेट के नियमित रात्रि प्रशिक्षण मिशन के दौरान पाकिस्तान सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में "गंभीर तकनीकी खराबी" आई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का विवादों भरा इतिहास
एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का अतीत विवादों से भरा रहा है, और इस हादसे ने इसके ऊपर और भी सवालिया निशान लगाए हैं। ALH ध्रुव, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित एक यूटिलिटी हेलीकॉप्टर है। इसका इस्तेमाल भारतीय सेना और ICG की सभी शाखाओं द्वारा किया जाता है। जनवरी 2024 तक 400 ALH हेलीकॉप्टरों का निर्माण किया जा चुका था।
ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर, जो 2002 से ऑपरेशन में है, उसका दुर्घटनाओं और क्रैश का इतिहास रहा है। इसने विभिन्न आपदा राहत प्रयासों में भूमिका निभाई है और इसे कई देशों में निर्यात किया गया है। लेकिन, काफी क्षमताओं के बावजूद, इस हेलीकॉप्टर का सुरक्षा रिकॉर्ड चिंता का विषय है।
मार्च 2023 में कोच्चि में एक ALH ध्रुव दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर और सवाल उठे। ALH MK III संस्करण में शक्ति इंजन और एडवांस उपकरण जैसे सुधार शामिल हैं, लेकिन इन सुधारों ने सुरक्षा मुद्दों को पूरी तरह से कम नहीं किया है।
ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर की आलोचना
एएलएच ध्रुव को मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और इक्वाडोर जैसे देशों को बेचा गया है। हालांकि, इक्वाडोर में खरीदे गए सात हेलीकॉप्टरों में से चार दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिसकी वजह से उसने भारतीय निर्माता के साथ कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया। आलोचनाओं में घटिया क्वालिटी और लापरवाह इंजीनियरिंग और रखरखाव को मुख्य वजह बताया गया था।
मार्च 2023 में नौसेना के ALH से जुड़ी बिजली की कमी की घटना के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने टेस्टिंग के लिए अपने ALH बेड़े को रोक दिया। यह कदम भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गहन मूल्यांकन की आवश्यकता को उजागर करता है।
हालांकि, एएलएच ध्रुव ने चुनौतीपूर्ण चिकित्सा निकासी और कभी-कभी आपदा राहत कार्यों के दौरान लद्दाख के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एमआई-17 की तुलना में ज्यादा बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
लेकिन, एक हकीकत ये भी है, कि साल 2016 तक कम से कम 16 दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं। वर्ष 2021 और 2023 में हेलिकॉप्टर से जुड़ी दो दुर्घटनाएं हुईं हैं।
ALH MK III में किए गये हैं सुधार
ALH MK III में शुरुआती ALH मॉडल की तुलना में कई सुधार किए गए हैं, जिसके बाद लैटिन अमेरिका में इसका पहला निर्यात भी किया गया। ALH MK III में जो मुख्य सुधार किए गये, वो इसका शक्ति इंजन है, जिसे HAL और फ्रांसीसी इंजन निर्माता सफरान के बीच एक संयुक्त उद्यम के हिस्से के रूप में बनाया गया था। इसमें एक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड, एक नाइट विजन डिवाइस और एक एडवांस समुद्री गश्ती रडार है, जो सभी एक ग्लास कॉकपिट में रखे गए हैं।
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने भुवनेश्वर और कोच्चि में एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव) Mk. III स्क्वाड्रन को कमीशन किया है और इस कदम को इस संकटग्रस्त हेलीकॉप्टर की यात्रा में एक नए अध्याय के रूप में देखा गया है। हालांकि, मार्च 2023 में, कोच्चि में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे पता चलता है कि अभी भी यह अजेय नहीं है।
ALH को सैन्य उपयोग के लिए मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और इक्वाडोर को बेचा गया है। इनमें से एक हेलिकॉप्टर को इजराइल रक्षा बलों (IDF) को लीज पर भी दिया गया है। इसके अलावा, तुर्की और पेरू जैसे देशों ने नागरिक उद्देश्यों के लिए इस हेलीकॉप्टर को खरीदा है।
हालांकि, इस हेलीकॉप्टर ने भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन लगातार होने वाले हादसों ने इसरी प्रतिष्ठा को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
इक्वाडोर ने रद्द कर दिया था कॉन्ट्रैक्ट
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने 2000 के दशक में ध्रुव हेलीकॉप्टरों के लिए इक्वाडोर के साथ 45.2 मिलियन डॉलर के अनुबंध पर बातचीत करने में कामयाबी हासिल की थी, और उसने एल्बिट, यूरोकॉप्टर और कज़ान जैसे निर्माताओं को कड़ी प्रतिस्पर्धा में हराया। ALH ध्रुव को पश्चिम में बने हेलीकॉप्टरों के कम खर्चीले विकल्प के रूप में प्रचारित किया गया।
इक्वाडोर ने HAL से सात ध्रुव हेलीकॉप्टर खरीदे, जिसे भारत के घरेलू रक्षा उद्योग में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा गया। लेकिन, ये उत्साह जल्द ही खत्म हो गया, क्योंकि अक्टूबर 2009 में पहला हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद दक्षिण अमेरिकी देश ने घोषणा की, कि यह सेवा के लिए उपयुक्त नहीं है और इसे भारत को वापस करने पर विचार कर रहा है।
दुर्घटना की जांच में यह पाया गया, कि विमान की नाकामी का कारण पायलट की गलती थी। इस निष्कर्ष ने इक्वाडोर में तनाव को कम करने में योगदान दिया और हेलीकॉप्टरों को वापस करने के अपने फैसले को पलट दिया।
लेकिन, 2015 तक इक्वाडोर के चार और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गये, जिसके बाद उसने इस हेलीकॉप्टर के लिए कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया। उस वक्त, इक्वाडोर के रक्षा मंत्री ने कहा था, कि भारत से हेलीकॉप्टरों के लिए कंपोनेंट्स प्राप्त करना मुश्किल था और दो दुर्घटनाएं तकनीकी समस्याओं के कारण हुई थीं। अनुबंध को रद्द करने के इक्वाडोर के फैसले ने भारत की एक महत्वपूर्ण रक्षा आपूर्तिकर्ता बनने की आकांक्षाओं को रोक दिया, जिससे भारत अभी भी उबरने की कोशिश कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications