डोनाल्प ट्रंप के दोस्त पर 80 अरब का जुर्माना, अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े स्कूली नरसंहार को बताया था झूठा
सैंडी हुक एलेमेंट्री स्कूल में शूटिंग को अमेरिका के स्कूली इतिहास में हुआ सबसे बड़ा हत्याकांड बताया जाता है। एक दशक पहले 2012 में एक सिरफिरे मानसिक रोगी ने खुद को गोली मारने से पहले 20 बच्चों और 6 स्टाफ की जान ले ली थी।
अमेरिका में एक जूरी ने चर्चित रेडिया प्रस्तोता और डोनाल्ड ट्रंप के खास दोस्त एलेक्स जोन्स (Alex Jones) को सैंडी हुक (Sandy Hook) एलेमेंट्री स्कूल मामले में दुष्प्रचार करने के एवज में 965 मिलियन डॉलर का जुर्माना ठोका है। अगर भारतीय रुपये में इसे जोड़ा जाए तो यह लगभग 80 अरब रुपये बनते हैं। सैंडी हुक एलेमेंट्री स्कूल में शूटिंग को अमेरिका के स्कूली इतिहास में हुआ सबसे बड़ा हत्याकांड बताया जाता है। एक दशक पहले 2012 में एक सिरफिरे मानसिक रोगी ने खुद को गोली मारने से पहले 20 बच्चों और 6 स्टाफ की जान ले ली थी।

अगस्त में लगा था 49 मिलियन का जुर्माना
हालांकि एलेक्स जोन्स ने इस हत्याकांड पर कभी यकीन नहीं किया और वर्षों तक लगातार इस झूठ को बढ़ावा दिया कि नरसंहार कभी नहीं हुआ। जूरी का यह फैसला बुधवार को कनेक्टिकट में तीन सप्ताह की गवाही के बाद आया। अगस्त में इसी तरह के एक मामले में टेक्सास जूरी द्वारा जोन्स पर 49 मिलियन डॉलर का जुर्मान ठोका गया था। पिछले हफ्ते समापन बहस के दौरान, सैंडी हुक पीड़ितों के आठ परिवारों के वकीलों ने कहा कि जोन्स ने वर्षों तक शूटिंग के बारे में झूठ को भुनाया। इसके बदले जोन्स की वेबसाइठ को खूब ट्रैफिक मिले और उसने इसके माध्यम से उत्पादों की बिक्री की।
सैंडी हुक घटना के बारे में किया दुष्प्रचार
एलेक्स जोन्स ने सैंडी हुक स्कूल में हुई घटना को फर्जी बताया था। उसने रेडियो पर अपने श्रोताओं के बीच यह भ्रम फैला दिया कि सैंडी हुक की घटना फर्जी है। इस घटना में कोई मरा ही नहीं। जोन्स के मुताबिक गोली खाने वाले और गोली मारने वाले दोनों ही अभिनय कर रहे थे। इस घटना को लेकर एलेक्स जोन्स ने ऐसा दुष्प्रचार फैलाया कि बहुत से लोगों को यकीन हो गया कि सैंडी हुक मामला फर्जी था। जोन्स ने सैंडी हुक मामले को लेकर एक अभियान चलाया और लोगों से कहा कि यह शूटिंग की घटना का भंडाफोड़ हो चुका है।
पीड़ित परिवारों को किया गया परेशान
एलेक्स जोन्स ने अपने अनुयायियों को यह विश्वास दिला दिया कि सरकार ने जानबूझकर इस फर्जी शूटिंग को अंजाम दिया है ताकि अमेरिका में लोगों से बंदूक रखने का अधिकार छीन सके। इसके बाद तो लोगों ने पीड़ित परिवारों का जीना मुश्किल कर दिया। एलेक्स जोन्स के अनुयायी पीड़ित परिवार के लोगों को परेशान करने लगे। उनका पीछा किया जाने लगा। धमकियां दी जाने लगीं। कई परिवारों ने अपना लंबा समय छिप कर बिताया। सैंडी हुक के प्रिंसिपल डॉन होचस्प्रुंग की बेटी एरिका लाफ़र्टी ने गवाही दी कि लोगों ने उसके घर पर बलात्कार की धमकी दी थी। वहीं एक अन्य वादी मार्क बार्डन ने बताया कि कैसे उनके सात साल के बेटे डैनियल की कब्र पर लोगों ने पेशाब किया और ताबूत खोदने की धमकी दी थी।
फर्जी थ्योरी गढ़ने में नहीं है सानी
2018 में दस परिवारों ने हिम्मत दिखाकर जोन्स के खिलाफ टेक्सस और कनेक्टिकट में मुकदमा दायर किया। 2019 में उसने माना कि शूटिंग की घटना असली थी। लेकिन वह लगातार पीड़ित परिवार वालों के खिलाफ दुष्प्रचार करता रहा। वह कोर्ट में जाने से इनकार करता रहा। नाराज होकर कोर्ट ने तीनों मामलों में उसके खिलाफ फैसला सुनाया। इतना ही एलेक्स जोन्स कई अन्य मामलों में भी दुष्प्राचर कर खूब चर्चा बटोर चुका है। 2002 में एलेक्स ने एक रेडियो शो शुरू किया था। यहां उसने ऐसे दावे किए कि जल्द ही पूरे अमेरिका में उसका बड़ा नाम हो गया। लाखों करोड़ों लोग उसे सुनने लगे। उसके द्वारा गढ़ी गई चौंकाने वाली थ्योरी पर यकीन करने लगे।
डोनाल्ड ट्रम्प के बेहद करीबी है जोन्स
डोनाल्ड ट्रम्प का खास माना जाने वाला एलेक्स ने दुष्प्रचार कर कई लोगों को यह यकीन दिला दिया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा महिला नहीं बल्कि एक पुरुष है। जोन्स के शो पर कई बार डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हुए और कई बार ट्रम्प ने अपने भाषणों में एलेक्स के झूटी थ्योरी को परेसा। एलेक्स जोन्स ने यह भी अफवाह फैलाया कि हिलेरी क्लिंटन ने कई बच्चों की हत्या की है। इसके साथ ही उसने यह अफवाह फैलाया कि 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में सरकार के लोग शामिल थे। जोन्स ने अफवाह फैलाया कि हिलेरी क्लिंटन और ओबामा शैतान के अवतार हैं, इनके शरीर से सल्फर की बू आती हैं।












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