क्या अलकायदा का मोस्ट वांटेड अल जवाहिरी अभी भी जिंदा है? इंटरनेट पर जारी हुआ 60 मिनट का वीडियो
क्या अलकायदा का मोस्ट वांटेड अल जवाहिरी अभी तक जिंदा है? 60 मिनट के वीडियो में अलकायदा ने जिंदा होने के सबूत दिए हैं।
नई दिल्ली, सितंबर 12: दुनिया का मोस्ट वांटेड आतंकवादी और ओसामा बिन लादेन का नंबर-2 अल जवाहिरी को मारने में अमेरिका नाकाम रहा है? क्या अमेरिका की तरफ से अल जवाहिरी को मारने का झूठा दावा किया गया है? ये सनसनीखेज सवाल उस वक्त उठने शुरू हुए हैं, जब 9/11 हमले को लेकर अलकायदा के आधिकारिक चैनल पर एक वीडियो डॉक्यूमेन्ट्री जारी किया गया है, जिसमें अल जवाहिरी को दिखाया गया है।
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जिंदा है अल जवाहिरी?
60 मिनट का वीडियो डॉक्यूमेन्ट्री अलकायदा के आधिकारिक चैनल As-Sahab media के द्वारा जारी किया गया है और इस डॉक्यूमेन्ट्री का टाइटल है 'Jerusalem will not be Judaized'। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है और माना जा रहा है कि इस वीडियो को जान-बूझकर 9/11 हमले के 20वीं बरसी पर जारी किया गया है, ताकि अमेरिका के जख्मों पर मिर्च लगाया जा सके। दरअसल, अलकायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी के मारे जाने की खबर कई साल पहले आ चुकी थी, लेकिन अब इस वीडियो के जारी होने के बाद ऐसा लग रहा है कि अल जवाहिरी की मौत को लेकर सिर्फ अफवाह फैलाई गई थी और वो इस वक्त भी जिंदा है।

अलकायदा के वीडियो में क्या है?
जिहादी समूहों की ऑनलाइन गतिविधि पर नजर रखने वाले अमेरिका स्थित SITE इंटेलिजेंस ग्रुप ने बताया कि अल-जवाहिरी ने अल कायदा द्वारा जारी एक घंटे के नए वीडियो में रूसी सैन्य अड्डे पर छापेमारी सहित कई मुद्दों पर बात की है। साइट के निदेशक रीता काट्ज ने कहा कि, अल-जवाहिरी ने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने को लेकर कोई बात नहीं की है। काट्ज ने बताया कि अल-जवाहिरी को वीडियो में दिखाया गया है, हालांकि पिछले नवंबर की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उनकी मौत हो गई थी। वह आखिरी बार 9/11 आतंकी हमलों की 19वीं बरसी पर अलकायदा के लिए एक वीडियो संदेश में दिखाई दिया था।

पाकिस्तानी सीमा के पास रहने का दावा
इस साल जून में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अल-कायदा नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अल-जवाहिरी सहित अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में रहता है। जो "शायद जीवित है लेकिन प्रचार में दिखाए जाने के लिए बहुत कमजोर है"। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में देश की पहचान किए बिना कहा गया है, "एक सदस्य राज्य रिपोर्ट करता है कि वह शायद जीवित है, लेकिन प्रचार में शामिल होने के लिए बहुत कमजोर है।"

जवाहिरी की मौत सिर्फ अफवाह?
अलकायदा के द्वारा जारी किए गये 60 मिनट के वीडियो में उनकी मौत को अफवाह बताया गया है और 60 मिनट के वीडियो में कई ऐसे सबूत पेश किए गये हैं, जिससे पता चलता है कि जवाहिरी जिंदा है। हालांकि, अब वो बुढ़ापे की वजह से कमजोर हो चुका है। दिसंबर में जवाहिरी की मौत की खबर आने के बाद जब मार्च में अलकायदा की तरफ से वीडियो जारी किया गया था, उस वक्त ऐसे कोई सबूत उसके जिंदा होने के नहीं दिए गये थे, लेकिन इस बार वीडियो में सबूत पेश किए गये हैं। SITE इंटेलिजेंस ग्रुप की काट्ज ने ट्वीट में कहा है कि, ''जवाहिरी ने वीडियो में जिस घटना का जिक्र किया है, वो सीरिया में अल-कायदा-गठबंधन हुर्रस अल-दीन द्वारा एक रूसी सैन्य अड्डे पर एक छापेमारी की थी, जिसका दावा 1 जनवरी को किया गया था। पिछले साल दिसंबर में जब उसकी मौत की खबर आई थी, उस वक्त एक वीडियो अज्ञात सोर्स की तरफ से जारी किया गया था, जसमें "माई अल्लाह प्रोटेक्ट हिम" के साथ उसे पेश किया गया था।

कौन है अल जवाहिरी?
अल-जवाहिरी मिस्र का रहने वाला है, जो 9/11 के हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का उत्तराधिकारी बना था। वो ओसामा बिन लादेन का काफी करीबी है। अल जवाहिरी ने नए वीडियो में पिछले महीने अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी के बारे में भी बात की है। हालांकि, जवाहिरी ने तालिबान की अफगानिस्तान पर मिली जीत का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर जवाहिरी ने अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने की बात की है, तो फिर उसने अफगानिस्तान पर तालिबान को मिली जीत का जिक्र क्यों नहीं किया है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि 'हो सकता है वो मर चुका हो और ये वीडियो उस वक्त का हो, जब अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा समझौते को अंजाम दिया गया था, जिसमें अमेरिका ने अफगानिस्तान से बाहर निकलने पर सहमति जता दी हो'। लेकिन काट्ज का कहना है कि खुफिया एजेंसिंयों ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया है, जिससे पता चले की जवाहिरी की मौत हो चुकी है।
पर्दे के पीछे रहा जवाहिरी
अल-जवाहिरी हाल के वर्षों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहा था और विशेषज्ञों का मानना है कि उसका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। अल कायदा ने हालांकि अपने सामान्य मीडिया चैनलों के माध्यम से अल-जवाहिरी की कथित मौत की कोई पुष्टि जारी नहीं की है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने नवंबर 2020 में बताया कि अल कायदा के उप नेता अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला, जिसे अबू मुहम्मद अल-मसरी के नाम से भी जाना जाता है, को अगस्त में तेहरान में वाशिंगटन के इशारे पर दो इजरायली गुर्गों द्वारा गुप्त रूप से मार दिया गया था। जिसके बाद ओसामा बिन लादेन का बेटा हमजा अल कायदा के अंदर एक प्रमुख व्यक्ति बन गया, जिसे भी बाद में मार दिया गया था।












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