Sri Lanka: राष्ट्रपति चुनाव से पहले श्रीलंकन राष्ट्रपति से मिले अजीत डोभाल, क्या है मुलाकात के पीछे की कहानी?
NSA Ajit Doval In Sri Lanka: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और चल रहे द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। अजीत डोभाल उस वक्त श्रीलंका पहुंचे हैं, जब अगले महीने देश में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं।
अजीत डोभाल शुक्रवार को आयोजित होने वाले कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुरुवार को श्रीलंका पहुंचे हैं। राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने बताया, कि डोभाल ने आज सुबह राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से मुलाकात की है।

उन्होंने श्रीलंका और भारत के बीच चल रहे आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। पीएमडी ने बताया है, कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार सागाला रत्नायके भी इस बैठक में शामिल हुए थे।
कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन क्या है?
कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में भारत, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और उप एनएसए एक साथ आते हैं। सम्मेलन में बांग्लादेश और सेशेल्स को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी और साइबर सुरक्षा पर चर्चा की जाती है, जिसमें भारत हिंद महासागर में अपनी रणनीतिक चिंताओं को सामने रखता है।
इस सम्मेलन की शुरुआत भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच एक त्रिपक्षीय प्रयास के रूप में हुई थी। इसके बाद से इसमें मॉरीशस और बांग्लादेश को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिसमें सेशेल्स पर्यवेक्षक के रूप में भाग ले रहा है। इस पहल का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करना है।
छठी एनएसए-स्तरीय बैठक दिसंबर 2023 में मॉरीशस द्वारा आयोजित की गई थी। पिछले महीने जारी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, सुरक्षा प्रमुखों की अगली बैठक इस साल के अंत में भारत में आयोजित की जाएगी।
अजीत डोभाल की यह यात्रा 21 सितंबर को श्रीलंका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से सिर्फ तीन सप्ताह पहले हो रही है। कोलंबो में राजनीतिक सूत्रों ने पुष्टि की है, कि विभिन्न दलों के नेताओं को शीर्ष भारतीय अधिकारी के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।
डोभाल की यात्रा सीएससी जैसी पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। जैसे-जैसे ये राष्ट्र ज्यादा करीब से सहयोग करते हैं, उनका लक्ष्य क्षेत्र में अपनी सामूहिक सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाना है। श्रीलंका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव अजीत डोभाल की यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बना रहे हैं। इस समय राजनीतिक नेताओं से बातचीत करना भारत और श्रीलंका के बीच भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
सीएससी का विस्तार बाहरी प्रभावों के खिलाफ क्षेत्रीय गठबंधनों को मजबूत करने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। अधिक सदस्य देशों और पर्यवेक्षकों को शामिल करके, इस पहल का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करना है।












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