अमेरिका-तालिबान के बीच ऐतिहासिक समझौता, डोनाल्ड ट्रंप जल्द करेंगे तालिबानी नेताओं से मुलाकात
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ समझौते का स्वागत किया है। अफगानिस्तान में तालिबानी विद्रोहियों के साथ यूएस का समझौता होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जल्द ही वह तालिबानी नेताओं से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान के पड़ोसियों को समझौते के बाद इलाके में शांति लाने की कोशिश करनी चाहिए, जिसके कि आने वाले समय में अफगानिस्तान से सैनिकों को वापस बुलाया जा सके। वहीं कई लोगों का मानना है कि इस डील के बाद अफगानिस्तान की ओर से तालिबान के साथ होने वाली बातचीत काफी मुश्किलभरी हो सकती है। जबकि ट्रंप का कहना है कि हर कोई युद्ध से तंग आ चुका है, लिहाजा समझौतान सफल होगा।

ऐतिहासिक समझौता
बता दें कि अमेरिका और तालिबान बहुप्रतीक्षित शांति समझौते पर शनिवार को दोनों देशों ने दोहा में हस्ताक्षर कर दिए। अगर समझौते के मुताबिक, अमेरिका और इसके सहयोगी 14 महीने के भीतर अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लेंगे। कतर के दोहा में शनिवार को हस्ताक्षर का गवाह बनने के लिए लगभग 30 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि पहुंचे थे। इस समझौते के बाद18 साल से अफगानिस्तान में चल रहा संघर्ष खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रहेगी नजर
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने दोहा में कहा, अफगानिस्तान के साथ ये करार तभी हो पाया जब तालिबान ने शांति का प्रयास किया और अल कायदा के साथ अपने संबंध खत्म किए। यह समझौता इस प्रयास की सच्ची परीक्षा है। हम तालिबान को उनकी प्रतिबद्धताओं के अनुपालन को करीब से देखेंगे और उनके कार्यों के साथ हमारी वापसी की गति को जांचेंगे। इस तरह से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अफगानिस्तान फिर से अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों का बेस तो नहीं बन रहा है।
सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा
घोषणा में कहा गया कि शनिवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के 135 दिन के भीतर आरंभिक तौर पर अमेरिका और इसके सहयोगी अपने 8,600 सैनिकों को वापस बुला लेंगे। अगर तालिबान इस क्षेत्र में शांति स्थापित करेगी। इसमें कहा गया कि इसके बाद ये देश 14 महीने के भीतर अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लेंगे।












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