भारत के बाद अब ईरान ने दी पाकिस्तान को आतंकी ठिकानों पर हमले की धमकी
तेहरान। भारत के बाद अब ईरान की सरकार ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी सरकार के नेताओं और सेना ने पाकिस्तान में पनाह लिए हुए आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। क्योंकि ईरान का मानना है कि, पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ को कड़ा कदम उठाने में असमर्थ है। पाकिस्तान के बालाघाट स्थित जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी कैंप पर भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक किया था। इसके बाद ईरान ने भी पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

पाकिस्तानी सरकार और उसके सैन्य प्रतिष्ठान को कड़ी चेतावनी
IRGC कुर्द फोर्स के कमांडर जनरल क़सीम सोलेमानी ने पाकिस्तानी सरकार और उसके सैन्य प्रतिष्ठान को कड़ी चेतावनी दी है। सोलेमानी ने कहा है, 'मैं पाकिस्तान की सरकार से सवाल करना चाहता हूं कि आप किस ओर जा रहे हैं? सभी पड़ोसी देशों की सीमा पर आपने अशांति फैला रखी है। क्या आपका कोई ऐसा पड़ोसी बचा है जहां आप असुरक्षा फैलाना चाहते हैं। आपके पास तो परमाणु बम हैं, लेकिन आप इस क्षेत्र में एक आतंकी समूह को खत्म नहीं कर पा रहे जिसके सदस्यों की संख्या सैकड़ों में है।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ईरान के सब्र का इम्तिहान नहीं लेना चाहिए।

पाकिस्तान सीमा पर दीवार बनाना चाहता है ईरान
भारत और ईरान ने हाल के वर्षों में अपने आतंकवाद-रोधी सहयोग को बढ़ाया है। विदेश मंत्रालय के बीच होने वाली आपसी बाचतीत में यह मुद्दा सबसे ऊपर होगा। पाकिस्तान और भारत के बीच टकराव की वजह से विदेश सचिव विजय गोखले की बीते हफ्ते होने वाली ईरान यात्रा टाल दी गई थी। ईरानी संसद के विदेश नीति आयोग के अध्यक्ष हशमतुल्ला फलाहतपीश के हवाले से यह भी कहा गया कि ईरान पाकिस्तान के साथ अपनी सीमा पर एक दीवार बनाना चाहता था। हालांकि उन्होंने यह भी वादा किया कि तेहरान पाकिस्तान के अंदर कार्रवाई करेगा अगर वह सीमा पार हमलों को रोकने में असमर्थ रहता है।

हाल ही में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के 27 जवान शहीद हो गए थे
यहां तक कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनी के शीर्ष सहयोगी मेजर जनरल याह्या रहीम सफ़वी ने पाकिस्तान को उकसाने का रिकॉर्ड बनाया है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत है कि ईरान का सर्वोच्च नेता चाहते हैं कि संदेश पाकिस्तान तक जाए। बता दें कि 13 फरवारी को पाकिस्तान से सटी ईरान के सिस्तान बलूचिस्तान सीमा में एक आत्मघाती हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के 27 जवान शहीद हो गए थे। ये हमले बलूचिस्तान की उन जनजातियों में से एक के द्वारा किए गए थे जिन्हें पड़ोसी देश में आत्मघाती अभियानों का प्रशिक्षण दिया गया था।
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