अमेरिका-उत्तर कोरिया के बाद अब रूस ने हाइपरसोनिक हथियार का किया परीक्षण, परमाणु पनडुब्बी से दागी मिसाइल
अमेरिका और उत्तर कोरिया के बाद अब रूस ने भी हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। रूस ने दावा किया है कि उसका मिसाइल परीक्षण कामयाब रहा है।
मॉस्को, अक्टूबर 04: अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बाद अब रूस ने भी हाइपरसोनिक मिसाइल का कामयाबी के साथ परीक्षण कर लिया है और इसके साथ ही विश्व में अब हाइपरसोनिक विध्वंसक हथियारों को लेकर एक नये किस्म की रेस शुरू हो गई है। रूस ने सोमवार को कहा कि उसने पहली बार पनडुब्बी से एक सिर्कोन (जिरकोन) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। जिसके बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपने देश के वैज्ञानिकों की सराहना की है।

हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण
रूस की रक्षा मंत्रालय ने एक वारशिप के ऊपर से सिर्कोन हाइपरसोनिक मिसाइल की कामयाबी के साथ परीक्षण करने की घोषणा की है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि, सेवेरोडविंस्क पनडुब्बी ने बैरेंट्स सागर में तैनात रहते हुए मिसाइल दागी थी जिसने अपने अपने लक्ष्य को सटीकता से भेद डाला। रूसी रक्षामंत्रालय ने एक कम क्वालिटी का वीडियो फूटेज जारी किया है, जिसमें देखा जा रहा है कि एक पनडुब्बी से मिसाइल को छोड़ा गया है और फिर रात के वक्त अंधेरे आकाश में काफी ज्यादा रोशनी दिखाई दे रही है और ऐसा लग रहा है, जैसे ऊपर विस्फोट हो रहा हो। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, सुपरसोनिक मिसाइल न्यूक्लियर पनडुब्बी से छोड़ा गया था और इसका टेस्ट कामयाब रहा है।
रूसी दावे पर सवाल
पश्चिमी देशों के कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि रूस की नई पीढ़ी के हथियार कितने उन्नत हैं, ये पता नहीं चल पा रहा है। क्योंकि, हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति, गतिशीलता और ऊंचाई के संयोजन से उन्हें ट्रैक करना और पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता है। इसी साल जुलाई में एक वीडियो फूटेज में रूस की उन्नत और नई एस-500 मिसाइल सिस्टम को देखा था, जिसकी क्षमता सतह से हवा में मार करने की है, लेकिन इस वीडियो फूटेज को रूस ने जान-बूझकर धुंधला कर दिया था, ताकि मिसाइल सिस्टम के बारे में ज्यादा जानकारी ना लग सके। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2018 में एक भाषण के दौरान देश के पास जल्द ही हाइपरसोनिक मिसाइल होने की घोषणा की थी और उन्होंने कहा था कि, वे दुनिया के लगभग किसी भी बिंदु पर हिट कर सकते हैं और यू.एस.-निर्मित मिसाइल ढाल से बच सकते हैं।

उत्तर कोरिया ने भी किया परीक्षण
आपको बता दें कि, पिछले महीने ही उत्तर कोरिया ने भी एक नई विकसित हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया है। उत्तर कोरिया की समाचार एजेंसी केसीएनए ने दावा करते हुए बताया था कि, उत्तर कोरिया ने उन्नत हथियार प्रणाली की दौड़ में शामिल विश्व की प्रमुख ताकतों के साथ शामिल हो गया है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन, जिन्हें सनकी तानाशाह भी कहा जाता है, उन्होंने ने ह्वासोंग-8 के प्रक्षेपण का निरीक्षण नहीं किया था। 'हर्मिट साम्राज्य' की एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। आधिकारिक रोडोंग सिनमुन अखबार ने हथियार की एक तस्वीर भी ली है, जिसे आकाश में जाते हुए देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया के रक्षा वैज्ञानिकों ने पहले परीक्षण के बाद कहा है कि मिसाइल का नेविगेशन और उसकी स्टेबिलिटी पूरी तरह से सही है।












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