तालिबान का अफगानिस्तान में सरकार गठन का ऐलान, मोहम्मद हसन अखुंद को दी गई कमान
तालिबान ने किया अफगानिस्तान में कार्यकारी सरकार के गठन का ऐलान, मोहम्मद हसन को दी गई कमान मोहम्मद हसन को दी गई कमान
काबुल, 7 सितंबर: अमेरिकी फौजों के लौटने के बाद बीते महीने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने आज अपनी सरकार के गठन का ऐलान कर दिया है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने काबुल में बताया है कि मुल्ला हसन अखुंद तालिबान सरकार में सुप्रीम लीडर यानी हेड ऑफ स्टेट होंगे। वहीं अब्दुल गनी बारादर डिप्टी अफगान लीडर होंगे। तालिबान ने हालांकि साफ किया है कि ये सिर्फ कार्यवाहक सरकार है।

तालिबान की इस कार्यवाहक सरकार में लीडर मोहम्मद हसन और डिप्टी लीडर मुल्ला अब्दुल गनी बारादर के साथ मावलवी हन्नाफीक को सेकेंड डिप्टी लीडर बनाया गया है। मुल्ला हसन अखुंदी को हेड ऑफ स्टेट, मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री और सेराजुद्दीन हक्कानी को इंटीरियर मिनिस्टर बनाया गया है।
अफगानिस्तान के सुप्रीम लीडर चुने गए मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद कंधार से आते हैं और फिलहाल रहबरी शूरा (लीडरशिप काउंसिल) के मुखिया हैं। हसन करीब 20 साल से रहबरी शूरा के कर्ताधर्ता हैं, जो तालिबान में निर्णय लेने वाली संस्था है। मुल्ला हसन अखुंद को कंधार में तालिबान की शुरुआत करने वालों में गिना जाता है। हालांकि उनकी पहचान एक लड़ाके के तौर पर ना होकर एक धार्मिक नेता के तौर पर ज्यादा है।
मुल्ला हसन अखुंद अफगानिस्तान में तालिबन की पिछली सरकारों में काफी सीनियर थे। मुल्ला मोहम्मद रब्बानी अखुंद के सरकार का प्रमुख रहते हुए मुल्ला हसन अखुंद विदेश मंत्री रह चुके हैं। वो 2001 में मंत्री परिषद के उपप्रधान भी थे। इसके अलावा भी कई अहम पदों पर वो रह चुके हैं।
अमेरिका के लौटने के बाद हुआ अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा
अमेरिकी फौजों के अफगानिस्तान छोड़ने के ऐलान के बाद बीते महीने तब के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद तालिबान ने काबुल को अपने कब्जे में ले लिया था। तालिबान ने कब्जे के बाद सरकार गठन की कोशिशें शुरू कर दी थीं। काफी बैठकों और कई तरह की चर्चाओं के बाद आज तालिबान ने सुप्रीम लीडर, डिप्टी लीडर और कई मंत्रियों के नामों का ऐलान किया है।












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