आर्थिक संकट से जूझ रहा है श्रीलंका, सड़कों पर उतरे लोग, जानिए अबतक के 5 बड़े अपडेट
कोलंबो, 01 अप्रैल। आजादी के बाद श्रीलंका अबतक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में विदेशी मुद्रा की भारी किल्लत की वजह से वह अपने जरूरी आयात नहीं कर पा रहा है, जिससे देश के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा की कमी की वजह से श्रीलंका तेल के आयात के लिए पैसों का भुगतान नहीं कर पा रहा, साथ ही जरूरी उत्पादों का भी आयात नहीं कर पा रहा है। इस संकट से निकलने के लिए श्रीलंगा ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद मांगी है। आखिर क्यों श्रीलंका को इस मुश्किल दौर से गुजरना पड़ रहा है और देश के लोगों को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ रहा है, इसकी बड़ी वजह है कोरोना महामारी और श्रीलंका का पर्यटन सेक्टर का इससे बुरी तरह से प्रभावित होना।

सड़क पर उतरे लोग
आर्थिक तंगी के चलते श्रीलंका में 10 घंटे की बिजली कटौती हो रही है, ईंधन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते हजारों की संख्या में लोगों ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के घर के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि राष्ट्रपति अपने पद से इस्तीफा दें।

राष्ट्रपति के परिवार के खिलाफ लोग
सोशल मीडिया पर लोग जो वीडियो शेयर कर रहे हैं उसमे देखा जा सकता है कि महिलाएं और पुरुष सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं,ये लोग राष्ट्रपति के खिलाफ नारे लगाकर उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं। गुस्साए लोग राष्ट्रपति को सनकी तक कह रहे हैं। वह मांग कर रहे हैं कि राजपक्षे के परिवार के सभी लोग अपने पद से इस्तीफा दें। राष्ट्रपति के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे देश के प्रधानमंत्री हैं, जबकि छोटे भाई बासिल वित्त मंत्री हैं। जबकि सबसे बड़े भाई चमाल कृषि मंत्री हैं और भतीजा नमाल सरकार में खेल मंत्री है।

डीजल की किल्लत
श्रीलंका में डीजल की भारी किल्लत है, गुरुवार को श्रीलंका में डीजल की बिक्री बंद हो गई है, जिसकी वजह से ट्रांसपोर्ट सेवा पूरी तरह से ठप पड़ गई। 2.2 करोड़ लोगों को बिजली के संकट से गुजरना पड़ रहा है। हर रोज 10 घंटे की बिजली की कटौती हो रही है। हालांकि पेट्रोल की बिक्री हो रही है,लेकिन यह बहुत ही सीमित मात्रा में उपलब्ध है, जिसकी वजह से मोटरसाइकिल, कार की लंबी-लंबी लाइन पेट्रोल पंप पर लगी है।

बस सेवा प्रभावित
डीजल की किल्लत की वजह से पूरे श्रीलंका में भारी संकट है, लेकिन फिलहाल लोग अभी शहरों में ही प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार से पहले लोग देश के किसी बड़े नेता के खिलाफ प्रदर्शन नहीं कर रहे थे, लेकिन गुरुवार को लोगों ने राष्ट्रपति के घर का घेराव किया। श्रीलंका के परिवहन मंत्री अमनुगामा का कहना है कि हम उन बसों को डीजल नहीं दे रहे हैं जो गैरेज में बनने के लिए खड़ी हैं, लोग इन बसों के डीजल का इस्तेमाल अपने वाहनों को चलाने के लिए कर रहे हैं। देश में प्राइवेट बसों को भी डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते आज से इन तमाम बसों का संचालन ठप हो सकता है। बता दें कि श्रीलंका में दो तिहाई प्राइवेट बसे हैं जो लोगों के लिए आवागमन का अहम माध्यम हैं।

बिजली संकट
श्रीलंका में स्ट्रीट लाइटों को बंद कर दिया गया है। ऊर्जा मंत्री ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि ऊर्जा संकट की वजह से यह फैसला लिया गया है। वहीं डीजल की कमी की वजह से 13 घंटे की बिजली की कटौती हो रही है। जनरेटर को चलाने के लिए डीजल मुहैया नहीं हो पाना बिजली संकट की अहम वजह है।












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