यूरोपीय सांसद ने ईरान की महिलाओं के समर्थन में काटे अपने बाल, कहा- बस अब बहुत हो गया...

अबीर अल सहलानी नाम की एक यूरोपीय सांसद ने ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद चल रहे विरोध के बीच महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए संसद में बहस के दौरान अपने बाल काट दिए।

स्ट्रासबर्ग, 5 अक्टूबर: अबीर अल सहलानी नाम की एक यूरोपीय सांसद ने ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद चल रहे विरोध के बीच महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए संसद में बहस के दौरान अपने बाल काट दिए। फ्रांस के एक प्रमुख नगर स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संघ की बहस को संबोधित करते हुए, स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी ने कहा, "हम, यूरोपीय संघ के लोग और नागरिक, ईरान में पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ सभी हिंसा को बिना शर्त और तत्काल रोकने की मांग करते हैं।"

Photo: Twitter

खून से रंगे हुए हैं ईरान के शासकों के हाथ

खून से रंगे हुए हैं ईरान के शासकों के हाथ

अबीर अल सहलानी ने कहा, "अब बहुत हुआ। बहुत हो चुकीं प्रेस विज्ञप्तियां, बहुत बड़ाबड़ा लिया, अब बोलने का वक्त नहीं, काम करने का वक्त है। ईरान में मुल्लाओं के शासन के हाथ खून से सने हुए हैं। मानवता के खिलाफ अपराध जो कि आप अपने ही लोगों के खिलाफ कर रहे हैं, आपके कृत्य के लिए न तो इतिहास और न ही सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको माफ करेंगे।" ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के में, यूरोपीय सांसद के कैंची से अपने बाल काटते हुए दिखाई देती हैं।

स्वतंत्रता के लिए अंतिम कीमत चुका रही हैं ईरानी महिलाएं

स्वतंत्रता के लिए अंतिम कीमत चुका रही हैं ईरानी महिलाएं

सहलानी ने कहा, "जब तक ईरान की महिलाएं स्वतंत्र नहीं हैं, हम आपके साथ खड़े रहेंगे। अबीर अल-सहलानी ने कहा कि ईरान की महिलाओं ने तीन सप्ताह तक लगातार साहस दिखाया है। वे अपने जीवन के साथ स्वतंत्रता के लिए अंतिम कीमत चुका रहे हैं। नॉर्वे स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ के अनुसार, महसा अमिनी की मौत पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। ईरानी स्कूली छात्राओं और महिलाओं ने अमिनी की मौत के विरोध में अपने हिजाब को हटाकर और रैलियों का आयोजन करके बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया है। कई महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपने बाल भी कटवा लिए हैं।

महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत

महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत

ईरान में महिलाओं के लिए लागू सख्त ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में बीते माह 13 सितंबर को तेहरान देश की मोरल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 22 वर्षीय अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, बाद में एक निरोध केंद्र में गिरने के तुरंत बाद वह कोमा में चली गई और तीन दिन बाद दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद से, हजारों लोग पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं।

अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने चुप्पी तोड़ी

अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने चुप्पी तोड़ी

बीते सोमवार को पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने चुप्पी तोड़ते हुए देश में चल रहे विरोध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया था। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि, महसा अमिनी की मौत से उनका "दिल टूट गया" है। हालांकि, उन्होंने ईरान को अस्थिर करने के लिए एक विदेशी साजिश के रूप में विरोध प्रदर्शनों की तीखी निंदा की। ईरानी सर्वोच्च नेता ने ईरानी लड़कियों को हिजाब जलाने, स्कार्फ को फाड़ने और पुलिस की कारों में आग लगाने की घटना को असामान्य और अप्राकृति करार दिया है।

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