UK-India Week 2018: 'आधार और जीएसटी से डिजिटल टैक्स को मिलेगी मजबूती'
नई दिल्ली। लंदन में 5वें वार्षिक यूके-इंडिया लीडरशिप कॉन्क्लेव में भाग लेने ले रहे इंफोसिस के प्रेसिडेंट मोहित जोशी ने कहा कि भारत को "बहुत अधिक जोखिम" लेने की जरूरत है। उन्होंने आधार पर कहा कि आधार, यूआईपी और जीएसटी डिजिटल टैक्स के लिए एक मजबूती मिलेगी। रुबिकॉन प्रोजेक्ट द्वारा संचालित, ब्रिटेन और भारत के रणनीतिक रिश्ते को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह सम्मेलन 18 जून को शुरू हुआ और 22 जून तक चलेगा।

जोशी ने डी वेरे लैटिमर एस्टेट लैटिमर, बकिंघमशायर में आयोजित होने वाले सम्मेलन में कहा, टभारत में जोखिम पूंजी की जरूरत है। भारत को बहुत ज्यादा जोखिम लेने की जरूरत है। जोशी ने कहा कि आधार, यूआईपी और जीएसटी भारत में डिजिटल टैक्स सिस्टम के लिए ठोस आधार तैयार करेंगे।
वहीं, इंडिया इंक के संस्थापक और सीईओ मनोज लाडवा ने अपने वेलकम स्पीच में ब्रिटेन-भारत संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कहा कि यूके-इंडिया कॉन्क्लेव का लक्ष्य दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए है, ताकि इसे वास्तव में परिवर्तनशील बनाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि यूके-भारत दुनिया में सबसे अच्छी प्रतिभा को पकड़ने की दौड़ में है, हम लेनदेन मोड में नहीं रह सकते हैं। इस सम्मेलन को देखने के बाद ऐसा लगता है कि वास्तव में हम रिश्तों को परिवर्तनकारी बनाने के लिए आगे कैसे बढ़ा सकते हैं।
कॉमनवेल्थ एंटरप्राइज एंड इनवेस्टमेंट काउंसिल से जुड़े लॉर्ड मारलैंड और भारतीय बिजनेसमेन और समाज सेवी सुहैल सेठ भी बहस में हिस्सा लेंगे। इन सबसे अलग नीति आयोग के उपाध्यक्ष और अर्थशास्त्री डॉक्टर राजीव कुमार भारत में मोदी सरकार के चार वर्षों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ खास चर्चा करेंगे।












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