डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कोरोना वायरस से बचने के लिए लाइजॉल और डेटॉल पी गए अमेरिकी, और फिर
A spike in New Yorkers ingesting household cleaners following Trump’s controversial coronavirus commentsडोनाल्ड ट्रंप का बयान पड़ा उल्टा, कोरोना वायरस से बचने के लिए लाइजॉल और डेटॉल पीने लगे अमेरिकी,
न्यूयॉर्क। पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे कोरोनावायरस की वजह से अमेरिका में मरने वालों की संख्या 50 हजार के पार हो गई है। वहीं अब वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिया गया एक जीबो-गरीब सलाहों भरा गैरजिम्मेदार बयान लोगों की जान के लिए आफत बन गया हैं।

लोगों ने कोरोना से बचने के लिए खा लिया ब्लीचिंग पाउडर भी
बता दें बीते गुरुवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि लाइजॉल, डेटॉल जैसे रोगाणुओं को मारने वाले पदार्थो को निगलने से कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक हो जाएगा। न्यूयॉर्क के स्वास्थ्य विभाग के जहर नियंत्रण केंद्र को गुरुवार रात को 9 बजे से शुक्रवार शाम 3 बजे तक 30 लोगों ने फोन कर कहा कि उन्होंने रोगाणुनाशक पदार्थों को निगल लिया है। केंद्र के प्रवक्ता ने बताया कि ब्लीचिंग पाउडर खाने से किसी की मौत या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल इसी समय में जहर खाने के केवल 13 मामले सामने आए थे। प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार को जो मामले सामने आए उनमें नौ लाइजॉल पीने के हैं। इसके अलावा 10 मामले ब्लीचिंग पाउडर और 11 अन्य रोगाणुनाशक पदार्थों को खाने के हैं। इस सलाह के बाद 30 लोगों ने फोन कर बताया कि उन्होंने इसका सेवन कर लिया है।

इस बयान से पलटे डोनाल्ड ट्रंप
कोरोनावायरस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कीटाणुनाशक इंजेक्शन लगाने वाले बयान से पलट गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं तो मज़ाक कर रहा था। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "मैंने आप जैसे पत्रकारों से मजाक में सिर्फ एक सवाल पूछा था। यह देखने के लिए की क्या होता है." बता दें कीटाणुनाशक इंजेक्शन से कोरोना के इलाज की सलाह को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का काफी मजाक बना था। अपनी अजीबो-गरीब सलाहों के लिए हो रही आलोचना से बचने की कोशिश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब हर तरफ सफाई दे रहे हैं।

ट्रंप बोले दरअसल 'व्यंग्य' में कहा गया था
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जब डॉक्टरों को कोविड-19 के मरीजों के संभावित उपचार के लिए शरीर में टीके से जीवाणुनाशक पहुंचाने या पराबैंगनी किरणों, ताप के प्रयोग पर विचार करने के लिए कहा था तो वह दरअसल 'व्यंग्य' में कहा गया था। ट्रंप को अपनी विचित्र और अवास्तविक सलाहों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों से गुरुवार को झिड़की मिली जिन्होंने लोगों से राष्ट्रपति की 'खतरनाक' सलाह को नहीं सुनने की अपील की है।

गृह सुरक्षा मंत्रालय के अवर मंत्री बिल ब्रायन की इस सलाह पर दिया था ट्रंप ने ये बयान
ट्रंप ने बृहस्पतिवार को सरकारी वैज्ञानिकों के साथ संवाददाता सम्मेलन में रोगाणुनाशक को लेकर यह बात तब कही थीं जब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय पर गृह सुरक्षा मंत्रालय के अवर मंत्री बिल ब्रायन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में संवाददाताओं को बताया था, "कोरोना वायरस धूप एवं नमी के संपर्क में आने से बहुत तेजी से खत्म होता है। सीधी धूप पड़ने से यह वायरस सबसे जल्दी मरता है। आइसोप्रोपाइल अल्कोहल वायरस का 30 सेकंड में खात्मा कर सकता है." ब्रायन के संबोधन के बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'उन्हें आश्चर्य है कि क्या शरीर को "बहुत शक्तिशाली प्रकाश" से साफ किया जा सकता है। ट्रंप ने आगे कहा, "तब तो वायरस के खात्में के लिए संक्रमित व्यक्ति में रोगाणुनाशकों को इंजेक्ट किया जा सकता है। वायरस एक मिनट में बाहर निकल सकता है. यह ऐसा कुछ है जो इंजेक्शन लगाकर किया जा सकता है। "












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