134 साल पुराने इस टाइम कैप्सूल में छिपा है बड़ा रहस्य, अमेरिका में एक मूर्ति के नीचे दबा पड़ा था, देखिए Video
वर्जीनिया, 28 दिसंबर: अमेरिका में कम से कम 134 साल पुराना एक टाइम कैप्सूल मिला है, जिसमें अमेरिका के इतिहास से जुड़े कई राज छिपे हो सकते हैं। अमेरिकी राज्य वर्जीनिया के गवर्नर ने खुद इसकी जानकारी तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर साझा की है और अमेरिकी मीडिया भी इस इवेंट को जोर-शोर से कवर कर रही है। टाइम कैप्सूल के रूप में जो तांबे का बक्सा मिला है, उसके बारे में साल 1887 में ही वहां का अखबार काफी-कुछ लिख चुका है। जिस जगह से यह टाइम कैप्सूल मिला है, वहीं पर एक और बक्सा भी हाल ही में मिला था,लेकिन उसमें वो चीजें नहीं थीं, जिसकी अमेरिकी जनता और वहां की सरकार को तलाश रही है।

134 साल पुराने इस टाइम कैप्सूल में छिपा है बड़ा रहस्य
अमेरिका में मजदूर सोमवार को कॉन्फेडरेट जनरल की एक प्रतिमा के आधार को हटा रहे थे। तभी उसके अंदर से उन्हें ताबें का एक बॉक्स मिला, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें 134 साल पुराना रहस्य छिपा हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि उसी स्थान पर एक टाइम कैप्सूल पहले भी मिल चुका है, लेकिन वह वो नहीं था जिसकी तलाश 1887 से ही की जा रही है। अमेरिकी राज्य वर्जीनिया के गवर्नर राल्फ नॉर्दम ने खुद तांबे एक इस बक्से की तीन तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की हैं और लिखा है, 'यह वही टाइम कैप्सूल लग रहा है, जिसकी हर किसी को तलाश थी।'

टाइम कैप्सूल में किस रहस्य की है तलाश ?
1887 में एक अखबार में छपे लेख के मुताबिक जनरल रॉबर्ट ई ली की प्रतिमा के नीचे एक टाइम कैप्सूल छिपा हुआ है। उसके अंदर बटन, बुलेट, संघीय मुद्रा, नक्शे, हत्या के बाद कॉफिन में पड़े राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की एक दुर्लभ तस्वीर और बाकी निशानियां सहेज कर रखी गई हैं। जनरल रॉबर्ट ई ली अमेरिकी सिविल वॉर के दौरान नॉर्दर्न वर्जीनिया में आर्मी का कमांडर था। दरअसल, पिछले हफ्ते उसी स्थान से मिल चुके जूते के बक्से के आकार के कंटेनर को संरक्षकों ने खोला था, लेकिन उसमें पाई गई चीजें 1887 के उस लेख के टाइम कैप्सूल के मुताबिक नहीं थे।
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पूरी छानबीन बाद ही खुलेगा यह टाइम कैप्सूल
पहले मिले बक्से में पानी से गीली तीन किताबें, एक गीले कपड़े के लिफाफे में एक तस्वीर और एक सिक्का था। उसके बारे में कहा जा रहा है कि शायद मूर्ति लगाने वालों ने अपनी तरफ से भविष्य के लिए कुछ स्मृति चिन्ह छोड़ दिया था। लेकिन, सोमवार को जो टाइम कैप्सूल मिला है, वह पहले वाले कंटेनर के दोगुने आकार का है। वर्जीनिया के गवर्नर ने पहले ही कह दिया था कि कंजर्वेटर इस टाइम कैप्सूल को खोलने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करेंगे। (ऊपर की तीन तस्वीरें- गवर्नर राल्फ नॉर्दम के ट्विटर के सौजन्य से)
अमेरिका के ऐतिहासिक शहर से जुड़ा है मामला
वर्जीनिया के रिचमॉन्ड शहर में स्थित ली की मूर्ति वहां के इतिहास से जुड़ी है। यह शहर 1861 से 1865 के बीच के खूनी संघर्ष का गवाह था और तब साउथ का कैपिटल हुआ करता था। यह मूर्ति पिछले साल अमेरिका के मिनोसोटा में हुए ब्लैक जॉर्ज फ्लॉयड की गोरे पुलिस वाले के हाथों हुई हत्या के विरोध में भड़के नस्ली विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र बन गया था। गृह युद्ध के दौरान, कॉन्फेडरेट साउथ संयुक्त राज्य अमेरिका से अलग हो गया और दासता में बंधे रहना स्वीकार किया था, जो कि पूरे देश से खत्म हो चुका था। लोगों को पूरा यकीन है कि उन्हें वह टाइम कैप्सूल मिल चुका है, जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन, जब वह खुलेगा तभी सही मायने में उसकी पुष्टि हो सकेगी।












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