कर्नाटक से जड़ी-बूटी बेचने सुडान पहुंचे 31 आदिवासी फंसे, सुनाई खौफनाक मंजर की कहानी

कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त मनोज राजन ने बताया कि वे इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। सूत्रों के अनुसार आपदा प्रबंधन ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है।

31 Kannadigas tribe stranded in Sudan

सूडान में मिलिट्री और बागी पैरामिलिट्री रेपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच चौथे दिन भी हिंसा जारी है। इस लड़ाई में लगभग 185 लोगों की जानें जा चुकी हैं। इस बीच कम से कम हक्की पिक्की जनजाति के 31 आदिवासी सूडानी शहर अल-फशेर में फंसे हुए हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक के दावणगेरे जिले के चन्नागिरी के निवासी एस प्रभु ने फोन पर बताया कि चार-पांच दिन से उन्होंने अपने घर के बाहर नहीं कदम रखा है। उनके इलाके में लगातार बमबारी और हिंसा की खबरें आ रही हैं।

एस प्रभु ने कहा कि वे लोग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी बेचने के लिए सूडान गए थे। हमारे पास खाना या पीने के लिए कुछ भी नहीं है। यहां कोई हमारी मदद करने को तैयार नहीं है। इनमें से 19 लोग कर्नाटक के हुनसूर, 7 शिवामोगा और 5 लोग चन्नागिरी के रहने वाले हैं।

इसे लेकर भारत में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से तत्काल हस्तक्षेप करने और गृहयुद्ध से परेशान सूडान में फंसे कर्नाटक के 31 लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर कन्नड़ विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सूडान में फंसे भारतीयों के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। इन आदिवासियों को उनकी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया गया है।

1800 से अधिक लोग घायल

संयुक्त राष्ट्र के दूत वोल्कर पर्थेस के अनुसार, इस लड़ाई में मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि जारी हिंसा के कारण सड़कों पर मौजूद कई शवों तक नहीं पहुंचा जा सका है। पर्थेस के मुताबिक इस लड़ाई में कम से कम 1,800 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

आधिकारिक आंकड़ा नहीं

हालांकि अब तक कितने नागरिक या लड़ाके मारे गए हैं, इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे पहले सूडानी डॉक्टरों के एक समूह ने मरने वालों की संख्या 97 बताई थी। इस बीच भारतीय दूतावास अपने ताजा परामर्श में भारतीयों से किसी प्रकार का बिजनेस न करने की सलाह दी है। सूडान के खार्तूम में भारतीय दूतावास ने लूटपाट की कई घटनाओं को देखते हुए वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी किया है।

भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लूटपाट की कई घटनाएं सामने आईं हैं। ऐसे में आम लोगों को दूतावास की ओर से सलाह दी गई है कि आप पर्याप्त राशन सामग्री का इंतजाम कर लें। अगले कुछ दिनों में यही स्थिति बनी रह सकती है। अपने पड़ोसियों से मदद हासिल करने की कोशिश करें। अपने घरों पर ही रहें और सुरक्षित रहें।

क्या है विदेशी कनेक्शन

आपको बता दें कि सूडान में लड़ रहे दोनों गुटों को अलग-अलग देशों का समर्थन मिलता रहा है। अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूडान आर्मी को मिस्र का साथ मिलता रहा है, जबकि पैरामिलिट्री ग्रुप को UAE और सऊदी अरब से मदद मिलती रही है।

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