Russia-Ukraine War: यूक्रेन से अगवा किए गए 31 बच्चों का रेस्क्यू, कहा- चूहे-कॉकरोच के साथ काट रहे थे रातें
रूस ले जाए गए बच्चों को बचाने के लिए पांचवां ऑपरेशन चला रहे स्वंयसेवी संगठन सेव यूक्रेन ने पिछले महीने भी 18 बच्चों को रेस्क्यू किया था।

Image: Twitter
यूक्रेन पर हमले के दौरान रूसी सैनिकों द्वारा अगवा किए बच्चे वापस स्वदेश अपने परिवार के पास सही सलामत पहुंच गए हैं। NGO ग्रुप सेव यूक्रेन ने शनिवार को कहा कि उसने रूस से 31 बच्चों को बचाया है जिन्हें युद्ध के दौरान ले जाया गया था।
NGO सेव यूक्रेन ग्रुप के फाउंडर मायकोला कुलेबा ने इन बच्चों के अगवा होने को कहा कि ये उनका पांचवा मिशन था जो सही सलातम पूरा हुआ। कुलेबा ने कहा कि अब तक का सबसे मुश्किल मिशन था। बीते 5 महीनों में बच्चों का 5 दफे ठिकाना बदला गया।
कुलेबा ने कहा कि इन बच्चों की लोकेशन लगातार बदली जा रही थी। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें चूहों और कॉकरोच से भरे कमरे में रखा जाता था। कुलेबा ने कहा कि रूस में कोई भी ऐसा शख्स नहीं था जिसने इनके माता-पिता को ढूंढने की कोशिश की हो।
मायकोला कुलेबा ने बताया कि खारकीव और खेरसॉन से समर कैंप के नाम पर इन बच्चों को क्रीमिया भेज दिया गया था। इनके मां-बाप से जबरदस्ती इन्हें 2-3 हफ्तों के लिए भेजने को कहा गया था। लेकिन समय पूरा होने के बाद भी बच्चों को वापस नहीं भेजा गया।
चार देशों की यात्रा करके यूक्रेन पहुंचे इन बच्चों को बचाने वाली NGO ग्रुप सेव पिछले एक साल में 95 यूक्रेनी बच्चों को रेस्क्यू कर चुकी है। ग्रुप के फाउंडर मायकोला कुलेबा ने कहा हम हर यूक्रेनी बच्चे को घर लाने के लिए अथक प्रयास करते रहेंगे।
कई महीनों बाद अपने घर लौटे ये बच्चे अपने माता-पिता से गले से लिपटकर रोने लगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने 19,500 यूक्रेनी बच्चों को यूक्रेन से रूस या रूस के कब्जे वाले क्रीमिया से अगवा कर लिया है। हालांकि रूस लगातार इस दावे को खारिज करता आया है।
यूक्रेन के पूर्व और दक्षिण के हिस्सों को नियंत्रित करने वाले रूस के मुताबिक इन बच्चों को सुरक्षा के लिहाज से ही परिवार से दूर भेजा गया है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेनी बच्चों का निर्वासन एक चिंता का विषय रहा है।
अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा बीते महीने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट से रूस पर दबाव बढ़ा है। उन पर यूक्रेनी बच्चों के अपहरण और डिपोर्टेशन के आरोप लगे हैं।












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