अमेरिकी धमकी के बाद भड़का चीन, ताइवान में भेजा लड़ाकू विमानों का जखीरा, ताइवान ने भी मिसाइलों से साधा निशाना
चीन ने ताइवान में 25 बॉम्बर्स एयरक्राफ्ट भेजकर अबतक की सबसे बड़ी घुसपैठ की है। अमेरिका की धमकी के बाद चीन ने ताइवान में भारी तादाद में एयरक्राफ्ट भेजे हैं।
ताइपे, अप्रैल 13: ताइवान से दूर रहने की चेतावनी के बाद चीन बुरी तरह से गुस्सा गया है और उसने 25 लड़ाकू एयरक्राफ्ट ताइवान की एयरस्पेस में भेज दिया। ताइवान डिफेंस मिनिस्ट्री ने रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा है कि चीन ने रिकॉर्ड संख्या में मिलिट्री जेट्स ताइवान की एयरस्पेस में भेजा है। ताइवान डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक चीन ने 25 एयरक्राफ्ट ताइवान एयरस्पेस में भेजा है, जिसमें फाइटर जेट्स, न्यूक्लियर बॉम्बर्स विमान ताइवान की एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन यानि एडीआईजेड में भेजा है।

ताइवान ने दिया मुंहतोड़ जबाव
ताइवान डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक चीन ने ताइवान की वायु सीमा में एच-6के समेत 25 लड़ाकू विमानों को भेज दिया। जिसके बाद ताइवान की वायुसेना भी हरकत में आ गई। ताइवान ने अपनी मिसाइलों का मुंह चीनी लड़ाकू विमानों की तरफ मोड़ दिया, जिसके बाद सभी चायनीज विमान ताइवान सीमा से फरार हो गये। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल चीन ने सबसे बड़ा लड़ाकू विमानों का जखीरा ताइवान की सीमा में भेजा है। चीन ने यह हरकत उस वक्त की है जब अमेरिका ने उसे उसकी आक्रामकता को लेकर चेतावनी जारी की थी। वहीं, चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और इसी बात को लेकर दोनों देशों में भारी तनाव है। कुछ दिन पहले चीन ने ताइवान पर हमला करने की भी चेतावनी दी थी। वहीं, लोकतांत्रिक देश ताइवान अपने आप को एक संप्रभु राष्ट्र मानता है। (तस्वीर सौजन्य- साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट)

अलर्ट पर ताइवान
ताइवान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक चायनीज मिशन में 18 फाइटर जेट, न्यूक्लियर हथियारों के साथ 4 बमवर्षक विमान, 3 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट और वार्निंग एयरक्राफ्ट शामिल थे। इससे पहले 27 मार्च को भी चीन ने ताइवान की सीमा में घुसने की गुस्ताखी की थी। ताइवान डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक 27 मार्च को चीनी वायुसेना के 20 लड़ाकू विमानों ने ताइवान की सीमा में घुसने की हिमाकत की थी। पिछले कुछ महीनों से लगातार चीन की वायुसेना ताइवान के इलाके में घुसपैठ कर रही है, जिसके बाद चीन और अमेरिका में भारी तनाव की स्थिति है। वहीं, ताइवान की रक्षा के लिए अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर भी साउथ चायना सी में भेज रखे हैं, जिसको लेकर चीन बार बार अमेरिका को धमकी दे रहा है। वहीं, ताइवान ने चीनी घुसपैठ को मुंहतोड़ जबाव देने के लिए अपनी वायुसेना को अलर्ट पर रखा हुआ है।

चीन को अमेरिका की धमकी
ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन आमने-सामने हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने चीन को चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि वो ताइवान की तरफ देखने की दुस्साहस भी ना करे। एनबीसी को इंटरव्यू देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा था कि 'अमेरिका कानूनी कमिटमेंट के साथ ताइवान के साथ जुड़ा हुआ है और वाशिंगटन हमेशा इस बात का ध्यान रखेगा कि ताइवान अपनी रक्षा कर सके। और अगर कोई अपनी शक्ति दिखाकर ताइवान की स्थिति को बदलने की कोशिश करेगा तो वो बहुत बड़ी गलती करेगा'। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा था कि 'ताइवान के पास चीन को जबाव देने के लिए पूरी क्षमता और शक्ति मौजूद है और अमेरिका भी साउथ चायना सी में ताइवान की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है'।

आखिरी सांस तक लड़ेंगे- ताइवान
वहीं, ताइवान के विदेशमंत्री जोसेफ वू ने चीन को आंख में आंख दिखाते हुए कहा है कि 'मैं साफ तौर पर ये कहना चाहता हूं कि ताइवान की सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य और हमारी जिम्मेदारी है। और अगर हम अपनी सुरक्षा करने में नाकामयाब रहते हैं तो हमें किसी और देश को ताइवान की सुरक्षा करने के लिए सेक्रिफाइस करने को कहने का हक नहीं बनता है, इसीलिए हम अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क हैं।' ताइवान के विदेश मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ताइवान के इलाके में चीन के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है और आखिरी दम तक चीन का मुकाबला करने की बात कही है।

ताइवान को धमकी
पिछले कुछ हफ्तों में चीन ने ताइवान पर काफी ज्यादा प्रेशर बनाना शुरू कर दिया है। ताइवान के समुन्द्री इलाके में चीनी एयरक्राफ्ट दाखिल हो रहे हैं तो चीन ने ताइवान के क्षेत्र में मिलिट्री बार बार अभ्यास के लिए पहुंच रहा है। चीन की एयरफोर्स भी लगातार ताइवान के एयर डिफेंस जोन में बार भार जा रही है, जिससे साफ पता चलता है कि चीन कभी भी ताइवान पर हमला कर सकता है।

मिलिट्री क्षमता बढ़ाएगा ताइवान
ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा है कि ताइवान ने अपनी सुरक्षा के लिए मिलिट्री क्षमता और हथियारों की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 'हमारी डिफेंस मिनिस्ट्री ताइवान की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम अपनी रक्षा खुद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, और बिना किसी शक के हम अपने विरोधी को मुंहतोड़ जबाव देंगे। और अगर हमें अपनी रक्षा के लिए युद्ध में जाना पड़े तो हम युद्ध में भी जाने से परहेज नहीं करेंगे। हम अपनी जमीन की रक्षा करने के लिए आखिरी दिन तक लड़ाई करेंगे'। ताइवान का सबसे बड़ा इंटरनेशनल सपोर्टर अमेरिका और अमेरिका लगातार ताइवान तो सैन्य मदद पहुंचा रहा है। अमेरिका ताइवान में हथियारों की भी सप्लाई कर रहा है। वहीं, रॉयटर्स की खबर के मुताबिक अमेरिका ने ताइवान को अपनी मिलिट्री को मॉडर्न करने को कहा है ताकि वो किसी भी परिस्थितियों में चीन के आक्रमण को बर्दाश्त करने में सक्षम हो।












Click it and Unblock the Notifications