रिपोर्ट: पाकिस्तान में 1,65,000 लोगों को हुआ HIV/AIDS, पिछले साल हुई 6,400 मौतें
नई दिल्ली। कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को एक के बाद एक झटका लग रहा है, महंगाई की मार झेल रहे वहां के लोगों को अब एचआईवी/एड्स जैसी खतरनाक बीमारी ने भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। हाल में आई एक रिपोर्ट में पाकिस्तान में एचआईवी/एड्स पीड़ितों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस समय पूरे पाकिस्तान में करीब 1,65,000 लोग इस जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में हैं।

एचआईवी/एड्स को लेकर बड़ा खुलासा
दुनियाभर में एचआईवी/एड्स को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने और पीड़ितों के लिए काम करने वाली संस्था राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) ने यह दावा किया है। पाकिस्तान में इस वर्ष 9,565 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद अब वहां कुल 1,65,000 एचआईवी/एड्स पीड़ित लोग हैं। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को एनएसीपी के आंकड़ों के हवाले से बताया, केवल 36,902 लोग एनएसीपी के साथ पंजीकृत हैं, जिनमें से 20,994 लोगों का इलाज चल रहा है।

बच्चे और बच्चियां भी संक्रमित
एनएसीपी के मुताबिक इनमें से 6,426 लोगों को संक्रामक सिरिंजों और दूसरे अन्य कारणों के चलते इस बीमारी की गिरफ्त में आए। एनएसीपी के आंकड़ों में बताया गया है कि पाकिस्तान में 18,220 पुरुष और 4,170 महिलाएं हैं जिनकों संक्रमण हुआ है इनमें से 546 बच्चे और 426 बच्चियां हैं। इस वर्ष अप्रैल से 30 नवंबर तक, लगभग 37,558 लोगों ने एचआईवी जांच कराई थी, जिसमें से 1,195 लोगों में विषाणु जनित कीटाणुओं की संदिग्ध उपस्थिति पाई गई है।

तेजी से बढ़ रही पीड़ितों की संख्या
एनएसीपी ने अपनी रिपोर्ट में आगे बताया कि पिछले वर्ष 2018 के अंत में, पंजीकृत एड्स प्रभावित रोगियों की संख्या 23,757 थी जिनमें से 15,821 उपचार प्राप्त कर रहे थे। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र एड्स नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा पिछले साल जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में पाकिस्तान में एड्स रोगियों की संख्या में खतरनाक रूप से वृद्धि हुई थी। वर्ष 2000 के दौरान रोगियों की अनुमानित संख्या सिर्फ 500 थी, जो बढ़कर 160,000 से अधिक हो गई। 2000 तक बीमारी से होने वाली मौतों की कुल संख्या केवल 100 थी जो 2018 में 6,400 तक पहुंच गई थी।

डॉक्टर की गलती से 895 लोग हुए संक्रमित
पाकिस्तान के ही एक झोलाछाप डॉक्टर की वजह से अकेले एक इलाके में 895 लोगों को एड्स हो गया। सिंध के लरकाना शहर में एक छोटा सा क्षेत्र में अकेले एड्स के 895 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 754 बच्चे और 141 वयस्क हैं। दरअसल, झोलाछाप डॉक्टर अपने मरीजों को सालभर पुरानी सिरेंज से दवाई देता था जिस वजह से बच्चे और पुरुष एचआईवी/एड्स के संपर्क में आ गए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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