Khargone news: युवा सबसे ज्यादा हुए सड़क हादसों का शिकार, बचाव का खास प्लान हुआ तैयार
खरगोन में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कार्रवाई में जुर्माना लगाने का फैसला हुआ, इसके अलावा शहर का कंप्रेसिव यातायात प्लान बनाया जाएगा।

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खरगोन जिले के नगरीय निकायों में जहां ज्यादा जाम या ट्रैफिक रहता है। या किसी विशेष समय पर अधिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। ऐसे स्थानों पर संबंधित सीएमओ और एसडीएम मिलकर कार्रवाई करेंगे। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्देशित किया गया है। कार्रवाई में जुर्माना भी लगाएंगे। इसके अलावा शहर का कंप्रेसिव यातायात प्लान बनाया जाएगा। खरगोन का प्लान बन चुका है जिसमें हॉकर झोन, चौड़ीकरण, रिंगरोड, लेफ्ट टर्न क्लीयररेन्स शामिल है। जिस पर अमल किया जाएगा।
सभी नगरों की एक अलग समिति बनाई जाएगी
एमपीआरडीसी के अधिकारी ने बताया कि झुमकी घाट जहां अधिकांश दुर्घटनाएं होती है उसके सुधार के लिए 24 मार्च को सुधार के लिए स्वीकृति प्राप्त हो गई है। अब जिले के सभी नगरों की एक अलग समिति बनाई जाएगी। बैठक के दौरान एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा किz खरगोन सहित जिले अन्य नगरीय निकायों और गांवों से बड़े-बड़े वल्गर वाहन निकलते हैं। इन वाहनों से ट्रैफिक जाम के अलावा दुर्घटनाओं की भी सम्भवना रहती है। इसके लिए पृथक से एनटीपीसी और कंपनी के साथ बैठक कर समय निर्धारित करना होगा। साथ ही इसके लिए डायवर्टेड सड़क निर्माण भी जरूरी है। समय और सड़क दोनों निर्धारण आवश्यक है। मण्डलेश्वर-कसरावद एसडीएम इस संबंध में समन्वय करेंगे।
यातायात विभाग ने प्रस्तुत किया दुर्घटनाओं का आंकलन
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात थाना प्रभारी दीपेंद्र स्वर्णकार ने वर्ष 2022 में हुई दुर्घटनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जो वाहन चालकों की आदतों और नियमों का पालन के लिए सचेत करता है। वर्ष 2022 में हुई सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक 28 प्रतिशत मृतकों की संख्या 25 से 35 आयुवर्ग के युवाओं की है। इसके बाद 26 प्रतिशत 35 से 45 की और 19 प्रतिशत युवा 18 से 25 वर्ग के है। यह आंकड़ा और भी चौकाने वाला है। 166 मृतकों में किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। जबकि वर्ष 2022 में 434 लोगों की दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है। वहीं बिना हेलमेट वाले 141 गंभीर घायल भी हुए है। सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों में 10 की मृत्यु और 16 गंभीर घायल हुए है। यहां यह बताना आवश्यक है कि वर्ष में सबसे अधिक 214 दुर्घटनाएं दो पहिया वाहन से हुई है। ये दो पहिया वाहन आपस में भी टकराये है। मृतकों में सबसे अधिक 398 ग्रामीणजन और 36 शहरी है।
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