MP: सरकार की इन योजनाओं ने बदली किसानों की किस्मत, कम लागत में कमाया भरपूर मुनाफा
मध्यप्रदेश के किसान सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते हुए कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं, जहां खरगोन जिले के बिस्टान क्षेत्र से इसी तरह का एक उदाहरण सामने आया है.

Recommended Video

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा किसानों के लिए कई अलग-अलग योजनाएं लागू की गई हैं, जहां योजनाओं का लाभ किसानों को मिलता नजर आ रहा है। वहीं योजनाएं किसानों की किस्मत बदलती नजर आ रही हैं, जहां किसानों को मिल रही योजना के लाभ के चलते ना सिर्फ किसान अच्छी फसल प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि भरपूर मुनाफा भी मिल रहा है। ऐसा ही एक उदाहरण खरगोन जिले के रहने वाले किसान नेपाल सिंह का सामने आया है। नेपाल सिंह ने कम लागत में अच्छा खासा मुनाफा प्राप्त किया है।

कुछ ऐसा है मामला
खरगोन जिले के बिस्टान क्षेत्र में सेजला के किसान नेपालसिंह चौहान ने अपनी जमीन की कमजोरी को ताकत मानकर खेती करते हुए लगातार मुनाफा ले रहे हैं। एक तो उनके पास 4 एकड़ भूमि वो भी कंकरीली और दग्गड़ों से भरी हुई। ऊपर से पानी की भी कमी। फिर भी उन्होंने ऐसे हालात में खेती नहीं छोड़ी और लागत से अधिक मुनाफा लिया है। नेपालसिंह बताते है कि ऐसी भूमि होने के बावजूद वो करीब करीब 7 सालों से आधी भूमि में अरंडी और बाकी की भूमि में मक्का, गेंहू और कुछ सब्जियों के साथ खेती कर रहे हैं। इस बार 2 एकड़ में 12 क्विंटल अरंडी उपजा चुके हैं जबकि अभी फल आये हुए हैं। इससे पहले 2021-2022 में उन्होंने 20 क्विंटल तक अरंडी उपजाई है। वो बताते हैं जबकि इसमें लागत कुछ भी नहीं।

40 हजार रुपये के अनुदान पर ट्यूबवेल मिला
पारम्परिक खेती करने वाले नेपालसिंह को कृषि विभाग से नलकूप योजना में 8 वर्ष पर अनुदान पर ट्यूबवेल मिला था। लेकिन पानी कम होने से पूरा प्रबंधन योजना के साथ करते हैं। नेपालसिंह ने कहा कि ग्राम सेवक ने करीब 7-8 वर्ष पूर्व ट्यूबवेल की योजना के बारे में बताया था। नलकूप खनन योजना में प्रकरण बनाया और ट्यूबवेल से कुछ हद तक पानी की जुगाड़ तो हो गई लेकिन पर्याप्त नहीं होने के कारण वे दोनों सीजन में अरंडी की खेती करते हैं। उनका कहना है कि मजदूरी से अच्छा तो अपने ही खेत में खेती करना। अरंडी से हर बार उनको लागत से अधिक मुनाफा होता है।

भारत में सबसे अधिक अरंडी का उत्पादन
अरंडी के तेल का कई मायनों में महत्वपूर्ण उपयोग होता है। साथ ही इससे बनी खली का उपयोग जैविक खाद के तौर पर भी किया जाता है। हमारे देश में गुजरात और हरियाणा में प्रमुखता से इसकी खेती की जाती है। अखाद्य तिलहनी फसलों में इसमें सबसे कम लागत और मुनाफा डेढ़ गुना होता है। भारत विश्व मे सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है। अरंडी का उपयोग साबून के अलावा पेंट, पॉलीमर, नायलॉन, रबर, केमिकल, सरफेस कोटिंग, टेलीकॉम, इंजीनियरिंग प्लास्टिक आदि में होता है।
ये भी पढ़े- MP: भगोरिया का अनूठा रंग, कुछ इस अंदाज में आदिवासियों ने जताया शिवराज सरकार का आभार
-
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त -
Fact Check: 14 किलो वाले LPG सिलेंडर में 10 किलो की गैस मिलेगी? क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?












Click it and Unblock the Notifications