MP में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाएगी 'नदी एम्बुलेंस', कैसे करेगी काम, जानिए?
मध्यप्रदेश में नर्मदा किनारे बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी जनजाति वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से नदी एंबुलेंस की सौगात दी गई है।

मध्यप्रदेश में इन दिनों विकास की धारा बह रही है, जहां अलग-अलग तरह से विकास कार्यों की सौगात प्रदेश की जनता को मिलती दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं चिकित्सा सुविधा में भी प्रदेश दिन प्रतिदिन उन्नति कर रहा है, इसका एक उदाहरण उस वक्त सामने आया, जब प्रदेश में पहली बार नदी एंबुलेंस का शुभारंभ किया गया। नर्मदा किनारे बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी जनजाति वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से नदी एंबुलेंस की सौगात दी गई है। नदी एंबुलेंस के शुभारंभ के दौरान कैबिनेट मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव समेत तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

15 वर्षों से कार्य कर रही संस्था
नदी एंबुलेंस पहाड़ी क्षेत्र के विन्धयाचल और सतपुडा के पहाड़ों के बीच चलेगी। इसके लाभ का दायरा मध्य प्रदेश के 3 जिलों बड़वानी, धार, अलीराजपुर और गुजरात, महाराष्ट्र का एक जिला शामिल है। धार, अलीराजपुर और बड़वानी जिले के नर्मदा किनारे पर बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की आदिवासी जनजाति आबादी को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, और कृषि संबंधित सेवाएं देने के लिए नर्मदा समग्र संस्था पिछले 15 वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है। इस क्षेत्र में अपनी सेवाए दे रही हैं।

ऐसा है नर्मदा समग्र का उद्देश्य
नर्मदा समग्र का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करना है। स्व. अनिल माधव दवे के सपनों को साकार करते हुए 2013 से शुरू हुआ नर्मदा समग्र अभियान साल 2023 में दुर्गम नर्मदा किनारे बसे आदिवासी जनजाति समाज में सेवा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रहा है। आदिवासी अंचल में लगातार अलग-अलग तरह की सौगातें दी जा रही है जिससे अब आदिवासी समाज जनों का जनजीवन भी सुधरता नजर आ रहा है। IRCTC के सहयोग से नदी एंबुलेंस की सौगात दी गई है।

तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकेगी
नर्मदा नदी के डूब क्षेत्रों में मरीजों के इलाज के लिए नदी एंबुलेंस की शुरुआत की जा रही है। नदी एंबुलेंस के जरिए आकस्मिक घटना दुर्घटना होने पर भी प्रभावितों को तत्काल चिकित्सक की मदद मुहैया हो सकेगी, नदी एंबुलेंस के लिए एक नंबर भी जारी किया जाएगा, जिसे डायल करने पर एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी। नदी एंबुलेंस के शुरू होने से ना केवल डूब प्रभावित क्षेत्र में मौजूद विस्थापितों को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, बल्कि वह इस एंबुलेंस के जरिए आवश्यकता होने पर इलाज के लिए जिला मुख्यालयों पर भी पहुंच सकेंगे।
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