एमपी : रेमडेसिविर इंजेक्शन के 200 बॉक्स लेकर नागपुर से इंदौर पहुंचा ट्रक, हर थाने पर तैनात होंगे RRT डॉक्टर
रेमडेसिविर इंजेक्शन के 200 बॉक्स लेकर नागपुर से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा
इंदौर। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के बीच गुरुवार को एक राहतभरी खबर आई। रेमडेसिविर इंजेक्शन के 200 बॉक्स लेकर नागपुर से एक ट्रक इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा। इस प्रकार 9 हजार 600 रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पहुंचीं। इंदौर के लिए 57 बॉक्स छोड़कर यहां से इन्हें स्टेट प्लेन और हेलिकॉप्टर से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भेजा इन्हें भेजा रहा रहा है।

इस दौरान एयरपोर्ट पर व्यवस्था के लिए एडीएम अजयदेव शर्मा प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ मौजूद थे। बताया जा रहा है कि हर बॉक्स में करीब 48 इंजेक्शन हैं, इस हिसाब से 2700 से ज्यादा इंजेक्शन इंदौर के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा हर थाने में आरआरटी डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा। इनका काम क्षेत्र में स्क्रीनिंग, रेफर और होम आइसोलेशन किए गए मरीजों की डेली रिपोर्ट कंपाइल करके कंट्रोल रूम भेजना होगा। साथ ही, होम आइसोलेट मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
किस जगह कितने बॉक्स भेजे जा रहे
शहर बॉक्स
भोपाल 42
जबलपुर 39
ग्वालियर 19
रीवा 18
सागर 14
रतलाम 7
खंडवा 4
क्या फायदा है रेमडेसिविर इंजेक्शन का
कोरोना संक्रमित को केवल रेमडेसिविर इंजेक्शन देने से उसकी सेहत में कोई बदलाव नहीं होता, लेकिन संक्रमण की शुरुआत में लक्षण सामने आना की स्टेज में स्टेरॉयड दवा के साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन देने पर मरीज को आराम मिलता है। लेकिन गंभीर और अति गंभीर श्रेणी के संक्रमित मरीज को स्टेरॉयड के साथ रेमडेसिविर देने से उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं होता।
यह मॉडरेट पेशेंट के हॉस्पिटल स्टे को कम करता है
कोविड संक्रमित मरीज को शुरुआत में गले और फेफड़ों में सूजन आती है। फिर बुखार के साथ कोरोना के लक्षण उभरने लगते हैं। यह कोविड की मॉडरेट स्टेज है। इस स्टेज में मरीज को डॉक्टर्स स्टेरॉयड दवा देते हैं। यदि स्टेरॉयड के साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया जाता है तो मरीज की सेहत में तेजी से सुधार होता है। नतीजतन, सिर्फ स्टेरॉयड दवा लेने वाले मरीज की तुलना में ज्वाइंट डोज लेने वाला मरीज 2 से 4 दिन पहले स्वस्थ हो जाते हैं।
किसे जरूरत है इस इंजेक्शन
कुछ दिन पहले इंदौर के डॉक्टरों की बैठक हुई थी इसमें अधिकतर डॉक्टरों का कहना था- ' यह इंजेक्शन केवल उन्हीं मरीजों के लिए है, जिनके फेफड़ों में 30 से 40% से अधिक संक्रमण है। आम जनता में यह भ्रम फैल चुका है कि यह इंजेक्शन सभी कोरोना पेशेंट को लगाना अनिवार्य है। 14 अप्रैल की कोरोना बुलेटिन की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में 1693 नए पॉजिटिव मामले सामने आए है। 6 मौतें हुई हैं। अब तक कुल 1023 संक्रमित ने दम तोड़ा है। एक्टिव केस 10351 हैं। अब तक कुल 84290 संक्रमित हो चुके हैं।












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