वाह रे घोटाला, बिल्डरों के लिए गायब कर दिया पूरा गांव!
इंदौर। इसे विडंबना कहें या अधिकारियों की लापरवाही कि चंद रुपयों के लालच में मध्य प्रदेश के नक्शे और रिकॉर्ड से एक पूरा गांव ही गायब कर दिया गया। मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों के हौंसले इतने बुंलद है कि उन्हें ना तो सरकार का डर है और न ही पुलिस प्रशासन का।

चंद बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए भ्रष्ट अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के सरकारी रिकॉर्ड और नक्शे से एक पूरे गांव को गायब कर दिया। इंदौर जिले के हातोद तहसील का एक गांव आश्चर्यजनक रूप से सरकारी नक्शे और रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया है।
सरकारी रिकॉर्ड से गायब होने के बाद गांव वालों ने अपनी गांव वापसी के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी है। वहीं बाद में पता चला कि इस गांव को सरकारी नक्शे से भी गायब कर दिया गया है।
आरटीआई से हुए खुलासे में पता चला कि इंदौर के रजिस्ट्रॉर ऑफिस ने कुछ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से गांव को भूमि संबंधित रिकॉर्ड से ही हटा दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सरकारी रिकॉर्ड ये गायब हुआ ये गांव इंदौर शहर से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है।
सरकारी नक्शे और रिकॉर्ड से गांव को गायब कर वहां की जमीन बेची जा रही है। चूंकि गांव सरकारी रिकॉर्ड में नहीं है इसलिए सरकार को स्टाम्प ड्युटी और रजिस्ट्री फीस के रूप में जमीनों को बेचने और खरीदने से भारी राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। अब जब आईटीआई से इसका खुलासा हो गया है तो अधिकारी और प्रशासन ने फौरन एक्शन शुरु कर दिया है।












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