MP News: इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया भारत के पहले राज्य-संचालित क्रिकेट संग्रहालय का उद्घाटन
मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में क्रिकेट के इतिहास को संजोने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। केंद्रीय दूरसंचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार, 7 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) द्वारा स्थापित भारत के पहले राज्य-संचालित क्रिकेट संग्रहालय का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर, बीसीसीआई सचिव जय शाह, और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। होलकर स्टेडियम परिसर में स्थित यह संग्रहालय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक मंदिर की तरह है, जिसमें 500 से अधिक दुर्लभ और सावधानीपूर्वक संरक्षित कलाकृतियां भारतीय और विश्व क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करती हैं।

उद्घाटन समारोह: एक ऐतिहासिक क्षण
होलकर स्टेडियम के परिसर में बने इस संग्रहालय का उद्घाटन एक भव्य समारोह में हुआ। इसका प्रवेश द्वार विश्व प्रसिद्ध लॉर्ड्स स्टेडियम की बालकनी की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जो इसे एक अनूठा और आकर्षक स्वरूप देता है। उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे "क्रिकेट प्रेमियों का मंदिर" करार दिया। उन्होंने कहा, "यह संग्रहालय एक मंदिर है, जिसे मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ ने प्रेमपूर्वक बनाया है। ऐसा लगा जैसे मैं लॉर्ड्स में चला गया हूं। मैं संग्रहालय का दीवाना हूं, और क्रिकेट संग्रहालय में सब कुछ देखने के लिए एक दिन काफी नहीं है।"
सिंधिया ने अपने भाषण में एमपीसीए की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "यह दिन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के लिए ऐतिहासिक है। यह देश का पहला क्रिकेट संग्रहालय है, जिसे किसी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। मैं एमपीसीए के सभी पदाधिकारियों को इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।"
संग्रहालय की खासियतें: क्रिकेट इतिहास का खजाना
- एमपीसीए क्रिकेट संग्रहालय भारतीय और विश्व क्रिकेट के इतिहास को जीवंत करने वाला एक अनूठा संग्रह है। इसमें 500 से अधिक दुर्लभ कलाकृतियां शामिल हैं, जो क्रिकेट के गौरवशाली पलों को संजोए हुए हैं। संग्रहालय की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:
- ऐतिहासिक उपकरण और स्मृतियां: संग्रहालय में कर्नल सी.के. नायडू, मुश्ताक अली, डॉन ब्रैडमैन, सुनील गावस्कर, कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, और राहुल द्रविड़ जैसे क्रिकेट दिग्गजों द्वारा विभिन्न मैचों में इस्तेमाल किए गए बल्ले, गेंद, जर्सी, और अन्य उपकरण प्रदर्शित हैं।
- 1983 विश्व कप की झलक: 1983 में भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। इसमें कपिल देव की ट्रॉफी के साथ तस्वीरें, स्कोरकार्ड, और उस जीत से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
- होलकर युग का इतिहास: संग्रहालय में इंदौर के होलकर युग (1941-1956) के क्रिकेट इतिहास को विशेष स्थान दिया गया है, जब होलकर क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी में कई बार जीत हासिल की थी।
- दुर्लभ पत्र और स्कोरकार्ड: 1907 में बना एक रोलर, डॉन ब्रैडमैन और सचिन तेंदुलकर के बल्ले, दिलीप वेंगसरकर का 1983 का हेलमेट, और हस्तलिखित पत्र जैसी अनमोल वस्तुएं संग्रहालय की शोभा बढ़ाती हैं।
- कर्नल सीके नायडू की प्रतिमा: संग्रहालय में भारतीय क्रिकेट के पहले कप्तान कर्नल सी.के. नायडू की प्रतिमा और उनकी स्मृतियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसे पद्मश्री भालू मोंढे द्वारा डिजाइन किया गया है।
- पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने संग्रहालय की तारीफ करते हुए कहा, "यह संग्रहालय युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा और इसके जरिए वे विश्व क्रिकेट के इतिहास को करीब से जान सकेंगे।"
एमपीसीए का दावा: देश का पहला राज्य-संचालित क्रिकेट संग्रहालय
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) का दावा है कि यह संग्रहालय देश में किसी भी राज्य क्रिकेट संघ द्वारा स्थापित पहला संग्रहालय है। एमपीसीए के सचिव संजीव राव और कोषाध्यक्ष पवन जैन ने इस प्रोजेक्ट को तीन साल की मेहनत का नतीजा बताया। एमपीसीए के पूर्व अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने ट्वीट किया, "मेरे लिए यह एक भावनात्मक क्षण है, क्योंकि मैंने इस संग्रहालय की योजना और कार्यान्वयन की अगुवाई की। तीन साल में इसे आकार दिया गया।"
संग्रहालय का डिजाइन और निर्माण पद्मश्री भालू मोंढे द्वारा किया गया है, जिन्होंने इसे लॉर्ड्स म्यूजियम की तर्ज पर तैयार किया। संग्रहालय का उद्देश्य न केवल क्रिकेट इतिहास को संरक्षित करना है, बल्कि युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित करना भी है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया और क्रिकेट से उनका गहरा नाता
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, का क्रिकेट से गहरा लगाव रहा है। उनके पिता माधवराव सिंधिया भी क्रिकेट प्रेमी थे और उनके साथ ज्योतिरादित्य को विश्व के महान क्रिकेटरों के साथ संवाद करने का अवसर मिला था। हाल ही में, मई 2025 में, सिंधिया ने शिवपुरी के माधवराव सिंधिया खेल परिसर में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते हुए चौके-छक्के लगाए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
उद्घाटन समारोह में सिंधिया ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं एक संग्रहालय का दीवाना हूं और क्रिकेट का शौकीन भी। इस संग्रहालय में कदम रखते ही ऐसा लगा जैसे मैं लॉर्ड्स में हूं। हर कोना क्रिकेट के इतिहास की गौरव गाथा बयां करता है।"
सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव
इस संग्रहालय का उद्घाटन न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए, बल्कि इंदौर और मध्य प्रदेश के लिए भी एक गर्व का क्षण है। इंदौर, जो पहले से ही मध्य प्रदेश की व्यावसायिक और शैक्षिक राजधानी के रूप में जाना जाता है, अब क्रिकेट के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। संग्रहालय में 1983 विश्व कप की जीत और होलकर युग की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित करने से स्थानीय लोगों में गर्व की भावना बढ़ी है।
मध्य प्रदेश में क्रिकेट का बढ़ता कद
मध्य प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने में एमपीसीए और ज्योतिरादित्य सिंधिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हाल के वर्षों में कई बड़े आयोजन इस बात का प्रमाण हैं:
- माधवराव सिंधिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, ग्वालियर: 15 जून 2024 को मुख्यमंत्री मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस स्टेडियम का उद्घाटन किया, जो 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला मध्य प्रदेश का दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम है।
- मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) 2025: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 12 जून 2025 को ग्वालियर में एमपीएल के दूसरे सीजन का उद्घाटन किया, जिसमें पहली बार महिला टीमें भी शामिल की गईं।
- महिला क्रिकेट को बढ़ावा: एमपीएल 2025 में बुंदेलखंड बुल्स, भोपाल वुल्व्स, और चंबल घड़ियाल जैसी महिला टीमों की भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया।
- सिंधिया ने संग्रहालय के उद्घाटन के दौरान कहा, "यह संग्रहालय न केवल क्रिकेट के इतिहास को संजोता है, बल्कि यह युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा और मध्य प्रदेश में क्रिकेट के विकास को नई दिशा देगा।"
आगे की क्या होगा
एमपीसीए ने इस संग्रहालय को और विस्तार देने की योजना बनाई है। भविष्य में इसमें इंटरैक्टिव डिस्प्ले, वर्चुअल रियलिटी अनुभव, और क्रिकेट कार्यशालाओं को शामिल करने की योजना है, ताकि यह न केवल एक संग्रहालय, बल्कि एक शैक्षिक और प्रेरणादायक केंद्र बने। संग्रहालय को पर्यटकों के लिए भी खोला जाएगा, जिससे इंदौर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "एमपीसीए ने क्रिकेट के इतिहास को संरक्षित करने का जो बीड़ा उठाया है, वह प्रशंसनीय है। यह संग्रहालय भारत में क्रिकेट की संस्कृति को और मजबूत करेगा।"












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