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MP: भगोरिया के रंग में रंगे CM Shivraj, अलीराजपुर में दिखा अलग अंदाज

आदिवासी अंचल में लगने वाला भगोरिया मेला अपनी अनूठी संस्कृति के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनियां में मशहूर है। अलीराजपुर जिले में आयोजित 'भगोरिया उत्सव' में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सहभागिता की है।

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    CM भगोरिया में हुए शामिल,देखिए शिवराज का काले चश्मे में अनोखा अंदाज

    अलीराजपुर जिले में आयोजित 'भगोरिया उत्सव' में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सहभागिता की है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सांसद गुमान सिंह डामोर एवं अन्य गणमान्य साथी एवं नागरिक उपस्थित रहे। सीएम शिवराज ने कहा कि, जनजातीय संस्कृति और परम्पराएँ अद्भुत हैं। मैं इन्हें प्रणाम करता हूँ। भगोरिया जनजातीय परंपरा का अभिन्न उत्सव है। अब हम फैसला कर रहे हैं कि भगोरिया को राजकीय पर्व और सांस्कृतिक धरोहर माना जाएगा। हमारे जनजातीय पर्व और उनकी लोक कलाएँ बनीं रहें, उनका उत्सव और आनंद बना रहे इसके लिए सरकार भी इन पर्वों के आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

    सीएम शिवराज ने कही ये बात

    इसी के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, अलीराजपुर की जनता ने माँग की कि हमारे खेतों में नर्मदा का पानी ला दो, हम पाइप बिछाकर जनजातीय भाई-बहनों के खेत में पानी लाने का काम कर रहे हैं। नर्मदा मैया का पवित्र जल हम सोंडवा के पास से लिफ्ट कर अलीराजपुर ला रहे हैं। सोंडवा के 106 गाँवों में भी पानी लाने के लिए सर्वे करवाया जाएगा।सन् 1883 में अंग्रेजों को भारत की ताकत बताने वाले हमारे गौरव बाबा छीतू किराड़ का भव्य स्मारक बनाया जाएगा। भगोरिया मेले के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान का अलग अंदाज देखने मिल रहा था, जहां उन्होंने आदिवासी वेशभूषा धारण करने के साथ ही तीर कमान हाथों में थाम रखा था।

    आदिवासी संस्कृति के रंग देखने मिलते हैं

    आदिवासी अंचल में लगने वाला भगोरिया मेला अपनी अनूठी संस्कृति के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनियां में मशहूर है। मध्यप्रदेश में ये मेला बढ़वानी, अलीराजपुर, धार, झाबुआ और खरगोन जिलों में लगता है। भगोरिया मेला देखने दूर-दूर से लोग इन इलाकों में पहुंचते हैं। आदिवासी इलाकों में मनाया जाने वाला भगोरिया पर्व पूरे सप्ताह भर चलता है, जिसमें आदिवासी संस्कृति और कला के रंग बिखरते हैं। भगोरिया पर्व होली से पहले मनाया जाता है, जिसमें आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर इस मेले में पहुंचते हैं, और ढोल-मांदल बजाते हुए समूह में नाचते-गाते हैं। बदलते वक्त के साथ अब भगोरिया मेले में युवक-युवतियां मॉर्डन पहनावे में भी नजर आते हैं।

    ये भी पढ़े- Barwani news: भगोरिया मेले में लगी आकर्षक प्रदर्शनी, देखने मिला आदिवासी संस्कृति का अनूठा नजारा

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