MP News: सैलरी नहीं मिलने से परेशान अनुदान प्राप्त विद्यालय के शिक्षक, सरकार से कर डाली ये मांग
मध्य प्रदेश में अनुदान प्राप्त विद्यालय शिक्षकों का वेतन पिछले कुछ माह से बकाया है। इसी के चलते शिक्षक लगातार परेशान नजर आ रहे हैं। वहीं शिक्षकों ने प्रेस वार्ता कर अपनी मांग सरकार की समक्ष रखी है, जहां यह शिक्षक जल्द से जल्द अपनी मांगों का निराकरण करने की मांग सरकार के समक्ष रख रहे हैं।
कर्मचारियों का मानना है कि, पिछले कई माह से उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते शिक्षक परेशान नजर आ रहे हैं, शिक्षकों की माने तो लगातार वेतन में हो रही देरी के चलते अब शिक्षकों को कई अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अनुदान प्राप्त विद्यालयीन शिक्षक कर्म. संघ के सदस्यों ने बताया की, इन्दौर सहित प्रदेश के सभी अनुदान प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/कर्मचारियों को जुलाई माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। राखी का त्यौहार, जन्माष्टमी आदि बिना वेतन के ही मनाना पड़े। एक शिक्षिका गंभीर बीमारी से पीडित होकर अस्पताल में भर्ती है। वेतन न मिलने से परिवार कर्ज लेकर ईलाज करवाने को विवश है। लोक शिक्षण संचालानालय भोपाल द्वारा प्रदेश की सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर वर्ष 1981 से 2023 तक की फीस की जानकारी मांगी गई, चूंकि उक्त आदेश डी.पी.आई. द्वारा सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एवं प्रमुख सचिव वित्त के निर्देशानुसार जारी करवाया गया।
अनुदान प्राप्त विद्यालयीन शिक्षक कर्म. संघ के सदस्यों ने बताया की, बडे आश्चर्य व चिंता का विषय है कि अभी हाल ही में प्रदेश के मंत्री, विधायकगण व कई जनप्रतिनिधियों के वेतनों में काफी वृद्धि की गई, परंतु अनुदान शिक्षकों को वेतन भी नही दिया जा रहा है। यदि किसी कर्मचारी को निलंबित किया जाता है, तो निलंबन अवधि में भी उसे जीवन यापन के लिए भी वेतन दिया जाता है, परंतु बिना किसी विशेष कारण के न होने पर भी शिक्षको का वेतन रोका जाना न्याय संगत नहीं है, फीस की जानकारी देना व फीस निर्धारित करने का कार्य संस्था प्रबंधन का होता है न कि शिक्षको का होता है, परंतु अधिकारियों द्वारा मनगढंत आदेश जारी कर शिक्षकों को प्रताडित करने का काम किया जा रहा है।
ये भी पढ़े- 'जब, 500 के नोट की गड्ढी के साथ थमाया था बिल...' कुछ इस तरह CM मोहन यादव ने जीता था पिता का दिल












Click it and Unblock the Notifications