Zameer Ahmed Khan: सिद्धारमैया कैबिनेट के इकलौते मुस्लिम मंत्री, डीके की पहले कर चुके हैं मुखालफत

Zameer Ahmed Khan: कर्नाटक में सिद्धारमैया कैबिनेट के इकलौते मुस्लिम मंत्री, पहले सीएम बनने की जाहिर कर चुके हैं जमीर डीके शिवकुमार का एक बार कर चुके हैं विरोध। जानें इनके बारे में और जानिए वो पुराना किस्‍सा।

Zameer Ahmed Khan

कर्नाटक में कांग्रेस की नवनिर्वाचित सरकार ने सत्‍ता संभाल ली है। शनिवार को बेंगलुरू में हुए भव्‍य समारोह में सिद्धारमैया ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली और डीके शिवकुमार ने उपमुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं सिद्धारमैया की कैबिनेट के आठ मंत्रियों ने शपथ ली। जिसमें जमीर अहमद खान भी शामिल है जिन्‍होंने मंत्री पद की शपथी ली। जमीर अहमद सिद्धारमैया कैबिनेट के इकलौते ऐसे मंत्री है जिनका ताल्‍लुक मुस्लिम से है। आइए जानते हैं कौन है कर्नाटक सरकार के ये नए मंत्री?


जेडीएस पार्टी से की करियर की शुरूआत

जमीर अहमद कांग्रेस के दिग्गज नेता और दूसरी बार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मुख्‍यमंत्री बने सिद्धारमैया के करीबी नेता हैं। देवगौड़ा की जनता दल सेक्‍युलर पार्टी से अपने करियर की शुरूआत करने वाले जमीर अहमद 2005 में बेंगलुरू की चामराजपेट सीट से उपचुनाव जीते थे और पहली बार विधायक बने थे। वहीं 2006 कुमारस्‍वामी की गठबंधन की सरकार में हज और वक्‍फ बोर्ड के बतौर मंत्री जिम्‍मेदारी संभाल चुके हैं।


जेडीएस ने पार्टी से इस वजह से निकाल बाहर कर दिया था

जमीर अहमद खान समेत सात विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी के व्हिप का उल्लंघन कर कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में वोट दिया इसलिए उन्‍हें 2016 में जेडीएस ने निष्‍काषित कर दिया था ।इसके बाद सभी ने 2018 के कर्नाटक चुनाव से पहले का जमीर जेडीएस से निष्‍काषित 6 विधायकों ने कांग्रेस पार्टी ज्‍वाइन क ली थी।

2018 में कांग्रेस से विधायक

2018 में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में कांग्रेस के विधायक के तौर पर कुमारस्‍वामी की कैबिनेट में शामिल हुए और मंत्री नियुक्‍त किए थे। हालांकि वो सरकार कांग्रेस के विधायकों में बगावत के चलते गिर गई और भाजपा ने सरकार बना ली थी।

सिद्धारमैया गुट के हैं ये विधायक

जमीर अहमद को मुस्लिम समुदाय का बड़ा सपोर्ट है। इसके साथ ही वो सिद्धारमैया के हिमायती नेता हैं। जब डीके शिवकुमार हाल ही में मुख्‍यमंत्री पद की जिद को लेकर अड़े हुए थे तो जमीर वो कांग्रेस के विधायक थे जो सिद्धारमैया के साथ दिल्‍ली में डटे हुए थे।


चुनाव से पहले इस मुद्दे पर डीके शिवकुमार को घेर चुके हैं

चुनाव से पहले जमीर अहमद खान तब सुर्खियों में आए थे जब जुलाई 2022 में उन्‍होंने एक बयान दिया था। सिद्धारमैया गुट के विधाकय जमीर अहमद खान ने वोक्कलिगा समुदाय को संगठित करने की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार की कोशिश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बस एक समुदाय के समर्थन से कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता।


मेरी भी मुख्‍यमंत्री बनने की इच्‍छा है

जमीर अहमद ने मुसलमानों की पैरवी करते हुए कहा था कोई एक समुदाय के सपोर्ट से सीएम नहीं बन सकता। सभी को मुख्‍यमंत्री बनने की इच्‍छा होती है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन सभी समुदाय को साथ लेकर ही मुख्‍यमंत्री बन पाना संभव है। मेरी भी मुख्‍यमंत्री बनने की इच्‍छा है। जमीन ने तब याद दिलाया था कि मेरे मुस्लिम समुदाया का वोक्‍कालिगा समुदाय से अधिक है, क्‍या मेरी लिए बस अपनी जाति का समर्थन पाकर सीए बनना संभव है, ऐसा संभव नहीं है?


8 मंत्रियों का जातीय समीकरण मंत्री जाति

केएच मुनियप्पा- एससी
केजे जॉर्ज- अल्पसंख्यक-ईसाई
जी परमेश्वर- एससी
प्रियांक खरगे- एससी
रामलिंगा रेड्डी- रेड्डी
एम बी पाटिल- लिंगायत
सतीश जारकीहोली- एसटी-वाल्मीकि

जमीर अहमद खान- अल्पसंख्यक-मुस्लिम

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