"तिरुपति लड्डू में चर्बी", सीएम नायडू के आरोपों के खिलाफ YSRCP पहुंची हाई कोर्ट, जानें पीठ ने क्या दिया जवाब?
Tirupati laddu controversy: दुनिया के सबसे अमीर भगवान श्री वेंकटेश्वर के तिरूपति मंदिर का प्रसादम तिरुपति लड्डू में पशु की चर्बी के खुलासे के बाद बवाल मचा हुआ है। आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 17 सितंबर को राज्य की पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में तिरुपति लड्डू में पशु चर्बी मिलाने का आरोप लगाया था। नायडू के इस गंभीर आरोप के बाद जगन मोहन के प्रतिनिधित्व वाली वाईएसआरसीपी तिलमिला कर कोर्ट का रुख किया है।
वाईएसआरसीपी के वकीलों ने उच्च न्यायालय की पीठ में तिरुमाला लड्डू प्रसादम के संबंध में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने के दावों की जांच करवाने की मांग की ।

वाईएसआरसीपी के वकील ने अनुरोध किया कि या तो एक मौजूदा न्यायाधीश या उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति मुख्यमंत्री द्वारा किए गए दावों की जांच करे। लेकिन हाईकोर्ट की पीठ ने सुझाव दिया कि बुधवार, 25 सितंबर तक एक जनहित याचिका दायर की जाए और कोर्ट उस दिन दलीलें सुनी जाएंगी।
जानें तिरुपति लड्डू "प्रसादम" में चर्बी का क्या है मामला?
बता दें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने बीते पांच सालों में YSRCP सरकार और उसके नेताओं ने तिरुपति लड्डू में पशु की चर्बी का इस्तेमाल करने का पाखंड किया है। उन्होंने तिरुमाला की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है।
तिरुपति लडुू में जानवर की चर्बी से बने घी का इस्तेमाल
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 17 जुलाई को नायडू ने एक रिपोर्ट साझा की ये रिपोर्ट राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की फूड लैब CALF की है। जिसमें दावा किया गया कि तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए तैयार किए गए लड्डुओं में पशु की चर्बी, मछली तेल से बने घी का इस्तेमाल हो रहा है। लड्डुओं में इस्तेमाल किए जाने वाले घी में इन चीजों की मिलावट पाई गई है।












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