यस बैंक को जल्दी रीस्ट्रक्चर किया जाएगा, हमारी लगातार स्थिति पर नजर: सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यस बैंक के ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैंक के संकट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वित्तमंत्रालय और रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। यस बैंक में जमा राशि और देनदारियां प्रभावित नहीं होंगी। कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा। सीतारमण ने कहा है कि स्टेट बैंक ने यस बैंक ने निवेश का इंट्रेस्ट दिखाया है। 30 दिनों के भीतर यस बैंक का री-स्ट्रक्चर किया जाएगा। यह स्कीम रिजर्व बैंक लेकर आया है। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद नया बोर्ड टेक ओवर करेगा।

Recommended Video

    YES BANK Crisis: Re-structuring Plan का हुआ ऐलान, गड़बड़ी करने वाले की होगी पहचान | वनइंडिया हिंदी
    RBI ने आश्वासन दिया है कि पुनर्निर्माण योजना जल्द शुरू की जाएगी; SBI ने यस बैंक में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की है।

    सीतारमण ने कहा, यस बैंक कई साल से मुश्किल दौर में था। बैंक की तरफ से निवेश लाने के लिए तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन सफलता नहीं मिली। रिजर्व बैंक 2017 से इस बैंक के कामकाज पर गहरी नजर बनाकर रखा है। यस बैंक की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। बैंक ने गलत लोन दिए। मैंने RBI से आकलन करने के लिए कहा है कि बैंक में इन कठिनाइयों का क्या कारण है। इसके साथ-साथ समस्या के लिए व्यक्तिगत रूप से कौन जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान की जाए। आरबीआई ने आश्वासन दिया है कि रीस्ट्रक्चरिंग जल्द शुरू की जाएगी।

    2004 में यस बैंक की स्थापना की गई थी। यस बैंक ने गलत लोगों को कर्ज दिया। सितंबर 2018 में रिजर्व बैंक ने इसके बोर्ड को बदलने का फैसला किया। बैंक ने लोन बांटने में लापरवाही बरती, जिसके कारण आज बैड लोन के नीचे बैंक दब गया है।

    इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं इस बैंक के सभी जमाकर्ताओं को विश्वास दिलाना चाहती हूं कि उनके पैसे बिल्कुल सुरक्षित हैं। मैं लगातार भारतीय रिजर्व बैंक से संपर्क में हूं। बैंक, अर्थव्यवस्था और जमाकर्ताओं के हित में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने मुझे विश्वास दिलाया है कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

    बता दें कि आरबीआई ने नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए निर्धारित कर दी है। बैंक के ग्राहक एक महीने में 50 हजार से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे। आरबीआई ने गुरुवार देर शाम जारी बयान में कहा कि येस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। रिजर्व बैंक ने 30 दिन के लिए उसके बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। भारत में प्राइवेट सेक्टर के चौथे सबसे बड़ा बैंक यस बैंक बीते कुछ समय से लगातार संकट में है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+