मुंबई से वाराणसी जाने के लिए वर्कर ने सोनू सूद से कहा मदद कीजिए, ऐक्टर बोले चाय जरूर पिलाना
नई दिल्ली- बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने हाल के दिनों में मूंबई में फंसे मजदूरों और कामगारों को उनके राज्यों तक भेजने में बहुत मदद की है। उनकी इन्हीं कोशिशों को लेकर उनका एक ट्वीट बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में एक शख्स ने सोनू सूद से ट्विटर पर मुंबई से वाराणसी भेजने में सहायता मांगी तो उसे सूद ने जवाब दिया कि बस घर जाने की तैयारी करो, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने उसके सामने बड़ी ही सहजता से एक बहुत ही दिल छू लेने वाली मांग भी रख दी।

सोनू सूद ने वर्कर से कहा सामान बांध लो...
बात मुंबई के गोरेगांव की है, जहां लॉकडाउन की वजह से फंसे एक शख्स के मुताबिक उसने काफी कोशिश की, लेकिन उसे अपने घर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। शुभम साहू नाम के उस शख्स को पता चला कि इन दिनों अभिनेता सोनू सूद दूसरे राज्य के लोगों को घर वापसी में बहुत ही सहायता कर रहे हैं। उस व्यक्ति ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर जाने के लिए मुंबई के थाने में भी आवेदन डाला था और यूपी सरकार के ऐप जनसुनवाई पर भी फॉर्म भरा, लेकिन उसका नंबर आ ही नहीं रहा था। तब जाकर उसने ट्विटर के जरिए सोनू सूद को अपनी परेशानी बताई और उन्हें अपने बारे में विस्तृत ब्योरा दिया। शायद उस शख्स को भी जितनी उम्मीद नहीं रही होगी, उससे पहले ही ऐक्टर ने उसे ट्विटर पर ही भरोसा दिया कि तुम्हें कॉल आ रहा है, बस तुम घर जाने की तैयारी करो। इसके साथ ही सूद ने उससे कहा कि अगर वो कभी वाराणसी आए तो इसके बदले उन्हें वह चाय जरूर पिलाए।

कभी वाराणसी आया तो चाय जरूर पिलाना....
शुभम साहू ने ट्विटर पर लिखा था, 'सोनू सर, मैंने दिंडोशी गोरेगांव थाने में और उत्तर प्रदेश सरकार की जनसुनवाई ऐप पर भी फॉर्म भरकर जमा किया था, लेकिन उनमें से कहीं से भी कॉल नहीं आया। वाराणसी मेरा होम टाउन है। ये मेरा कॉन्टैक्ट नंबर है। प्लीज जवाब जरूर दीजिएगा।' इसपर ऐक्टर सोनू सूद ने उसे ट्विटर पर ही जवाब में लिखा, 'वाराणसी कभी आए तो चाय जरूर पिलाना भाई। अब तुम्हारे पास एक कॉल आएगा। अपना सामान बांध लो।' इसके बाद ये ट्वीट बहुत वायरल हो गया और लोगों ने इसपर जमकर प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

लोगों का दिल खोलकर मदद कर रहे हैं सूद
बता दें कि सोनू सूद लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए न सिर्फ बसों का इंतजाम कर रहे हैं, बल्कि उनके लिए खाने का भी इंतजाम करवाने में जुटे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन की वजह से फंसे मजदूरों को देखकर उन्हें बहुत दुख होता है और वह उनको उनके घर तक पहुंचाने के लिए जो भी हो सकता है करने के लिए तैयार है। इसके लिए वह संबंधित राज्यों से अनुमति लेते हैं और बसों का इंतजाम करवाते हैं। वह उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र से कर्नाटक के गुलबर्ग जाने वाले कामगारों के लिए भी बसों की व्यवस्था करवा चुके हैं। 46 साल के सूद ने हाल ही में एक बयान में कहा था, 'यह देखना मेरे लिए बहुत ही भावुक पल है, क्योंकि इससे मेरे दिल को दुख पहुंचता है कि इन प्रवासियों को अपने घर जाने के लिए सड़कों पर चलते देख रहे हैं। मैं तब तक प्रवासियों को उनके घर तक भेजता रहूंगा जब तक कि आखिरी प्रवासी अपने परिवार और अपनों तक नहीं पहुंच जाए। यह मेरे लिए मेरे दिल को छूने वाला है और इसके लिए मैं अपना सबकुछ दे दूंगा ' उनकी ओर से मुंबई से यूपी के कई शहरों लखनऊ, हरदोई, प्रतापगढ़ और सिद्धार्थनगर के अलावा झारखंड और बिहार भी बसें भेजी गई हैं।












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