Waqf Amendment Bill: क्या आसानी से पास हो जाएगा वक्फ बिल? जानिए लोकसभा और राज्यसभा का पूरा गणित
Waqf Amendment Bill: देश की मोदी सरकार 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश करने वाली है। हालांकि विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है, ऐसे में आज सदन में काफी हंगामा होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने वक्फ विधेयक पर सदन में चर्चा के लिए पूरे आठ घंटे का समय तय किया है।
याद रहे संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा 8 अगस्त 2024 को विधेयक पेश किया था हालांकि, विपक्ष के हंगामे के कारण वक्फ संशोधन विधेयक आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। आइए जानते हैं क्या वक्फ संसोधन विधेयक को पास करवा पाना मोदी सरकार के लिए आसान होगा?

गौतरलब है कि भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल की अगुआई वाली जेपीसी ने इसके संबंध में अपनी रिपोर्ट संसद को सौंप दी है। इसमें एनडीए में शमिल पार्टियों द्वारा प्रस्वावित किए गए 14 संसोधन भी शामिल है। इतना ही नहीं इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियेां ने इस वक्फ विधेयक पर 44 संसोधन सुझाए थे जिसे खारिज कर दिया गया है।
ऐसे में मोदी सरकार के इसे लागू करने के प्रयासों के बाजवूद संसद में विधेयक पारित करना आसान नहीं हो सकता है, क्योंकि यह पहले ही जेपीसी समीक्षा से गुजर चुका है।
इस पर विवाद छिड़ गया है, विपक्षी दलों ने विधेयक को विवादास्पद करार दिया है। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि वक्फ संशोधन विधेयक वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों के समाधान को सशक्त करेगा, बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को लाभान्वित करेगा।
लोकसभा में क्या पास हो पाएगा वक्फ विधेयक?
वर्तमान में लोकसभा में 542 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के पास 240 सीटें हैं, जो इसे सबसे बड़ी पार्टी बनाती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 293 सांसदों के साथ बहुमत है, जो किसी विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक 272 से कहीं अधिक है।
वहीं विपक्षी कांग्रेस के 99 सांसदों और अन्य इंडिया ब्लॉक पार्टियों सहित विपक्ष के पास कुल 233 सदस्य हैं, जो बहुमत से कम है। इसके अलावा, आजाद समाज पार्टी और शिरोमणि अकाली दल जैसी पार्टियां और कई निर्दलीय भी हैं, ये पार्टियां ना ही एनडीए का हिस्सा हैं और ना ही इंडिया ब्लॉक में ये शामिल हैं।
राज्यसभा में क्या पास होगा वक्फ विधेयक?
राज्यसभा में वर्तमान समय में 236 सदस्य हैं, जिनमें से 98 सीटें भाजपा के पास हैं। एनडीए गठबंधन के पास, 6 मनोनीत सदस्यों के साथ, जो आम तौर पर सरकार का समर्थन करते हैं, लगभग 121 सदस्य हैं, जो कानून पारित करने के लिए आवश्यक 119 से अधिक है। वहीं विपक्ष में 85 सदस्य हैं, जिनमें कांग्रेस, अन्य विपक्षी INDIA ब्लॉक पार्टियां और वाईएसआर कांग्रेस, बीजेडी और एआईएडीएमके के सदस्य, कुछ छोटी पार्टियाँ और निर्दलीय शामिल हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक में कई प्रमुख आपत्तियां क्या हैं?
वक्फ संशोधन विधेयक में कई प्रमुख आपत्तियां हैं, जिनमें वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों में उच्च न्यायालयों में अपील करने का अधिकार शामिल है, जो पिछले नियम से अलग है, जहां वक्फ न्यायाधिकरण के फैसले अंतिम होते थे। विधेयक में यह भी कहा गया है कि वक्फ बिना दान के संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता है, जो पहले के परिदृश्य से अलग है, जहां वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति माना जाता था।
इसके अतिरिक्त, संशोधन में वक्फ बोर्ड में एक महिला और दूसरे धर्म के सदस्य को शामिल करने का प्रावधान है, जो पहले नहीं था। इसके अलावा, कलेक्टरों के पास अब वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण करने और उनकी स्थिति तय करने का अधिकार होगा।












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