क्या राहुल गांधी सदन में अविश्वास प्रस्ताव में लेंगे हिस्सा, 8 अगस्त तक बहाल हो पाएगी सदस्यता?

Rahul Gandhi Lok Sabha membership: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2019 के 'मोदी सरनेम' आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के बाद कांग्रेस पार्टी और उनके समर्थक चाहते हैं कि उनको जल्द से जल्द उनकी लोकसभा सदस्यता वापस मिले।

कांग्रेस पार्टी चाहती है कि राहुल गांधी संसद के मानसून सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा लें और 08 अगस्त से पहले उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल हो जाए। लेकिन यहां सवाल ये उठता है कि क्या राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता इतनी जल्दी मिल पाएगी। आइए जानें कांग्रेस पार्टी अपनी ओर से इसके लिए क्या कर रही है।

Rahul Gandhi defamation case

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक दिन बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता की बहाली का रास्ता लगभग साफ हो गया। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार (05 अगस्त) को लोकसभा सचिवालय को अदालत का आदेश सौंपा और राहुल गांधी की बहाली की मांग वाला पत्र भी दिया।

उन्होंने कहा कि यह अफसोसजनक है कि लोकसभा सचिवालय राहुल गांधी को उसी तत्परता से बहाल नहीं कर रहा है, जिस तत्परता से उनको दोषी ठहराए जाने के बाद मार्च 2023 में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था।

सोमवार को शुरू होगी प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक लोकसभा सचिवालय ने पुष्टि की कि कांग्रेस ने अदालत का आदेश सौंप दिया है। लेकिन चूंकि स्पीकर ओम बिड़ला रविवार को दिल्ली से बाहर जा रहे हैं इसलिए ये पूरी जांच प्रक्रिया सोमवार को होगी।

कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी सदन में लौटें और अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा लें, जिस पर 8 अगस्त को चर्चा होगी। 05 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आदेश आने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ओम बिडला से मुलाकात कर उनसे राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने की गुजारिश की।

स्पीकर ने चौधरी से कहा था कि जब तक उनके कार्यालय को सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मिलता, वो इस मामले पर फैसला नहीं करेंगे।

अधीर रंजन चौधरी बोले-जब कोर्ट ने फैसला दे दिया, तो देरी क्यों?

अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से कहा, ''अदालत का आदेश मिलने के बाद, मैंने शुक्रवार रात स्पीकर को फोन किया। मैंने उनसे कहा कि मैं राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने वाला सुप्रीम कोर्ट का आदेश सौंपना चाहता हूं और अपना पत्र भी सौंपना चाहता हूं। मैंने उनसे मिलने का समय मांगा। उन्होंने मुझसे कहा कि वह शनिवार को मुझसे मिलेंगे। मैंने उन्हें शनिवार सुबह फोन किया। मैंने उनसे बात की थी। उन्होंने मुझे लोकसभा महासचिव से संपर्क करने और दस्तावेज उनके कार्यालय को सौंपने की सलाह दी। मैंने महासचिव को फोन किया। महासचिव ने कहा कि आज छुट्टी होने के कारण उनका कार्यालय बंद है। मैंने पूछा कि फिर पत्र किसे दूं? उन्होंने मुझसे कहा कि इसे अध्यक्ष को दे दो (और यह) अध्यक्ष के कार्यालय के माध्यम से उन तक पहुंच जाएगा।''

उन्होंने आगे बताया, ''मैंने महासचिव से कहा कि कम से कम लेटर तो मुझसे ले लें। उन्होंने कहा कि आज छुट्टी है। छुट्टी का दिन है तो क्या हुआ....आपातकालीन स्थिति में पत्र प्राप्त करने की कोई व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सिस्टम है।''

क्या लोकसभा स्पीकर को अधीर रंजन चौधरी दे रहे हैं दोष?

चौधरी ने कहा, ''जब अदालत ने राहुल गांधी को राहत दे दी है...स्पीकर और उनके कार्यालय से मेरा अनुरोध है कि सदन में उनकी वापसी में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। हमने तीन दस्तावेज जमा किए हैं, अधिसूचना जारी की गई है।''

उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पार्टी की ओर से...नियमों के मुताबिक वो सब किया है...जिस तेजी से राहुल गांधी को अयोग्य ठहराया गया था...उनकी बहाली भी उसी तेजी से होनी चाहिए।"

क्या लोकसभा स्पीकर को आप दोष दे रहे हैं या जानबूझकर देरी का आरोप लगा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''मेरा अध्यक्ष को कटघरे में खड़ा करने का कोई इरादा नहीं है। अध्यक्ष के प्रति मेरे मन में सर्वोच्च सम्मान है। मैं सिर्फ अपना अधिकार मांग रहा हूं।' मैं अलग से कोई सुविधा नहीं मांग रहा हूं। मैं और कुछ नहीं मांग रहा हूं।''

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+