बंगाल-तमिलनाडु में BJP को मिलेगी बंपर सफलता, प्रशांत किशोर के इस दावे में कितनी सच्चाई है?
भारत में लोकसभा का चुनाव शुरू हो गया है। 19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा। वहीं, 4 जून को चुनाव के परिणाम आएंगे। चुनाव परिणाम का दिन आने में अब जब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है ऐसे में अनुमानों का खेल चरम पर है।
सब अपने-अपने अनुमान के आधार पर लोकसभा चुनाव परिणाम की भविष्यवाणई कर रहे हैं। हाल ही में मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर, जिन्हें पीके के नाम से भी जाना जाता है, ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की फिर से सफल होने की भविष्यवाणी की है।

न्यूज एजेंसी PTI को दिए एक इंटरव्यू में प्रशांत ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में नंबर एक पार्टी बनने जा रही है। तेलंगाना में बीजेपी पहले या दूसरे नंबर पर रह सकती है। तमिलनाडु में बीजेपी का वोट शेयर दोहरे अंक तक पहुंच सकता है।
पीके ने कहा कि विपक्ष की सुस्त और कमजोर रणनीति की वजह से बीजेपी को दक्षिण और पूर्वी भारत में फायदा होता दिख रहा है। इन दो क्षेत्रों में 2019 के मुकाबले पार्टी के वोट शेयर और सीटें बढ़ सकती हैं।
लेकिन सवाल ये है कि क्या राजनीतिक पर्यवेक्षक प्रशांत किशोर के अनुमानों से सहमत हैं? उनके मुताबिक जमीनी हकीकत क्या है?
बीजेपी का 400 पार का लक्ष्य
पीके ने जिन पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में बीजेपी के बढ़त की भविष्यवाणी की है, वे 192 सांसद लोकसभा भेजते हैं। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल (42), ओडिशा (21), आंध्र प्रदेश (25), तेलंगाना (17), तमिलनाडु (39), कर्नाटक (28) और केरल (20) आते हैं।
प्रशांत किशोर ने पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा तथा दक्षिणी राज्यों तेलंगाना और तमिलनाडु में भाजपा को लाभ मिलने की भविष्यवाणी की है लेकिन उन्होंने तीन अन्य राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहेगा, इसका उल्लेख नहीं किया।
2019 के लोकसभा चुनाव में जहां बीजेपी ने कर्नाटक में जीत हासिल की, वहीं पश्चिम बंगाल में भी उसने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इसके अलावा ओडिशा और तेलंगाना में बीजेपी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। वहीं, बीजेपी को तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में एक भी सीट नहीं मिली।
कर्नाटक में फिर मिलेगी सफलता?
इन राज्यों की कुल 192 सीटों में से बीजेपी को सिर्फ 55 सीटें मिलीं। इसमें से बीजेपी सिर्फ कर्नाटक में 25 सीटें जीतने में सफल रही। कर्नाटक में 28 लोकसभा सीटें हैं। वरिष्ठ पत्रकार रामकृष्ण उपाध्याय ने इंडिया टुडे को बताया कि कर्नाटक में 28 में से 25 सीटें बरकरार रखना बड़ी बात होगी। उनका मानना है कि बीजेपी कर्नाटक में इससे बेहतर सफलता नहीं हासिल कर पाएगी।
ओडिशा में बीजेपी को बढ़त!
अगर बात ओडिशा की की जाए तो यहां पर बीजेपी, बीजू जनता दल को चुनौती देती नजर आएगी। ओडिशा में 21 लोकसभा सीटें हैं जहां पर पिछली बार बीजेपी को 8 सीटें मिली थीं। ओडिशा की राजनीति के बारे में बेहतर जानकारी रखने वाले अनुभवी पत्रकार राजाराम सत्पथी ने इंडिया टुडे को बताया कि बीजेपी इस बार यहां पर 15-16 सीटें जीत सकती है। उनके मुताबिक ये अधिक भी हो सकता है। उनके मुताबिक इस तटीय राज्य में मोदी फैक्टर मजबूत दिख रहा है जबकि नवीन पटनायक के खिलाफ हवा दिख रही है।
प. बंगाल में भाजपा और मजबूत होगी
पीके की भविष्यवाणी के मुताबिक बीजेपी पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। पिछली बार 2019 में बीजेपी को यहां पर अभूतपूर्व सफलता मिली थी। बीजेपी को यहां पर 18 सीटें मिले थे जोकि टीएमसी से 4 कम थे मगर फिर भी इसे ऐतिहासिक कहा गया। बीजेपी को 40 फीसदी वोट मिला था।
वरिष्ठ पत्रकार जयंत घोषाल इंडिया टुडे से बातचीत में कहते हैं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक भी भाजपा विधायक नहीं था, तब बीजेपी को ये जबरदस्त सफलता मिली थी। अब बीजेपी के वहां पर 77 विधायक हैं। घोषाल ने कहा कि बंगाल में बीजेपी को कितनी सीटें मिलेंगी यह एक अलग कहानी है, लेकिन इससे उसका वोट शेयर बढ़ने की पूरी संभावना है।
वरिष्ठ पत्रकार का कहना है कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते बीजेपी को फायदा होगा अगर वह वामपंथियों और कांग्रेस के वोटों को अपनी ओर ट्रांसफर करने में सक्षम हो जाती है। हालांकि, घोषाल ने ये भी कहा कि CAA का मुद्दा बीजेपी के खिलाफ अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट कर सकता है और सीटों में वृद्धि की संभावना को कम कर सकता है।
तमिलनाडु में क्या होगा?
तमिलनाडु में बीजेपी का विशेष ध्यान है और यहां पर पार्टी खूब मेहनत कर रही है। पीके के अनुमान के मुताबिक यहां बीजेपी का मत शेयर 10 फीसदी जा सकता है। चेन्नई के एक रणनीतिकार ने बीजेपी को बताया कि तमिलनाडु में इंडिया गुट काफी मजबूत है। ऐसे में बीजेपी का वोट शेयर कुछ बढ़ जाए मगर वहां एक सीट जीतने की स्थिति में नहीं है।
तेलंगाना में बीजेपी को मिलेगा फायदा?
पीके की भविष्यवाणी के मुताबिक तेलंगाना में बीजेपी पहले या दूसरे नंबर की पार्टी होगी। विश्लेषकों के मुताबिक यह बिल्कुल भी आश्चर्यजनक भविष्यवाणी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी तेलंगाना में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। उसे चार सीटें मिली थीं और वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से पीछे थी, जिसे नौ सीटें मिली थीं। कांग्रेस तीन सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
असली सवाल यह है कि क्या बीजेपी तेलंगाना में आगे बढ़ पाएगी, जहां अब कांग्रेस की सरकार है? कुछ विशेषज्ञ तेलंगाना में भाजपा को वोट शेयर हासिल करते हुए देख रहे हैं और इसका असर उसकी सीटों की संख्या में बढ़ोतरी के रूप में दिख रहा है। जबकि अन्य लोग असहमत हैं, उनका कहना है कि मोदी फैक्टर काम नहीं करेगा और ऋण माफी जैसे स्थानीय मुद्दे मतदाताओं के बीच जोर पकड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक तेलंगाना में बीजेपी के मत बढ़ेंगे मगर उसे सीटों का बहुत अधिक लाभ नहीं मिलेगा।
आंध्र प्रदेश में एनडीए को मिलेगी बड़ी जीत!
प्रशांत किशोर ने आंध्र प्रदेश को लेकर कहा कि वहां पर इस बार मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के लिए वापस आना बहुत मुश्किल होगा। आंध्र प्रदेश में बीजेपी चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी की जूनियर पार्टनर है। टीडीपी और बीजेपी के पास पवन कल्याण की जन सेना पार्टी भी सहयोगी है।
आंध्र प्रदेश के एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने इंडिया टुडे से कहा कि यहां पर एनडीए 25 में से 18-19 सीटें जीत सकती है। उनका मानना है कि आंध्र में एनडीए एक बड़ी सफलता हासिल करने जा रही है।
केरल में बीजेपी को करना पड़ सकता है इंतजार!
पीके ने केरल में बीजेपी के प्रभाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि विश्लेषकों के मुताबिक केरल में बीजेपी को इंतजार करना पड़ सकता है। इस बार कुछ लोगों का मानना है कि तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में दिलचस्प मुकाबला हो सकता है, बीजेपी की नजर इन दोनों सीटों पर है और वह जमकर प्रचार कर रही है।
केरल के राजनीतिक पर्यवेक्षक जोसेफ सी मैथ्यू ने इंडिया टुडे को बताया कि केरल में बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिलेगी। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में इसके वोट शेयर में मामूली वृद्धि देखी जा सकती है। जोसेफ सी मैथ्यू ने वेबसाइट से कहा कि वायनाड में बीजेपी की जमानत जब्त होने की पूरी संभावना है। बीजेपी को अपने राज्य पार्टी अध्यक्ष के सुरेंद्रन को इस तरह अपमानित नहीं करना चाहिए।
पीके का दावा कितना सही?
पूर्वी राज्यों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन की प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी ओडिशा के संदर्भ में सटीक लगती है, जबकि पश्चिम बंगाल के मामले में यह इतना आसान नहीं हो सकता है। तेलंगाना में, भाजपा को लाभ होने की संभावना है, लेकिन यह बहुत बड़ा नहीं हो सकता है। केरल और तमिलनाडु में वोट शेयर बढ़ने के बावजूद बीजेपी का संघर्ष जारी रहने की संभावना है। कर्नाटक, जिस पर पार्टी को बड़ी उम्मीद है, वहां भी भाजपा के लिए राह आसान नहीं दिख रही है।
-
गढ़वाल के हरिद्वार में पहले अमित शाह, कुमाऊं से अब राजनाथ सिंह, जानिए क्या है भाजपा का मिशन-2027 'हैट्रिक' -
BJD MLA suspension: नवीन पटनायक ने एक झटके में 6 विधायकों को पार्टी से निकाला, हिल गई पूरी ओडिशा पॉलिटिक्स! -
West Bengal Election: 2021 में जहां एकतरफा थी जीत, 2026 में वहीं होगा असली खेल! ये 10 सीटें बनेंगी ‘गेम चेंजर’ -
Puducherry Elections: चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव! अरुलमुरुगन को मिला टिकट, क्या होगा इसका असर? -
BJP नेता, मुलायम सिंह की छोटी बहू पति संग आइसलैंड में मस्ती करती आईं नजर, टूटते टूटते बची थी शादी -
Gold Rate Today: फिर सस्ता हो गया सोना, हाई से 28,000 तक गिरे भाव, अब कितने में मिल रहा है 22K और 18K गोल्ड -
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया












Click it and Unblock the Notifications