गुलाबी रंग के 2000 के नोट को साढ़े छह साल की उम्र में ही क्यों RBI ने कर दिया रिटायर, जानें वजह
2000 currency notes withdraw: गुलाबी रंग के 2000 के नोट अब आपको देखने को मिलेंगे क्योंकि आईबीआई ने इन नोंटों के चलन पर रोक लगा दी है।

2000 currency notes withdraw: केंद्रीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को 2000 रुपये (2000 Rupees Note) के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला सुनाया है। आरबीआई ने इसको लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें बैंकों को किसी भी कस्टमर को 2000 के नोट ना देने की सलाह दी है। रिजर्व बैंक का ये आदेश 19 मई 2023 से लागू हो गया है। हालांकि 30 सितंबर तक 2000 रुपए के नोट वैध रहेंगे।
जानें क्यों नहीं चिंता करने की है जरूरत
2000 के नोट चलन से बाहर तो किए गए हैं लेकिन इसको लेकर किसी को भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आरबीआई ने साफ किया कि अभी 2000 का नोट भारत की वैध मुद्रा है। जिसके पास ये नोट हैं, वो 30 सितंबर तक बैंकों में जमा कर सकते हैं।
2016 नवंबर के बाद चलन में आए थे ये गुलाबी नोट
बता दें इससे पहले पिछली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की पिछली सरकार में 8 नवंबर 2016 को आरबीआई ने अचानक देर रात 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला सुनाया था। ये जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात देश को संबोधित करते हुए ये फैसला सुनाया था। भारत में 2000 रुपये (2000 Rupees Note) के नए नोट् प्रचलन में आए थे। आइए आखिर ऐसा क्या हुआ जो अचानक आरबीआई ने2000 के नोट चलन से बाहर करने का निर्णय लिया।
कोरोना काल से ही बंद हो गई थी छपाई
नोटबंदी के दौरान जारी किए गए गुलाबी रंग के 2 हजार रुपये के नोट मार्केट लंबे समय से गायब है। 2018 के बाद इनका चलन धीरे-धीरे कम होता गया ये नोट केवल 20016 से 2017 तक ही सबसे अधिक चलन में रहे। इस वित्तीय वर्ष में 2000 के 33,630 लाख नोट चलन में थे।
आरबीआई ने वार्षिक रिपोर्ट में दिए थे ये संकेत
कुछ समय पहले ही करोड़ों के नोट चलन से बाहर 2019-20 से 2000 जब कोरोना काल था तभी से दो हजार रुपये के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है। आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट बंद करने की योजना पहले से कर चुकी थी। केंद्रीय बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र है कि वित्त वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में 2000 रुपये के नोट एकदम नहीं छपे। इस वजह से वो अब बाजार में कम देखने को मिलते हैं।
जानिए क्यों बंद किए गए गुलाबी रंग के प्यारे नोट
विशषज्ञों की माने तो बड़ी नोट की छपाई का खर्चा भी अधिक आता है, इसलिए गुलाबी नोटों का चलन से धीरे से खत्म कर दिया गया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले 2000 के बाद दो हजार के नोट छापे ही नहीं। ये पूरा मामला नोटबंदी में ही छिपा है। याद रहे 8 नवंबर 2026 में 500 और 1000 के नोट भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए ये काफी जरूरी बताकर बंद किए थे। सरकार लोगों के काले धन निकलवाने के लिए भी ऐसे नोटबंदी के प्रयोग करती है।
नए साल पर आए मैसेज ने उड़ा दी थी लोगों की नींद
आपको याद हो तो 1 जनवरी 2023 की तारीख के पहले लोगों के मोबाइल पर ऐसा मैसेज सर्कुलेट हो रहा था जिसमें ऐसा ही दावा ही किया गया था कि सरकार नए साल यानी जनवरी को नोटबंदी का ऐलान करने वाली है. अबकी बार 1 जनवरी से 2000 के नोट की वैद्यता खत्म की जाएगी। हालांकि तब ऐसा नहीं हुआ लेकिन आपने ध्यान दिया हो तो एटीएम से दो हजार के नोट मिलना बंद हो गए थे। ऐसा तभी होता है जब कोई नोट बंद होने वाली होती है। उसे धीरे-धीरे चलन से बाहर किया जाता है।












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