लोकसभा चुनाव 2019: कौन हैं अन्नपूर्णा शुक्ला, जिनके पैर छूकर पीएम मोदी ने किया नामांकन
नई दिल्ली। बीते शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा। यहां नामांकन कक्ष में पहुंचकर उन्होंने प्रस्तावक अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। ऐसे में लोग इस बाद से चकित हो गए कि आखिर ये महिला कौन है और पीएम ने नामांकन से पहले इनके पैर क्यों छुए? यहां हम आपको बता रहे हैं कि आखिर 91 साल की अन्नपूर्णा शुक्ला मोदी के लिए क्यों इतनी खास है।

मदन मोहन मालवीय से है अन्नपूर्णा का नाता
अन्नपूर्णा शुक्ला को मदन मोहन मालवीय की मानस पुत्री माना जाता है। वे बीएचयू महिला महाविद्यालय की प्राचार्या रह चुकी हैं और उन्होंने बीएचयू से ही मेडिकल की पढ़ाई की है। बता दें कि वे मदन मोहन मालवीय का आशीर्वाद पाने वाली एकमात्र जीवित पूर्व प्राचार्या हैं। यही वजह है कि उन्हें मालवीय की दत्तक पुत्री भी कहा जाता है। वे लहुराबीर पर स्थित काशी अनाथालय की संस्था वनिता पालीटेक्निक की मानक निदेशिका हैं।

इस उम्र में भी करती हैं सामाजिक कार्य
अन्नपूर्णा शुक्ला इस उम्र में भी सामाजिक कार्य में जुटी रहती हैं। सन 1921 में जब बीएचयू के वीमेंस कालेज की स्थापना हुई तब प्रोफेसर अन्नपूर्णा ने गृह विज्ञान की अहमियत को समझाते हुए गृह विज्ञान शिक्षा विभाग की शुरूआत कराई। इसके लिए उन्हें पूरे 15 साल संधर्ष करना पड़ा था।

कराई थी वनिता पॉलिटेक्निक की स्थापना
अन्नपूर्णा गृह विज्ञान विभाग की पहली हेड प्रोफेसर बनीं। गौरतलब है कि कश्मीर के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट में भी होम साइंस विभाग की शुरुआत कराने के श्रेय अन्नपूर्णा शुक्ला को ही जाता है। साल 1991 में उन्होंने काशी अनाथालय के भीतर वनिता पॉलिटेक्निक की स्थापना कराई।
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