'128 kmph की रफ्तार से थी ट्रेन और ड्राइवर ने अचानक लगा दिए इमरजेंसी ब्रेक...', क्यों हुआ बिहार रेल हादसा?
North East Express Train Accident Driver: बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर 11 अक्टूबर की रात 9:53 बजे दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट सुपरफास्ट एक्सप्रेस (नंबर- 12506) के 21 डिब्बे पटरी से उतर गए। 23 कोचों वाली ये ट्रेन आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन से दिल्ली से कामाख्या जाने के लिए निकली थी। हादसे में अब तक 04 लोगों की मौत हो गई है और 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के 21 डिब्बे पटरी से उतरने के बाद रेलवे विभाग ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच से पता चलता है कि जब ट्रेन रात करीब 9.40 बजे 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी, तब ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया था।

हालांकि ड्राइवर ने 128 kmph की रफ्तार से चल रही ट्रेन में अचानक इमरजेंसी ब्रेक क्यों लगाया, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। सूत्रों ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस डिरेल होने की वजह पटरियों में खराबी हो सकती है।
ट्रेन के ड्राइवर सहित छह रेलवे अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट में कहा गया है, "ट्रेन बेपटरी इसलिए हुई क्योंकि पटरियों में खराबी हो सकती है।''

ट्रेन में सवार लोको पायलट ने क्या कहा?
रिपोर्ट में लोको पायलट का एक बयान भी शामिल है। लोको पायलट ने कहा कि ट्रेन 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रघुनाथपुर स्टेशन से गुजरी थी, जिसके पास ये दुर्घटना हुई। प्लेटफॉर्म को पार करने के फौरन बाद एक गंभीर झटका लगा और कंपन होने लगा था। उसके बाद वह बेहोश हो गया था। बता दें कि हादसे में लोको पायलट आंशिक रूप से घायल हो गया और उसके सहायक को गंभीर चोटें आईं।

प्रारंभिक रिपोर्ट में लोको पायलट के हवाले से कहा गया है कि बहुत ज्यादा कंपन और गंभीर झटके के बाद ही, ब्रेक पाइप का दबाव अचानक कम हो गया और ट्रेन रात 9:52 बजे पटरी से उतर गई।
इसमें रघुनाथपुर स्टेशन के एक गेटमैन और एक पॉइंटमैन के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने ट्रेन के पहियों के पास से चिंगारी निकलती देखी। रिपोर्ट में लोको पायलट और उसके सहायक का ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण निगेटिव आया है।
किन 04 लोगों की हुई बिहार रेल हादसे में मौत?
- चार मृतकों में दिल्ली की एक महिला और उसकी एक बेटी शामिल है। पति और एक बेटी की जान बच गई है। ये परिवार एसी कोच में सफर कर रहा था। दिल्ली निवासी उषा भंडारी (33), उनकी बेटी आकृति भंडारी (8) की मौत हो गई है। आपातकालीन ब्रेक लगने पर उषा और आकृति एसी कोच के गेट के पास थीं और पटरी पर गिर गई थीं।
- जबकि तीसरा मृतक अबू जायद कथित तौर पर किशनगंज का रहने वाला है, जबकि चौथे व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।












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